हमेशा सपा के लिए लड़ा, चाहता तो 2003 में मुख्यमंत्री बन सकता था: शिवपाल
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शिवपाल ने कहा कि सपा के 147 विधायक थे। दूसरे दल के विधायकों को हमने जोड़ा। नेताजी दिल्ली में थे। मैं चाहता तो मुख्यमंत्री बन सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया। मना करने के बाद भी मैंने नेताजी को मुख्यमंत्री बनाया। यह बातें शिवपाल ने मंगलवार को टूंडला क्षेत्र में जनसभा संबोधित करते हुए कहीं।
शिवपाल यादव ने कहा कि नेताजी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए दिल्ली में बैठाया था, लेकिन वो अपना काम ठीक से नहीं कर सके। रामगोपाल यादव का नाम लिए बिना ही कहा कि जिस आदमी को हमने 25 साल तक राज्यसभा का सदस्य बनाया, उसने ही मेरा व नेताजी का अपमान किया।
रामगोपाल पर निशाना
शिवपाल ने कहा कि चुनाव से पहले एचडी देवगौड़ा, नीतीश कुमार, अजीत सिंह, लालू प्रसाद यादव, शरद कुमार, अंसारी बंधुओं को मिलाकर बड़ा दल खड़ा किया था। इसे तोड़ने वाले रामगोपाल यादव थे और आज वह गठबंधन की बात कर रहे हैं।
पिछले दिनों प्रो रामगोपाल के ‘पूर्वांचल में जाएंगे तो पिटेंगे’ बयान पर शिवपाल ने कहा कि हमने बाराबंकी, फैजाबाद, चंदोसी, बनारस समेत कई शहरों में मीटिंग व सभाएं की हैं। वहां काफी जनाधार मिला। किसी में इतना दम है जो हमें पीट सके। इस पर समर्थकों ने जमकर नारे लगाए।
सर्जिकल स्ट्राइक पर शिवपाल ने कहा कि पीओके में घुसकर सेना ने आतंकी ठिकानों पर जो कार्रवाई की है, वो हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है। भारतीय वायुसेना के इस जज्बे को सलाम है। उन्होंने कहा कि देश के मामले में प्रसपा कोई राजनीति नहीं करती। देश सर्वोपरि है।