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Agra University: सत्र  हुआ शुरू, लेकिन नहीं मिली मान्यता; आगरा यूनिवर्सिटी के फार्म-डी कोर्स पर अटका फैसला

Mon, 09 Mar 2026 09:47 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 09 Mar 2026 09:47 AM IST
सार

आगरा विश्वविद्यालय के छलेसर कैंपस में फार्म-डी (PB) कोर्स को अब तक फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता नहीं मिल सकी है। एक साल से अधिक समय बीतने और निरीक्षण होने के बाद भी नए शैक्षणिक सत्र में छात्रों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
 

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Session Begins but No Approval Yet: Pharm-D Course Stuck at Ambedkar University Agra
आगरा विश्वविद्यालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

 डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के छलेसर कैंपस स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में फार्म-डी (पीबी) कोर्स को मान्यता न मिलने का मामला अब तक सुलझ नहीं सका है। वर्ष 2025 में अप्रैल में शुरू हुआ यह विवाद अब नए शैक्षणिक सत्र तक पहुंच गया है, लेकिन अभी तक कोर्स को अनुमति नहीं मिल पाई है। हाल ही में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की टीम भी विश्वविद्यालय के छलेसर कैंपस में निरीक्षण के लिए पहुंची थी, इसके बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
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निरीक्षण के दौरान पीसीआई की टीम ने इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में स्टाफ की उपलब्धता, शैक्षणिक व्यवस्थाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों की जानकारी ली। साथ ही संस्थान की व्यवस्थाओं और कोर्स संचालन से जुड़े बिंदुओं का भी जायजा लिया था। फार्म-डी (पीबी) कोर्स में बीफार्मा उत्तीर्ण छात्रों को लेटरल एंट्री के माध्यम से सीधे चौथे वर्ष में प्रवेश दिया जाता है। पीसीआई का कहना था कि सत्र 2025-26 के लिए निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार फार्म-डी (पीबी) कोर्स के लिए अलग से आवेदन नहीं किया गया, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोर्स के लिए अनुमति होने का दावा किया गया था।
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इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के विभागाध्यक्ष डॉ. रवि शेखर ने बताया कि पीसीआई के पोर्टल पर कोर्स के लिए वेब पंजीकरण कराया गया था। वर्ष 2023-24 में पूर्व विभागाध्यक्ष की ओर से सत्र 2024-25 के लिए फार्म-डी और फार्म-डी (पीबी) दोनों कोर्स की मान्यता के लिए लगभग तीन लाख रुपये की फीस भी जमा की गई थी। उनका कहना है कि उस समय कोर्स को फार्म-डी की श्रेणी में शामिल माना गया और इसी आधार पर प्रवेश की अनुमति होने की बात सामने आई। वेब पंजीकरण के दौरान भी कोर्स सूची में इसका नाम दिखाई दे रहा था। हालांकि बाद में पीसीआई की ओर से स्पष्ट किया गया कि फार्म-डी (पीबी) कोर्स के लिए अलग से आवेदन आवश्यक है। कई छात्रों ने आवेदन भी किए, लेकिन बाद में अनुमति पर रोक की जानकारी सामने आई।
 
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एबीवीपी के छात्र नेता नितिन यादव ने बताया कि पीसीआई और छलेसर कैंपस के बीच आंख मिचौली से छात्रों के साथ गलत हुआ। सवाल अब ये भी है कि आगामी सत्र के लिए मान्यता मिली है या नहीं।
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