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Mathura Case: ईदगाह के कोर्ट कमीशन सर्वे पर एडीजे ने दिए त्वरित सुनवाई के आदेश, एक दिन में सुनवाई पूरी न हुई तो हर दिन होगी सुनवाई

Thu, 26 May 2022 08:48 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 26 May 2022 08:48 PM IST
सार

मथुरा जिला अदालत में केस दायर करके नारायणी सेना के मनीष यादव ने कहा है कि जन्मभूमि की जमीन पर ही ईदगाह बनी है। इसे हटाया जाए। कोर्ट कमीशन का गठन करके जांच करने की भी मांग की, ताकि सबूतों को एकत्र किया जाए।
 

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Shri krishna janmabhoomi dispute case ADJ ordered a speedy hearing on court commission survey of Idgah
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह प्रकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद का मामला गर्माता जा रहा है।  ईदगाह पर कोर्ट कमीशन की मांग कर रहे अधिवक्ताओं को रिवीजन में हुई सुनवाई में एडीजे सप्तम की अदालत ने सुनवाई टाली न जाने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा है कि कोर्ट कमीशन की मांग की सुनवाई को नियत तिथि पर सुना जाएगा। 
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ज्ञानवापी की तर्ज पर मथुरा में शाही ईदगाह के कोर्ट कमीशन या फिर अधिवक्ता कमीशन के सवाल पर ठाकुर केशवदेव केस के वादी एडवोकेट राजेंद्र माहेश्वरी व अन्य जिला जज की अदालत में गए। जहां से उनकी सुनवाई एडीजे सप्तम संजय चौधरी की अदालत में चली। सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश किया कि नियत तिथि के बाद यदि इस मुद्दे पर एक दिन में सुनवाई पूरी नहीं होती है तो प्रत्येक दिन सुनवाई की जाए।
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बता दें 23 मई को ठाकुर केशवदेव जी महाराज आदि बनाम इंतजामिया कमेटी आदि के पक्षकार यूनाईटेड हिंदू फ्रंट के कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान, धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़, अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी, एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायाधीश ज्योति सिंह की अदालत से मांग की गई थी कि चूंकि जून से सिविल कोर्ट एक माह के लिए बंद हो जाएंगी, लिहाजा कोर्ट और अधिवक्ता कमीशन की मांग की जल्द से जल्द सनवाई की जाए लेकिन सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने एक जुलाई की तारीख तय कर दी थी। इससे असंतुष्ट अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी आदि बृहस्पतिवार को जिला जज राजीव भारती की अदालत में रिवीजन में गए। 
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जिला जज ने संबंधित कोर्ट एडीजे सप्तम संजय चौधरी की अदालत में सुनवाई के लिए भेजा। रिवीजन की सुनवाई एडीजे सप्तम की अदालत में हुई। लंबी सुनवाई के बाद तक अदालत में चली बहस के बाद न्यायालय ने सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट को कमीशन सर्वे की सुनवाई के लिए आदेश दिया कि अब सर्वे के मामले की सुनवाई टाली नहीं जाएगी। नियत तिथि पर यदि इसकी सुनवाई पूरी नहीं हो पाती तो इसकी दिन प्रतिदिन सुनवाई की जाए। वादी अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि एडीजे सप्तम ने रिवीजन में सुनवाई का आदेश दिया है कि नियत तिथि पर सुनवाई टाली नहीं जाएगी यदि उस दिन सुनवाई पूरी नहीं होती तो हर दिन सुनवाई की जाएगी। पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रिवीजन के आदेश के बाद अब सर्वे की मांग पर जल्द सुनवाई हो सकेगी। संवाद

जब ईश्वर निराकार तो हर जगह विराजमान

रिवीजन में सुनवाई के दौरान अदालत में संत महामडलेश्वर कृष्णानंद, मोहिनी बिहारी शरण, डॉ. आदित्यानंद गिरी महाराज के अलावा अन्य संत भी मौजूद थे। इस दौरान न्यायालय में ईश्वर के निराकार स्वरूप को लेकर चर्चा प्रारंभ हो गई, जिसमें कहा गया कि जब ईश्वर निराकार है तो फिर हर जगह ही विराजमान है। इसका संतों ने सरल स्वभाव में बहुत अच्छी प्रकार से जवाब दिया।  

लाउडस्पीकर हटवाने के लिए दिया प्रार्थनापत्र

अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बृहस्पतिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के निकट मौजूद ईदगाह से लाउडस्पीकर हटवाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। उन्होंने प्रार्थनापत्र में कहा कि वह एक दिन रात को ईदगाह के पास सोये सुबह करीब 4 बजकर 30 मिनट पर ईदगाह के लाउडस्पीकर से उनकी नींद में व्यवधान हुआ। उन्होंने अदालत से प्रार्थना की है कि वह डीए को निर्देशित कर ईदगाह से लाउडस्पीकर को हटवाएं। 

उपासना स्थल अधिनियम के लिए अदालत में दिया प्रार्थनापत्र

नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में चल रहे वाद में उपासना स्थल अधिनियम 1991 के लागू न होने के दावे से संबंधित प्रार्थनापत्र हाईकोर्ट में दिया है। प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि जिस प्रकार से रंजना अग्निहोत्री के वाद को अदालत ने उपासना स्थल अधिनियम से अलग माना है, उसी प्रकार से उनके वाद में भी उपासना स्थल अधिनियम लागू नहीं होता। मनीष यादव ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है।

 

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