Shivaji Jayanti 2023: आगरा किले में पहली बार शिवाजी शौर्य गाथा की गूंज, महाराष्ट्र के सीएम शिंदे भी पहुंचे
आगरा किले के दीवाने आम में शिवजन्मोत्सव समारोह का शुभारंभ हुआ। शिवाजी के जीवन को नाट्य महाराष्ट्रीयन संस्कृति के माध्यम से जीवंत किया गया।
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महाराष्ट्र से आए 70 से अधिक कलाकारों ने शिवाजी के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं और आगरा यात्रा का नाट्य मंचन किया। इसमें औरंगजेब के दरबार में शिवाजी की ललकार दिखाई। उनके साहस और स्वाभिमान का जीवंत चित्रण किया। औरंगजेब की ओर से शिवाजी को फिदाई हुसैन की हवेली में नजरबंद करने और वहां से उनके बच निकलने की ऐतिहासिक घटना को नाटक के माध्यम से प्रदर्शित किया।
इससे पहले शिवाजी जयंती पर महाराष्ट्र का लोक नृत्य पोवाड़ा की प्रस्तुति हुई। शिवाजी जन्म पर उन्हें झूला झुलाते हुए पालना गीत गाए गए। फिर इंडिया गॉट टैलेंट के रेत कलाकार सर्वम पटेल ने रेत से पहले भारत माता और फिर उसे निहारते शिवाजी का चित्र बनाया, जिसे देख लोग दंग रह गए। डेढ़ घंटे तक दीवान-ए-आम में गीत, संगीत और छत्रपति शिवाजी के शौर्य और पराक्रम की गाथाएं गीत-संगीत के साथ गूंजती रहीं।
किले में आए मेहमान मंत्रमुग्ध से प्रस्तुतियों पर जय शिवाजी के उद्घोष करते नजर आए। अजिंक्य देवगिरी प्रतिज्ञान अध्यक्ष विनोद पाटिल ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, केंद्रीय रेल राज्यमंत्री राव साहेब दानवे, महाराष्ट्र शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर, औरंगाबाद संरक्षक संदीपनराव, संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार आदि मौजूद रहे।
म्यूजियम के लिए भेंट की प्रतिमा
यूपी के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को विनोद पाटिल ने शिवाजी की 13 फुट ऊंची प्रतिमा म्यूजियम में लगाने के लिए भेंट की। शिल्पग्राम के पास बन रहे मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर मुख्यमंत्री छत्रपति म्यूजियम रख चुके हैं। इस म्यूजियम का निर्माण सीएम की घोषणा के बाद भी अधूरा पड़ा है।
वर्चुअल शामिल हुए सीएम योगी
शिवाजी जयंती समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वर्चुअल रूप से शामिल हुए। लखनऊ से उन्होंने वर्चुअल संवाद करते हुए कहा कि भारत के अंदर गुलामी के कालखंड में हिंदवी स्वराज्य की स्थापना शिवाजी ने की। उन्होंने अनेक युद्ध लड़े। किले जीते। मुगल आक्रांताओं के विरुद्ध स्वराज्य व संस्कृति की रक्षा की। महाराष्ट्र राज्य के साथ यूपी में इस तरह के आयोजन से राष्ट्रीय एकता व अखंडता मजबूत होगी।