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वृंदावन: शरद पूर्णिमा पर बदला श्रीबांकेबिहारी मंदिर खुलने का समय, सोने-चांदी के सिंहासन पर वंशी धारण करेंगे ठाकुरजी

Mon, 18 Oct 2021 04:13 PM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा-वृंदावन
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा-वृंदावन Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 18 Oct 2021 04:13 PM IST
सार

मथुरा में शरद पूर्णिमा का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। वृंदावन में जहां श्रीबांकेबिहारी महाराज सोने-चांदी के सिंहासन पर विराजमान होकर दर्शन देंगे। वहीं श्रीकृष्ण जन्मस्थान में शरद महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर को चंदलोक के स्वरूप में सजाया जाएगा।
 

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Sharad Purnima 2021: Timing Change Of Banke Bihari Mandir For Devotees
बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शरद पूर्णिमा पर जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज मोर मुकुट और कटि काछिनी के साथ वंशी धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे। ठाकुरजी सोने-चांदी के सिंहासन पर विराजमान होंगे। इस दौरान मंदिर के पट खुलने के समय में बदलाव किया गया है। मंदिर प्रशासन ने इस बार एक-एक घंटे प्रात:कालीन सेवा और सायंकालीन सेवा में समय बढ़ाया गया है। इस दिन भक्तों को अपने आराध्य के दर्शन के लिए दो घंटे का समय अधिक मिलेगा।

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एक-एक घंटे मंदिर के पट खुलने का समय बढ़ाया
20 अक्तूबर शरद पूर्णिमा के दिन राजभोग और शयन भोग सेवा में एक-एक घंटे मंदिर के पट खुलने का समय बढ़ाया गया है। दिन में दो घंटे अधिक मंदिर खुलने के कारण आरती के समय में भी परिवर्तन होगा। शरद पूर्णिमा के दिन दोपहर में राजभोग आरती 11:55 के स्थान पर 12:55 बजे होगी और रात में होने वाली शयनभोग आरती रात 9:25 के स्थान पर 10:25 बजे की जाएगी। शरद पूर्णिमा पर अधिक संख्या में आने वाले भक्तों को लेकर दर्शनों के समय को बढ़ाया गया है। 

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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मथुरा पर भक्त - फोटो : अमर उजाला
जन्मभूमि पर शरद महोत्सव की तैयारियां शुरू

मथुरा श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर परंपरागत रूप से आयोजित होने वाले शरद पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस दिन मंदिर को चंदलोक के स्वरूप में सजाया जाएगा।  महारास, भजन गायन और छप्पन भोग का आयोजन होगा। इस संबंध में संस्थान के संयुक्त मुख्य अधिशासी राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि विभिन्न धार्मिक ग्रंथों, संतों के मुख से ठाकुरजी की रसिक हृदय को मोह लेने वाली महारास लीला एवं गोपी गीत के प्राकट्य दिवस शरद पूर्णिमा पर श्रीकृष्ण-ंउचयजन्मस्थान स्थित भगवान श्रीकेशवदेवजी मंदिर को चंद्रलोक के स्वरूप में सजाया जाएगा। श्रीकृष्ण चबूतरा पर महारास किया जाएगा। इसका समापन 20 अक्तूबर की रात 11 बजे महाआरती के साथ होगा। संपूर्ण मंदिर प्रांगण को आकर्षित विद्युत सजावट से सुंदर रूप दिया जाएगा। शरद महोत्सव पर 20 अक्तूबर को प्रात: से ही साधुसेवा शुरू हो जाएगी।  सायंकाल 5 बजे श्रीगिरिराज जी मंदिर में ठाकुरजी के छप्पनभोग के दर्शन होंगे। महोत्सव का शुभारंभ प्रात: 8:30 बजे जन्मस्थान प्रांगण स्थित श्रीगिरिराज जी के पंचगव्य अभिषेक से होगा। भजन गायक ब्रजरस रसिक पारस लाड़ला एवं ब्रज के अन्य रसिकजन सायं 7 बजे से 10 बजे तक रसमय भजन-गायन करेंगे।

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