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Agra News: बीमारी की आग में जले सात वचन, टूटी जिंदगी की डोर
Sun, 29 Jun 2025 12:19 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 29 Jun 2025 12:19 AM IST
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मृतक उत्तम
- फोटो : मृतक उत्तम
बिछवां (मैनपुरी)। युवक की बीमार उसके दांपत्य जीवन पर बोझ बन गई। जिंदगी भर सात फेरों का वचन निभाने का वादा करने वाली पत्नी ने भरी पंचायत में पति की बीमारी का हवाला देकर रिश्ता तोड़ दिया। पत्नी के इस फैसले से आहत पति आधे घंटे भी जीवित न रह सका।
यह घटना बिछवां थाना क्षेत्र के गांव महरमई में शुक्रवार शाम हुई। यहां के के 27 वर्षीय उत्तम सिंह की शादी 2019 में फिरोजाबाद के संत नगर निवासी रेखा से हुई थी। शादी के बाद रेखा ने दो बच्चों को जन्म दिया। मगर, दोनों की नवजात अवस्था में मृत्यु हो गई। उत्तम लंबे समय से अस्थमा से पीड़ित थे। 15 जून को रेखा के पिता का निधन हुआ, तो वह मायके गईं और वहीं उन्होंने उत्तम के साथ न रहने का फैसला कर लिया।
शुक्रवार शाम दोनों परिवारों के बीच महरमई गांव में दोपहर तीन बजे पंचायत जुटी। पत्नी ने दो टूक कह दिया कि वह अब उत्तम के साथ नहीं रहेगी। महिला की जिद के आगे सभी झुक गए। पंचायत के बाद पत्नी शाम पांच बजे अपना सामान लेकर मायके पक्ष के साथ चली गई। 5.30 बजे उत्तम की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें खून की उल्टियां होने लगीं। परिजन जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही उत्तम का अंतिम संस्कार कर दिया।
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गांव में चर्चा का विषय बनी घटना
यह घटना गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है। हर कोई उत्तम की बीमारी, फिर बच्चों की असमय मौत और उसके बाद पत्नी द्वारा छोड़े जाने पर उसकी मौत पर विलाप करने लगा।
पति की मौत की सूचना पर भी नहीं आई पत्नी
उत्तम की मौत की सूचना उसके ससुराल पक्ष और पत्नी को गई। मगर, ससुराल से कोई भी व्यक्ति उसकी अंतिम यात्रा में भी शामिल नहीं होने आया। पत्नी भी उसका आखिरी बार चेहरा देखने नहीं पहुंची।
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यह घटना बिछवां थाना क्षेत्र के गांव महरमई में शुक्रवार शाम हुई। यहां के के 27 वर्षीय उत्तम सिंह की शादी 2019 में फिरोजाबाद के संत नगर निवासी रेखा से हुई थी। शादी के बाद रेखा ने दो बच्चों को जन्म दिया। मगर, दोनों की नवजात अवस्था में मृत्यु हो गई। उत्तम लंबे समय से अस्थमा से पीड़ित थे। 15 जून को रेखा के पिता का निधन हुआ, तो वह मायके गईं और वहीं उन्होंने उत्तम के साथ न रहने का फैसला कर लिया।
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शुक्रवार शाम दोनों परिवारों के बीच महरमई गांव में दोपहर तीन बजे पंचायत जुटी। पत्नी ने दो टूक कह दिया कि वह अब उत्तम के साथ नहीं रहेगी। महिला की जिद के आगे सभी झुक गए। पंचायत के बाद पत्नी शाम पांच बजे अपना सामान लेकर मायके पक्ष के साथ चली गई। 5.30 बजे उत्तम की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें खून की उल्टियां होने लगीं। परिजन जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही उत्तम का अंतिम संस्कार कर दिया।
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गांव में चर्चा का विषय बनी घटना
यह घटना गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है। हर कोई उत्तम की बीमारी, फिर बच्चों की असमय मौत और उसके बाद पत्नी द्वारा छोड़े जाने पर उसकी मौत पर विलाप करने लगा।
पति की मौत की सूचना पर भी नहीं आई पत्नी
उत्तम की मौत की सूचना उसके ससुराल पक्ष और पत्नी को गई। मगर, ससुराल से कोई भी व्यक्ति उसकी अंतिम यात्रा में भी शामिल नहीं होने आया। पत्नी भी उसका आखिरी बार चेहरा देखने नहीं पहुंची।