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खुशखबर: आगरा से बेंगलुरु, मुंबई समेत सात शहरों के लिए सीधी 'उड़ान'
Mon, 05 Aug 2019 12:22 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 05 Aug 2019 12:22 AM IST
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दिसंबर तक देश के सात बड़े शहरों से आगरा हवाई मार्ग से जुड़ जाएगा। मुंबई, बंगलुरु, जयपुर, लखनऊ, दिल्ली, वाराणसी, भोपाल से आगरा के लिए सीधी उड़ान शुरू हो जाएगी। यह घोषणा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने संसद में की। हालांकि, अभी तारीखों का एलान नहीं किया गया है। फिलहाल आगरा में केवल दो फ्लाइट ही चल रही हैं। ये खजुराहो और जयपुर के लिए हैं।
सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने संसद में एयर कनेक्टिविटी न होने से आगरा के पिछड़ने का मुद्दा उठाया। बिल फॉर प्रेसीडेंट इन पासिंग डे एयरपोर्ट इकॉनिमिकल रेगूलेटरी एक्ट पर आगरा का पक्ष रखते हुए सांसद ने कहा कि 1972 में आगरा से खजुराहो, वाराणसी होते हुए नेपाल के लिए उड़ान थी। तब से अब तक कोई नया रूट नहीं जुड़ा है। भाजपा सांसद ने खेरिया सिविल एयरपोर्ट तक पहुंचने में दिक्कत को देखते हुए अर्जुन नगर एयरफोर्स गेट से टर्मिनल तक डेडीकेटेड रोड बनाने की मांग की।
दिसंबर से इन शहरों के जुड़ने का दावा
आगरा - वाराणसी - इंडिगो
आगरा - बंगलुरु - इंडिगो
आगरा - भोपाल - इंडिगो
आगरा - लखनऊ - इंडिगो
आगरा - दिल्ली - स्पाइस जेट
आगरा - जयपुर - एयर इंडिया
आगरा - मुम्बई - जेट एयरवेज
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सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने संसद में एयर कनेक्टिविटी न होने से आगरा के पिछड़ने का मुद्दा उठाया। बिल फॉर प्रेसीडेंट इन पासिंग डे एयरपोर्ट इकॉनिमिकल रेगूलेटरी एक्ट पर आगरा का पक्ष रखते हुए सांसद ने कहा कि 1972 में आगरा से खजुराहो, वाराणसी होते हुए नेपाल के लिए उड़ान थी। तब से अब तक कोई नया रूट नहीं जुड़ा है। भाजपा सांसद ने खेरिया सिविल एयरपोर्ट तक पहुंचने में दिक्कत को देखते हुए अर्जुन नगर एयरफोर्स गेट से टर्मिनल तक डेडीकेटेड रोड बनाने की मांग की।
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दिसंबर से इन शहरों के जुड़ने का दावा
आगरा - वाराणसी - इंडिगो
आगरा - बंगलुरु - इंडिगो
आगरा - भोपाल - इंडिगो
आगरा - लखनऊ - इंडिगो
आगरा - दिल्ली - स्पाइस जेट
आगरा - जयपुर - एयर इंडिया
आगरा - मुम्बई - जेट एयरवेज
'हर राजधानी से आगरा को जोड़ने की जरूरत'
सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने कहा कि देश की हर राजधानी से आगरा को जोड़ने की जरूरत है, पर दिसंबर तक सात शहरों से आगरा को हवाई सेवा से जोड़ा जा रहा है। आगरा के 20 हजार से ज्यादा बच्चे कोटा, बंगलूरू, पुणे जैसे शहरों में पढ़ रहे हैं, जिनके लिए यह उड़ानें जरूरी हैं। इसका फायदा पर्यटन को भी मिलेगा।
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने कहा कि मंत्री जी की घोषणा का स्वागत है, अगर ये उड़ानें चलने लगती हैं तो आगरा की अर्थव्यवस्था और पर्यटन का चेहरा ही बदल जाएगा। लंबी दूरी की उड़ानों से आगरा के सीधे जुड़ने से वह पूरा क्षेत्र जुड़ता है। गुवाहाटी और कोलकाता से कनेक्टिविटी की जरूरत है।
नेशनल चैंबर के अध्यक्ष श्रीकिशन गोयल ने कहा कि चेन्नई, गोवा, अहमदाबाद जैसे शहरों से भी उड़ान होनी चाहिए। इससे फुटवियर, कपड़ा और पर्यटन, तीनों ही उद्योगों से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचेगा। दिसंबर से ये उड़ानें अगर आती हैं तो यहां का कारोबार भी बढ़ेगा।
एसोचैम कोआर्डिनेटर मनीष अग्रवाल ने कहा कि इसके वादे तो पहले भी हुए हैं। उड़ान योजना में रूट भी आवंटित हुए पर कंपनियों ने विमान चलाए नहीं। अगर दिसंबर में वाकई उड़ानें शुरू हो जाती हैं तो आगरा का कारोबार भी बढ़ना शुरू हो जाएगा। पर्यटकों के साथ व्यापारियों को इनसे ज्यादा फायदा पहुंचेगा।
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने कहा कि मंत्री जी की घोषणा का स्वागत है, अगर ये उड़ानें चलने लगती हैं तो आगरा की अर्थव्यवस्था और पर्यटन का चेहरा ही बदल जाएगा। लंबी दूरी की उड़ानों से आगरा के सीधे जुड़ने से वह पूरा क्षेत्र जुड़ता है। गुवाहाटी और कोलकाता से कनेक्टिविटी की जरूरत है।
नेशनल चैंबर के अध्यक्ष श्रीकिशन गोयल ने कहा कि चेन्नई, गोवा, अहमदाबाद जैसे शहरों से भी उड़ान होनी चाहिए। इससे फुटवियर, कपड़ा और पर्यटन, तीनों ही उद्योगों से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचेगा। दिसंबर से ये उड़ानें अगर आती हैं तो यहां का कारोबार भी बढ़ेगा।
एसोचैम कोआर्डिनेटर मनीष अग्रवाल ने कहा कि इसके वादे तो पहले भी हुए हैं। उड़ान योजना में रूट भी आवंटित हुए पर कंपनियों ने विमान चलाए नहीं। अगर दिसंबर में वाकई उड़ानें शुरू हो जाती हैं तो आगरा का कारोबार भी बढ़ना शुरू हो जाएगा। पर्यटकों के साथ व्यापारियों को इनसे ज्यादा फायदा पहुंचेगा।
सात उड़ानों से पर्यटन उद्योग में भर जाएंगे सात रंग
बंगलुरु, मुंबई, भोपाल समेत सात शहरों से आगरा के लिए हवाई उड़ान शुरू होने के दावे से पर्यटन उद्यमियों में खुशहाली की उम्मीद जगी है। उनका मानना है कि अगर ऐसा हो जाता है तो आगरा का पर्यटन उद्योग चहक उठेगा।
दक्षिण भारत और देश की आर्थिक राजधानी से सीधे संपर्क होने से ताजमहल पर सैलानियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा होने की उम्मीद है, वहीं आगरा के लोगों के लिए भी कारोबारी सिलसिले से इन शहरों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। शहर के दस हजार से ज्यादा परिवारों के बच्चे बंगलूरू में साफ्टवेयर कंपनियों में काम कर रहे हैं।
उड़ान न होने से नहीं आ सके थे 59 मेयर
हाल में देशभर से मेयर काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने आगरा आए मेयरों ने आगरा में फ्लाइट शुरू कराने की मांग की थी। फ्लाइट न होने के कारण 59 मेयर आगरा नहीं आ सके थे। इंदौर, सूरत, जम्मू, शिमला समेत ज्यादातर शहरों के मेयरों ने इस पर हैरत जताई थी कि आगरा हवाई उड़ान से जुड़ा ही नहीं है।
जो मेयर काउंसिल की बैठक में आ नहीं सके थे, उनमें से ज्यादातर दक्षिण भारत के थे। मेयरों की तरह ही ताज महोत्सव में ज्यादातर कलाकार सिर्फ इसीलिए प्रस्तुति देने से इंकार कर देते हैं कि आगरा तक सीधी उड़ान नहीं है। दिल्ली के जरिए आगरा आने पर उनका पूरा दिन बर्बाद होता है।
दक्षिण भारत और देश की आर्थिक राजधानी से सीधे संपर्क होने से ताजमहल पर सैलानियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा होने की उम्मीद है, वहीं आगरा के लोगों के लिए भी कारोबारी सिलसिले से इन शहरों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। शहर के दस हजार से ज्यादा परिवारों के बच्चे बंगलूरू में साफ्टवेयर कंपनियों में काम कर रहे हैं।
उड़ान न होने से नहीं आ सके थे 59 मेयर
हाल में देशभर से मेयर काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने आगरा आए मेयरों ने आगरा में फ्लाइट शुरू कराने की मांग की थी। फ्लाइट न होने के कारण 59 मेयर आगरा नहीं आ सके थे। इंदौर, सूरत, जम्मू, शिमला समेत ज्यादातर शहरों के मेयरों ने इस पर हैरत जताई थी कि आगरा हवाई उड़ान से जुड़ा ही नहीं है।
जो मेयर काउंसिल की बैठक में आ नहीं सके थे, उनमें से ज्यादातर दक्षिण भारत के थे। मेयरों की तरह ही ताज महोत्सव में ज्यादातर कलाकार सिर्फ इसीलिए प्रस्तुति देने से इंकार कर देते हैं कि आगरा तक सीधी उड़ान नहीं है। दिल्ली के जरिए आगरा आने पर उनका पूरा दिन बर्बाद होता है।