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Lockdown: रोजी-रोटी के लिए बदला तरीका, घर-घर जाकर सामान बेच रहे दुकानदार
Thu, 16 Apr 2020 02:37 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 16 Apr 2020 02:37 PM IST
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लोडर से सामान बेचता दुकानदार
- फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन के बाद कई लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में परिवार के भरण-पोषण के लिए किसी ने धंधा बदल लिया तो किसी ने तरीका। इनमें छोटे दुकानदार भी शामिल हैं, जिनकी दुकानें बंद हो गई। ये अब फेरी लगाकर सामान बेच रहे हैं।
आगरा के गैलाना रोड निवासी राजेश की दुकान है, जो लॉकडाउन के कारण बंद है। राजेश अब लोडर में दालें व अन्य खाद्य पदार्थ भरकर घर-घर जाकर बेच रहे हैं। हालांकि उसने इसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली है। जो लॉकडाउन का उल्लंघन है।
राजेश का कहना है कि लॉकडाउन में उसकी किराना की दुकान बंद हो गई। परिवार के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया। बच्चों को पेट करने के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा। इसलिए वो लोडर में दालें भरकर घर-घर जाकर बेच रहा है।
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बता दें कि लॉकडाउन के बाद जिन दुकानें बंद हो गईं वो मोहल्लों में सब्जी-फल बेचने लगे हैं। जो चाऊमीन, चाट-गोलगप्पे बेचते थे। वे भी ढकेल पर सब्जी रखकर फेरी लगा रहे हैं। इनमें किसी ने प्रशासन से अनुमति ली तो किसी ने नहीं।
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आगरा के गैलाना रोड निवासी राजेश की दुकान है, जो लॉकडाउन के कारण बंद है। राजेश अब लोडर में दालें व अन्य खाद्य पदार्थ भरकर घर-घर जाकर बेच रहे हैं। हालांकि उसने इसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली है। जो लॉकडाउन का उल्लंघन है।
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राजेश का कहना है कि लॉकडाउन में उसकी किराना की दुकान बंद हो गई। परिवार के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया। बच्चों को पेट करने के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा। इसलिए वो लोडर में दालें भरकर घर-घर जाकर बेच रहा है।
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बता दें कि लॉकडाउन के बाद जिन दुकानें बंद हो गईं वो मोहल्लों में सब्जी-फल बेचने लगे हैं। जो चाऊमीन, चाट-गोलगप्पे बेचते थे। वे भी ढकेल पर सब्जी रखकर फेरी लगा रहे हैं। इनमें किसी ने प्रशासन से अनुमति ली तो किसी ने नहीं।