{"_id":"59d3bb594f1c1ba0538b58ef","slug":"shivpal-yadav-may-come-in-party-meeting-in-agra","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय अधिवेशन में नया धमाका कर सकते हैं मुलायम, ये है पार्टी के अंदर की बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय अधिवेशन में नया धमाका कर सकते हैं मुलायम, ये है पार्टी के अंदर की बात
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 04 Oct 2017 01:14 PM IST
विज्ञापन
शिवपाल और मुलायम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अप्रत्याशित राजनीतिक दांव चलने के माहिर माने जाने वाले सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में फिर कोई नया धमाका कर सकते हैं। मुलायम सिंह के साथ-साथ शिवपाल सिंह यादव के न सिर्फ सम्मेलन में शामिल होने की चर्चा है।
इसके साथ ही वे पार्टी और कुनबे को बिखरने से बचाने के लिए अखिलेश यादव के साथ सामंजस्य बैठाने के लिए नया फार्मूला भी निकाल सकते हैं। पार्टी में चल रही अंदरूनी चर्चा के अनुसार, सपा का वजूद उत्तर प्रदेश में ही है।
ऐसे में अखिलेश यादव का जोर अपने चाचा को इसी प्रदेश से दूर रखना है। इधर, मुलायम सिंह पार्टी को नहीं टूटने देना चाहते। यही वजह है कि हाल के दिनों में अखिलेश के प्रति उनका रुख नरम हुआ है।
विज्ञापन
इसको देखते हुए वह अखिलेश और शिवपाल को पार्टी में एक साथ बने रहने का नया फार्मूला बना सकते हैं। सूत्रों की मानें तो मुलायम अपने बेटे अखिलेश की इच्छा के अनुसार शिवपाल को प्रदेश से दूर रखने और शिवपाल का पार्टी में वजूद बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भेजने का दांव चल सकते हैं।
विज्ञापन
इसके साथ ही वे पार्टी और कुनबे को बिखरने से बचाने के लिए अखिलेश यादव के साथ सामंजस्य बैठाने के लिए नया फार्मूला भी निकाल सकते हैं। पार्टी में चल रही अंदरूनी चर्चा के अनुसार, सपा का वजूद उत्तर प्रदेश में ही है।
विज्ञापन
ऐसे में अखिलेश यादव का जोर अपने चाचा को इसी प्रदेश से दूर रखना है। इधर, मुलायम सिंह पार्टी को नहीं टूटने देना चाहते। यही वजह है कि हाल के दिनों में अखिलेश के प्रति उनका रुख नरम हुआ है।
विज्ञापन
इसको देखते हुए वह अखिलेश और शिवपाल को पार्टी में एक साथ बने रहने का नया फार्मूला बना सकते हैं। सूत्रों की मानें तो मुलायम अपने बेटे अखिलेश की इच्छा के अनुसार शिवपाल को प्रदेश से दूर रखने और शिवपाल का पार्टी में वजूद बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भेजने का दांव चल सकते हैं।