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Agra News: नोटिस के बाद नाले पर बनी दुकानों को किया जा रहा खाली
Thu, 16 Jul 2026 02:39 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 16 Jul 2026 02:39 AM IST
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आगरा। बीते सप्ताह जामा मस्जिद के पीछे सुभाष बाजार में नाले पर बनी दुकान के गिर जाने से महिला की मौत के बाद नगर निगम ने बाकी बची 9 दुकानों को नोटिस जारी किए हैं। तीन दिन में दुकानें खाली कर शिफ्ट करने के नोटिस के बाद दुकानदाराें ने सामान निकालना शुरू कर दिया है। बुधवार को पूरे दिन दुकानदार सामान बांधकर दूसरी जगह ले जाने के काम में जुटे रहे। व्यापारियों ने नाले पर नगर निगम की जर्जर हो चुकी दुकानों को जल्द तोड़कर फिर से बनाने की मांग की है।
नगर निगम ने सुभाष बाजार में बीते सप्ताह दुकान ढह जाने से हुई महिला की मौत के बाद नाले पर बनी दुकानों को नोटिस जारी कर तीन दिन का समय दिया। नोटिस मिलते ही दुकानदारों ने बुधवार को अपना सामान निकालना शुरू कर दिया। निगम ने दुकानदारों को नोटिस देने की जगह दुकानों पर चस्पा किया है। निगम ने इन दुकानों को अवैध करार देते हुए तोड़ने और सामान हटाने के लिए कहा है। इस बीच आगरा व्यापार मंडल ने नगर निगम के नोटिस को गलत करार दिया। आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम इन दुकानों को अवैध बताना बंद करे। यह दुकानें वर्ष 1977 में नगर निगम ने ही आवंटित की थीं। 9 जून को व्यापारी इन जर्जर दुकानों के संबंध में नगर आयुक्त और मेयर को ज्ञापन दे चुके हैं। ऐसे में यह दुकानें अवैध कैसे हुईं। निगम इन्हें खाली कराकर तोड़कर फिर से बनाकर दे ताकि फिर से कोई हादसा न हो। करीब 50 साल पुरानी दुकानों का नाले पर बना फर्श जर्जर हो चुका था। इसे तोड़कर सुरक्षा मानकों के मुताबिक बनाया जाए।
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नगर निगम ने सुभाष बाजार में बीते सप्ताह दुकान ढह जाने से हुई महिला की मौत के बाद नाले पर बनी दुकानों को नोटिस जारी कर तीन दिन का समय दिया। नोटिस मिलते ही दुकानदारों ने बुधवार को अपना सामान निकालना शुरू कर दिया। निगम ने दुकानदारों को नोटिस देने की जगह दुकानों पर चस्पा किया है। निगम ने इन दुकानों को अवैध करार देते हुए तोड़ने और सामान हटाने के लिए कहा है। इस बीच आगरा व्यापार मंडल ने नगर निगम के नोटिस को गलत करार दिया। आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम इन दुकानों को अवैध बताना बंद करे। यह दुकानें वर्ष 1977 में नगर निगम ने ही आवंटित की थीं। 9 जून को व्यापारी इन जर्जर दुकानों के संबंध में नगर आयुक्त और मेयर को ज्ञापन दे चुके हैं। ऐसे में यह दुकानें अवैध कैसे हुईं। निगम इन्हें खाली कराकर तोड़कर फिर से बनाकर दे ताकि फिर से कोई हादसा न हो। करीब 50 साल पुरानी दुकानों का नाले पर बना फर्श जर्जर हो चुका था। इसे तोड़कर सुरक्षा मानकों के मुताबिक बनाया जाए।
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