श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामला : मथुरा की अदालत में 25 जुलाई से इस केस के स्थायित्व पर रोजाना होगी सुनवाई
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले के पक्षकार एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह और राजेंद्र माहेश्वरी ने शाही ईदगाह का सर्वे कराने की मांग को लेकर कोर्ट कमीशन गठित करने के लिए याचिका डाली थी। इस याचिका के स्थायित्व को लेकर 25 जुलाई से प्रतिदिन सुनवाई होगी।
विस्तार
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद के मामले में एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह और राजेंद्र माहेश्वरी के केस में गुरुवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने केस के स्थायित्व पर पहले सुनवाई का निर्णय दिया है। अदालत ने निर्णय में कहा है कि 25 जुलाई से केस के स्थायित्व संबंधी बिंदु पर प्रतिदिन दोपहर तीन बजे से सुनवाई की जाएगी। इस निर्णय का प्रतिवादी पक्ष ने स्वागत किया है, जबकि पक्षकारों ने अग्रिम कोर्ट में जाने की बात कही है।
18 जुलाई को सिविल जज सीनियर डिवीजन ज्योति सिंह की अदालत में पक्षकार एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह, एडवोकेट राजेंद्र माहेश्वरी और प्रतिवादी पक्ष इंतजामिया कमेटी के सचिव द्वारा सुनवाई के बिंदु पर बहस पूरी हुई थी। अदालत ने इस संबंध में निर्णय को रिजर्व कर लिया गया था। गुरुवार को अदालत ने निर्णय देते हुए कहा है कि अब पहले केस के स्थायित्व (7 रूल 77 सीपीसी) के मुद्दे पर सुनवाई होगी। यह सुनवाई 25 जुलाई से प्रतिदिन अपरान्ह तीन बजे से होगी।
निर्णय से संतुष्ट नहीं पक्षकार
पक्षकार अधिवक्ताओं ने बताया इस निर्णय से कोर्ट कमीशन के सर्वे का बिंदु पिछड़ जाएगा। वह इस आदेश से संतुष्ट नहीं हैं। वह इस आदेश को लेकर अग्रिम न्यायालय में जाएंगे। उधर प्रतिवादी पक्ष में से एक शाही ईदगाह के इंतजामिया कमेटी के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि अदालत ने विधिक रूप से अच्छा निर्णय लिया है। हमने इस संबंध में अदालत के समक्ष सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट रूलिंग रखी थी।
क्या था अदालत में मामला
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले के पक्षकार ईदगाह परिसर का कोर्ट कमीशन नियुक्त कर सर्वे कराना चाहते हैं, जिससे वहां की वस्तु स्थिति से अदालत अवगत हो सके। जबकि प्रतिवादी पक्ष की मांग थी कि पहले इस मुद्दे पर अदालत में बहस होनी चाहिए कि वादी पक्षों द्वारा दाखिल केस अदालत में चलने योग्य है या नहीं।
क्या हैं विकल्प
पक्षकार अब इस निर्णय को जिला जज की अदालत में चुनौती दे सकते हैं। पक्षकार पूर्व में ही कोर्ट कमीशन के मद्दे पर सुनवाई के बिंदु पर जिला जज की अदालत में रिवीजन में गए थे। जहां से उनके प्रार्थना पत्र पर एडीजे सप्तम संजय चौधरी की अदालत में सुनवाई की गई। उक्त अदालत ने त्वरित सुनवाई के आदेश भी दिए थे।
नारायणी सेना के केस पर 28 जुलाई को सुनवाई
नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव के केस में 19 जुलाई को हाईकोर्ट में फाइलों में आग लगने संबंधी घटना होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी। पक्षकार ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में अब 26 जुलाई को सुनवाई होगी। जबकि मथुरा के सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में 28 जुलाई को सुनवाई होगी। हाईकोर्ट में कोर्ट कमीशन से सर्वे कराने के लिए याचिका दायर की गई थी।
दुष्यंत के केस की सुनवाई 25 अगस्त को
गुरुवार को बार एसोसिएशन द्वारा नो वर्क घोषित किए जाने के चलते सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने कैलाश नगर निवासी दुष्यंत सारस्वत द्वारा अदालत के समक्ष पेश किए गए केस में सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की गई है। जानकारी रहे कि उनके द्वारा श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संबंधित 13.37 एकड़ जमीन पर दावा पेश किया गया है।
गुरुवार को अखिल भारत हिंदू महासभा के केस में सुनवाई
अखिल भारत हिंदू महासभा के कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा के केस में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में शुक्रवार को सुनवाई होगी। दिनेश शर्मा ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करके किसी वरिष्ठ अधिवक्ता को ईदगाह भेजने की मांग उठाई है, जिससे ईदगाह का सर्वे कराया जा सके और प्राचीन साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके। सिविल जज अदालत में कोई कार्रवाई न होने पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष इस बिंदु को लेकर जिला जज की अदालत में रिवीजन में गए। उन्होंने बताया कि अब उनके मामले में 22 जुलाई को सुनवाई होगी।