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Ashtami 2025 Shubh Muhurat: शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी आज, कन्या पूजन के लिए यहां देखें शुभ मुहूर्त
Tue, 30 Sep 2025 07:46 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 30 Sep 2025 07:46 AM IST
सार
Shardiya Navratri Ashtami 2025: महाअष्टमी का कन्या पूजन 30 सितंबर यानी आज किया जा रहा है। महाअष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। नौ छोटी कन्याओं को देवी दुर्गा के नौ रूपों के रूप में मानकर इस दिन उनकी पूजा की जाती है।
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दुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजन का महत्व
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शारदीय नवरात्र में मंगलवार को अष्टमी और बुधवार को महानवमी मनाई जाएगी। श्रद्धालु अष्टमी पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी और नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना करेंगे।
प्रमुख देवी मंदिरों, दुर्गा पंडालों एवं घरों में हवन-पूजन के साथ माता की पूजा-अर्चना की जाएगी। ज्योतिषाचार्य डॉ. पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि माता गौरी में ही भगवान शिव की सभी शक्तियां निहित हैं। नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों को सिद्धियां और मनचाहे फल की प्राप्ति होती है।
नवरात्र की नवमी पर माता सिद्धिदात्री की पूजा के साथ यज्ञ, पूजन किया जाता है। इस दिन कन्या पूजन के उपरांत श्रद्धालु अपने व्रत का पारण करते हैं। माता को लाल चुनरी, पुष्पमाला, हलवा-चना, नारियल बर्फी, शृंगार का सामान आदि अर्पित किया जाता है। नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि नवमी पर कन्याओं को भोजन कराने से 9 दिन की पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होता है।
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शुभ मुहूर्त
उन्होंने बताया कि अष्टमी पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 7:38 से 9:53 बजे तक अति शुभ रहेगा। एक अक्तूबर के दिन नवमी तिथि शाम को 7:02 बजे तक रहेगी। इसलिए पूरे दिन माता की पूजा-अर्चना के साथ हवन आदि संपन्न होंगे।
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प्रमुख देवी मंदिरों, दुर्गा पंडालों एवं घरों में हवन-पूजन के साथ माता की पूजा-अर्चना की जाएगी। ज्योतिषाचार्य डॉ. पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि माता गौरी में ही भगवान शिव की सभी शक्तियां निहित हैं। नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों को सिद्धियां और मनचाहे फल की प्राप्ति होती है।
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नवरात्र की नवमी पर माता सिद्धिदात्री की पूजा के साथ यज्ञ, पूजन किया जाता है। इस दिन कन्या पूजन के उपरांत श्रद्धालु अपने व्रत का पारण करते हैं। माता को लाल चुनरी, पुष्पमाला, हलवा-चना, नारियल बर्फी, शृंगार का सामान आदि अर्पित किया जाता है। नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि नवमी पर कन्याओं को भोजन कराने से 9 दिन की पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होता है।
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शुभ मुहूर्त
उन्होंने बताया कि अष्टमी पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 7:38 से 9:53 बजे तक अति शुभ रहेगा। एक अक्तूबर के दिन नवमी तिथि शाम को 7:02 बजे तक रहेगी। इसलिए पूरे दिन माता की पूजा-अर्चना के साथ हवन आदि संपन्न होंगे।