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घर पर रहकर ही मनाई शब-ए-बरात
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09-एमएनपी-29-आगरा रोड पर घर में नमाज अदा करता परिवार
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी/करहल। या अल्लाह इस कोरोना नाम के कहर से दुनिया को बचा। या अल्लाह जो बीमार हैं उन्हें शिफा अता फरमा और जो परेशान हैं उनकी मुसीबतों को कम कर दे। हमारे मुल्क पर अपना रहम कर। इस मुसीबत की घड़ी में सभी को एक साथ इस बीमारी से लड़ने की हिम्मत दे। इस तरह की दुआ जिले में मुस्लिमों ने नमाज के बाद की। लॉकडाउन की वजह से सभी मुस्लिमों ने घरों में ही इबादत की। नमाज के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा गया। लोग इस बार कब्रिस्तान नहीं गए। घरों से ही अपने मरहूमों के लिए दुआ की।
शब-ए-बरात के दौरान बृहस्पतिवार की रात को कोई सड़कों पर नजर नहीं आया। सभी ने घरों में रहकर ही नमाज अदा की। मुस्लिम पूरी रात इबादत में मशगूल रहे। इस महामारी से निजात पाने के लिए दुआ करते रहे। इबादत के दौरान भी सामाजिक दूरी का पालन किया गया। शब-ए-बरात पर मुस्लिम समाज में बनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के हलवा भी इस बार ज्यादातर घरों में नहीं बनाए गए। मोहल्ला महमूदनगर स्थित कब्रिस्तान महमूद शाह सहीदा की देखभाल तकिएदार अलाउद्दीन करते हैं। उन्होंने बताया इस बार लॉकडाउन के चलते उन्होंने तीन दिन पहले ही कब्रिस्तान में साफ सफाई करा दी है।
फोटो नंबर-27 व 28
लॉकडाउन के चलते इस बार शब-ए-बरात घरों पर ही मनाया गया है। घरों में इबादत करके मरहूम परिजनों को याद किया गया है। कोरोना वायरस के चलते अहतियात के तौर पर मुस्लिम समाज के लोगों ने घरों में ही फातिहा करके कुरान तिलावत की है।
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हाजी अब्दुल रहमान खां चिश्ती उर्फ बबलू मियां, सज्जदानशीं
इस बार कब्रिस्तान नहीं जाकर समाज के लोगों ने घरों पर ही अपने मरहूम परिजनों को याद कर उनकी मगफिरत के लिए दुआ की। रात भर जागकर घरों में इबादत की है। लॉकडाउन के चलते घरों में भी नमाज पढ़ने में सामाजिक दूरी का पालन किया गया है।
कमरू जमा, शहर काजी
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शब-ए-बरात के दौरान बृहस्पतिवार की रात को कोई सड़कों पर नजर नहीं आया। सभी ने घरों में रहकर ही नमाज अदा की। मुस्लिम पूरी रात इबादत में मशगूल रहे। इस महामारी से निजात पाने के लिए दुआ करते रहे। इबादत के दौरान भी सामाजिक दूरी का पालन किया गया। शब-ए-बरात पर मुस्लिम समाज में बनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के हलवा भी इस बार ज्यादातर घरों में नहीं बनाए गए। मोहल्ला महमूदनगर स्थित कब्रिस्तान महमूद शाह सहीदा की देखभाल तकिएदार अलाउद्दीन करते हैं। उन्होंने बताया इस बार लॉकडाउन के चलते उन्होंने तीन दिन पहले ही कब्रिस्तान में साफ सफाई करा दी है।
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फोटो नंबर-27 व 28
लॉकडाउन के चलते इस बार शब-ए-बरात घरों पर ही मनाया गया है। घरों में इबादत करके मरहूम परिजनों को याद किया गया है। कोरोना वायरस के चलते अहतियात के तौर पर मुस्लिम समाज के लोगों ने घरों में ही फातिहा करके कुरान तिलावत की है।
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हाजी अब्दुल रहमान खां चिश्ती उर्फ बबलू मियां, सज्जदानशीं
इस बार कब्रिस्तान नहीं जाकर समाज के लोगों ने घरों पर ही अपने मरहूम परिजनों को याद कर उनकी मगफिरत के लिए दुआ की। रात भर जागकर घरों में इबादत की है। लॉकडाउन के चलते घरों में भी नमाज पढ़ने में सामाजिक दूरी का पालन किया गया है।
कमरू जमा, शहर काजी