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मथुरा में अनजान बीमारी का कहर: कोसीकलां में सात लोगों की मौत से दहशत, अस्पताल पहुंचने का नहीं मिला मौका

Wed, 01 Dec 2021 12:21 AM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 01 Dec 2021 12:21 AM IST
सार

लोगों को अचानक पेट दर्द की शिकायत हुई और उन्होंने चंद मिनटों में दम तोड़ दिया, परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने का भी समय नहीं मिला।

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Seven Persons Death In Two Day Kosikaln Area Mathura News
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विस्तार

मथुरा जनपद के कोसी क्षेत्र में पेट में दर्द और जलन से दो दिन में सात लोगों की मौत हो गई है। सभी ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया है। बदलते मौसम के चलने मौत का कारण साइलेंट हार्ट अटैक को माना जा रहा है। पिछले 24 घंटे में पंचशील कॉलोनी, मालगोदाम मार्ग पर रहने वाले बिजली विभाग के लाइनमैन, नंदगांव रोड पर, देवनगर में एक महिला, श्रीजी कुंज कॉलोनी में एक महिला, घंटाघर पर एक युवक समेत दो अन्य जगहों पर मौतें हुई हैं। पीड़ितों परिवारीजनों ने बताया कि अचानक पेट में दर्द और जलन हुई। उपचार के लिए ले जाने से पहले ही सभी ने दम तोड़ दिया।

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अचानक हो रहीं मौतों से दहशत
नगर युवा विकास समिति के योगेश खंडेलवाल ने कहा कि अचानक हो रहीं मौतों से लोग दहशत में हैं। ऐसे में इन मौतों की जांच होना जरूरी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इस कारण इन लोगों की मौत का कोई लेखा-जोखा नहीं है। लोगों को मजबूरन नर्सिंग होम में उपचार के लिए जाना पड़ता है।  
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सर्दी में बढ़ जाती है हार्टअटैक की संभावना
स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. गिरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि साइलेंट हार्ट अटैक में व्यक्ति छाती में दर्द की बजाय जलन महसूस करता है, साथ ही कमजोरी और अनावश्यक थकान जैसी समस्या होती है। ऐसे में जाहिर है कि व्यक्ति इसे पूरी तरह हार्ट अटैक की श्रेणी में देख पाने में असमर्थ होता है, क्योंकि ये एसिडिटी, अपच, डिहाइड्रेशन, थकान आदि के भी लक्षण हो सकते हैं। साइलेंट हार्ट अटैक की स्थिति तब बनती है जब हृदय की ओर रक्तप्रवाह धीरे हो जाता है या बंद हो जाता है। अक्सर साइलेंट हार्ट अटैक से पहले और बाद में व्यक्ति एकदम सामान्य महसूस करता है, इसके चलते दूसरा हार्ट अटैक अतिरिक्त जोखिम का कारण बन सकता है और बहुत मुमकिन है कि यदि समय पर रोग को पकड़ा न गया तो जान भी जोखिम में आ सकती है। सर्दियों में हार्ट अटैक की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। हालांकि उन्होंने मौतों के विषय में किसी भी जानकारी से इनकार कर दिया। 
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