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Agra: हाथों से बना तीन फीट ऊंचा मुकुट पहनेंगे श्रीमनकामेश्वर नाथ, 1891 से शुरू शोभा यात्रा का 133वां आयोजन

Thu, 28 Sep 2023 12:38 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 28 Sep 2023 12:38 PM IST
सार

आगरा में श्रीमनकामेश्वर नाथ हाथों से बना तीन फीट ऊंचा मुकुट पहनेंगे। 1891 से शुरू शोभा यात्रा का इस बार 133वां आयोजन होना है। 

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Shri Mankameshwar Nath will wear three feet high crown made by hands in Agra
शोभायात्रा से पहले तैयार मुकुट तैयार करते हुए कारीगर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में लकड़ी और कागज के गत्ते से बना तीन फीट का चमचमाता मुकुट श्रीमनकामेश्वर नाथ को शुक्रवार के दिन पहनाया जाएगा। सन 1891 में शुरू की गई मोहल्ले की मुकुट शोभायात्रा श्री रामलीला महोत्सव का अभिन्न अंग बन गई है। प्रजापति समाज मुकुट तैयार करता है और कोरी समाज के लोग धूमधाम के साथ शोभायात्रा निकालकर मुकुट भगवान मनकामेश्वर बाबा को चढ़ाएंगे।

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29 सितंबर को अपराह्न 2 बजे टीला कालीबाड़ी चित्रा रामलीला महोत्सव के प्रथम चरण में भगवान श्रीमनकामेश्वर महादेव को मुकुट चढ़ाया जाएगा। शोभायात्रा शुरू होने से एक सप्ताह पहले मुकुट बनाना शुरू हो जाता है। घटिया आजम खां निवासी प्रजापति समाज के काके बाबू ने बताया कि वह तीसरी पीढ़ी का हिस्सा हैं। 
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दादा फतेह सिंह ने मुकुट बनाना शुरू किया था। उसके बाद पिता सुरेश चंद्र मुकुट बनाते थे। मुकुट का सारा काम हाथों से किया जाता है। बांस की खपच्ची और कागज के गत्ते से मुकुट तैयार होता है। तीसरी पीढ़ी में मैं मुकुट बना रहा हूं। बेटे को भी मुकुट बनाना सिखा रहा हूं।

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इस साल 133वां मुकुट पहनेंगे महादेव

श्री मुकुट शोभायात्रा समिति के सदस्य सोमनाथ ने बताया कि 1891 में स्व. करन सिंह कोरी ने सर पर मुकुट रखकर शोभायात्रा शुरू की थी। मोहल्ले के लोग बांसुरी, तबला, ढोलक बजाते हुए श्रीमनकामेश्वर नाथ महादेव मंदिर पर मुकुट अर्पित करने पहुंचे थे। सन 1961 में पहली बार स्व. बाबू लाल ने चांदी का रथ भेंट के रूप में दिया था, तब से चांदी के रथ पर मुकुट रखकर शोभायात्रा निकाली जाती है। यह महोत्सव कोरी समाज के हजारों लोगों का सबसे बड़ा आयोजन है।

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