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ताजमहल खुलने से आगरा के जूता उद्योग को मिली रफ्तार, मिला 50 लाख का कारोबार
Sun, 04 Oct 2020 08:55 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 04 Oct 2020 08:55 AM IST
सार
- सामान्य दिनों में 3.5 करोड़ रुपये का होता कारोबार
- 5000 में से 800 कारखानों में काम की शुरुआत हो गई
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जूता उद्योग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ताजमहल खुलने के बाद जूते की लड़खड़ाती चाल को सहारा मिला है। बीते आठ दिनों में घरेलू उद्योग को अनुमानित 50 लाख रुपये का कारोबार मिला है। हालांकि सामान्य दिनों में ये आंकड़ा 3.5 करोड़ रुपये होता है। गनीमत ये है कि 5000 में से 800 कारखानों में काम की शुरुआत हो गई है।
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स्मारक खुलने के बाद आगरा के विभिन्न उद्योगों में जूता उद्योग ही ऐसा है जिसने कारोबार में दहाई का आंकड़ा छू लिया है। जबकि हैंडीक्राफ्ट, जरदोजी, होटल एंड रेस्टोरेंट द्वारा 10 लाख रुपये से कम का कारोबार हुआ है।
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ताज देखने आ रहे सैलानी जूतों की भी खरीदारी करने लगे हैं। जूते के 23 बाजारों में थोड़ी बहुत रौनक छा गई है। हालांकि उद्यमियों का तर्क है कि विदेशी पर्यटक आने के बाद ही उद्योग को वास्तव में पंख लगेंगे।
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800 कारखानों में हुई काम की शुरुआत
जूता दस्तकार फेडरेशन के अध्यक्ष भरत सिंह पिप्पल ने बताया कि बीते आठ दिनों के अंतराल में घरेलू उद्योग को अनुमानित 50 लाख रुपये का कारोबार मिला है। हालांकि सामान्य दिनों की तुलना में ये आंकड़ा 3.5 करोड़ रुपये होता है। गनीमत ये है कि 5000 में से 800 कारखानों में काम की शुरुआत हो गई है।
आंकड़ों की नजर से-
- 5000 घरेलू कारखाने
- 3 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर
- 3 लाख लोगों को रोजगार
- 150 निर्यात इकाइयां
- 4500 करोड़ का टर्नओवर
सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
उद्यमी नीतिन देवनानी ने कहा कि सामान्य दिनों जैसी कारोबारी गतिविधियां शुरू नहीं हुई है। बस राहत ये है कि ताजमहल खुल गया है। जिससे व्यापारी और सैलानी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आगे चलकर काम मुख्यधारा में लौटने की उम्मीद है।
कारोबारियों को मिले अनुमति
आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) के उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने कहा कि ताज खुलने या न खुलने का असर निर्यात इकाइयों पर नहीं पड़ता। हमारे लिए जरूरी है अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स का शुरू होना। पर्यटक नहीं तो कम से कम व्यापार करने वाले यात्रियों को तो आने की अनुमति दी जाए।
जूता दस्तकार फेडरेशन के अध्यक्ष भरत सिंह पिप्पल ने बताया कि बीते आठ दिनों के अंतराल में घरेलू उद्योग को अनुमानित 50 लाख रुपये का कारोबार मिला है। हालांकि सामान्य दिनों की तुलना में ये आंकड़ा 3.5 करोड़ रुपये होता है। गनीमत ये है कि 5000 में से 800 कारखानों में काम की शुरुआत हो गई है।
आंकड़ों की नजर से-
- 5000 घरेलू कारखाने
- 3 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर
- 3 लाख लोगों को रोजगार
- 150 निर्यात इकाइयां
- 4500 करोड़ का टर्नओवर
सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
उद्यमी नीतिन देवनानी ने कहा कि सामान्य दिनों जैसी कारोबारी गतिविधियां शुरू नहीं हुई है। बस राहत ये है कि ताजमहल खुल गया है। जिससे व्यापारी और सैलानी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आगे चलकर काम मुख्यधारा में लौटने की उम्मीद है।
कारोबारियों को मिले अनुमति
आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) के उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने कहा कि ताज खुलने या न खुलने का असर निर्यात इकाइयों पर नहीं पड़ता। हमारे लिए जरूरी है अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स का शुरू होना। पर्यटक नहीं तो कम से कम व्यापार करने वाले यात्रियों को तो आने की अनुमति दी जाए।