आगरा: हैलो गैंग के सात सदस्य गिरफ्तार, नौ प्रदेशों के बेरोजगारों को बनाया ठगी शिकार
पुलिस ने रविवार को चंबल के बीहड़ में सक्रिय हैलो गैंग के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गैंग का सरगना और सदस्य सोशल साइट्स पर नौकरी का विज्ञापन देकर बेरोजगार लोगों से पंजीकरण शुल्क के रूप में रकम जमा करा लेते थे। इसके बाद अपने मोबाइल बंद कर लेते। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से बरामद मोबाइल, लैपटॉप का डाटा चेक किया जा रहा है। गिरोह से एक लैपटॉप, 38 मोबाइल, 35 फर्जी आईडी पर लिए सिमकार्ड, चार एटीएम कार्ड, एक कार, एक बाइक बरामद हुई है।
एसपी ग्रामीण पूर्वी के. बैंकट अशोक ने बताया कि गैंग गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा सहित नौ राज्यों के लोगों को मैनेजर, सुपरवाइजर, सिक्योरिटी गार्ड, लाइनमैन की नौकरी, स्पा सर्विसेस, फ्रेंडशिप क्लब, वर्क फ्रॉम होम, पार्ट टाइम जॉब, पर्सनल लोन, सरकारी योजना, रिवार्ड प्वाइंट को कैश कराने, इंटरनेट के बिल में छूट दिलाने आदि का लालच देकर ठगी कर रहा था।
पंजीकरण के नाम पर जमा कराते थे रकम
गिरोह के सदस्य सोशल साइट्स पर अपना मोबाइल नंबर देते थे। जो लोग कॉल करता, उससे पंजीकरण शुल्क के नाम पर 399 से 3500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लेते। बड़ी संख्या में लोगों से रकम जमा कराने के बाद मोबाइल नंबर बंद कर लेते। इसकी शिकायतें एसएसपी से की गई थीं। इस पर साइबर सेल ने जांच की। थाना पिनाहट और पिढ़ौरा क्षेत्र के बीहड़ में सक्रिय हैलो गैंग के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पूर्व में भी हैलो गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
कीर्तिराम उर्फ गिरजाशंकर उर्फ नेकसिया निवासी पिनाहट, पवन कुमार निवासी राजाखेड़ा मार्ग पिनाहट, बंटू निवासी गांव रीठई थाना पिढ़ौरा, रामवीर निवासी तड़हैता थाना पिढ़ौरा, केशव निवासी गांव रीठई पिढ़ौरा, प्रेमवीर निवासी गांव रीठई पिढ़ौरा, रन सिंह निवासी गजनपुरा थाना पिढ़ौरा। रामकरन निवासी गांव उमरैठा फरार है।
दो सरगना, पांच सदस्य
एसपी देहात ने बताया कि आरोपियों के दो गैंग हैं। एक का सरगना कीर्तिराम है और दूसरे का बंटू है। दोनों अलग-अलग तरीके से विज्ञापन देकर बेरोजगारों को ठगते हैं। बाकी पांच गैंग के सदस्य हैं। लोगों से रकम जमा कराने के लिए किराये पर बैंक खाते लेते थे।
फर्जी आईडी पर जारी कर रहे सिम
पुलिस के मुताबिक, गैंग कॉल के लिए फर्जी आईडी पर ली गई सिम इस्तेमाल करता। फर्जी आईडी गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों की इस्तेमाल की जाती। पुलिस फर्जी आईडी पर सिम देने वालों की तलाश कर रही है। फर्जी आईडी पर सिम होने से पुलिस आरोपियों के सही पते की जानकारी नहीं ले पाती है। लोकेशन ही मिल पाती है। इसके लिए सिम प्रदाता कंपनी के अधिकारियों से भी बात की जाएगी।