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चार घंटे में खत्म हुई गैंगरेप की सनसनी
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 15 Mar 2015 01:51 AM IST
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ट्रांस यमुना कालोनी में नशे की हालत में पकड़ी गई युवती ने शनिवार को महिला थाने में पूछताछ के दौरान छह युवकों पर गैंगरेप का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। चार घंटे बाद उसे अदालत में पेश किया गया तो उसने सामूहिक दुष्कर्म की बात नकारते हुए अपने घर लौटने की इच्छा जताई। अब थाना एत्माद्दौला पुलिस युवती को पुलिस अभिरक्षा में गुजरात भेजेगी।
बता दें, ट्रांस यमुना कालोनी फेज दो में शुक्रवार की रात कालोनी के लोगों ने एक घर में अय्याशी का अड्डा चलने की खबर पुलिस को दी थी। भीड़ ने घर की घेराबंदी कर ली थी। इस पर पांच-छह युवक भाग निकले थे। पुलिस ने युवती को नशे की हालत में महिला थाने भेजा था। शनिवार को युवती ने पुलिस को बताया कि उसके साथ गैंगरेप किया गया है। वह गुजरात के कच्छ जिले की रहने वाली है। दो साल पहले भाई से झगड़ा करके आगरा आ गई थी। तभी से यहां रह रही है। कई दिनों से धौलपुर का रहने वाला आटो चालक दिनेश (बदला नाम) उसे साथ रखे हुआ था। वह दो दिन पहले गांव चला गया। शुक्रवार की शाम को आटो चालक राजू (बदला नाम) उसे बिजलीघर चौराहे पर मिल गया। वही उसे बहाने से अपने दोस्त के घर ले जाने की कहकर ट्रांस यमुना कालोनी में एक घर में लाया। यहां पांच युवक पहले से थे।
युवती ने बताया कि राजू और उसके साथियों ने उसे जबरन बीयर पिलाई। उसके दोनों हाथ बांध दिए। सभी ने दुष्कर्म किया। युवती ने पांच युवकों के नाम भी पुलिस को बताए। दोपहर बाद पुलिस ने युवती को एसीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में पहुंचते ही युवती ने बयान बदल दिए। एसओ एत्माद्दौला के मुताबिक, युवती ने कोर्ट में बयान दिया है उसे कुछ दोस्त ले गए थे। वह नशे की हालत में थी। उसके साथ कोई गलत काम नहीं हुआ है। वह अपने घर लौटना चाहती है।
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आखिर क्या है सच
युवती ने पुलिस को जो कहानी बताई है, पुलिस ने उस पर तफ्तीश की तो युवती दुराचार की बात नकारने लगी। युवती ने बताया था कि वह इंटर तक पढ़ी है। सन 2001 में कच्छ में आए भूकंप में उसका परिवार तबाह हो गया था। मां की मौत हो गई। पिता और एक भाई ही घर में हैं। भाई से झगड़ा होने के बाद वह दो साल पहले आगरा आ गई थी। तब हेल्प आगरा ने उसे मानसिक हालत ठीक नहीं होने पर मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती कराया था। यहां वह 13 माह तक रही। इसके बाद सिकंदरा स्थित एक आश्रम के लोग उसे ले गए। वहां तकरीबन 10 माह रही। आश्रम में ही राजमिस्त्री का काम करने वाले युवक से उसके प्रेम संबंध हो गए, लेकिन वह बाद में शादी से मुकर गया। वह कई दिनों से बिजलीघर के पास रह रही थी। आटो चालक दिनेश ने उसकी मदद की। पुलिस ने आश्रम और आरोग्यशाला आदि में जानकारी की तो युवती दुराचार के आरोप से पीछे हट गई।
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बता दें, ट्रांस यमुना कालोनी फेज दो में शुक्रवार की रात कालोनी के लोगों ने एक घर में अय्याशी का अड्डा चलने की खबर पुलिस को दी थी। भीड़ ने घर की घेराबंदी कर ली थी। इस पर पांच-छह युवक भाग निकले थे। पुलिस ने युवती को नशे की हालत में महिला थाने भेजा था। शनिवार को युवती ने पुलिस को बताया कि उसके साथ गैंगरेप किया गया है। वह गुजरात के कच्छ जिले की रहने वाली है। दो साल पहले भाई से झगड़ा करके आगरा आ गई थी। तभी से यहां रह रही है। कई दिनों से धौलपुर का रहने वाला आटो चालक दिनेश (बदला नाम) उसे साथ रखे हुआ था। वह दो दिन पहले गांव चला गया। शुक्रवार की शाम को आटो चालक राजू (बदला नाम) उसे बिजलीघर चौराहे पर मिल गया। वही उसे बहाने से अपने दोस्त के घर ले जाने की कहकर ट्रांस यमुना कालोनी में एक घर में लाया। यहां पांच युवक पहले से थे।
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युवती ने बताया कि राजू और उसके साथियों ने उसे जबरन बीयर पिलाई। उसके दोनों हाथ बांध दिए। सभी ने दुष्कर्म किया। युवती ने पांच युवकों के नाम भी पुलिस को बताए। दोपहर बाद पुलिस ने युवती को एसीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में पहुंचते ही युवती ने बयान बदल दिए। एसओ एत्माद्दौला के मुताबिक, युवती ने कोर्ट में बयान दिया है उसे कुछ दोस्त ले गए थे। वह नशे की हालत में थी। उसके साथ कोई गलत काम नहीं हुआ है। वह अपने घर लौटना चाहती है।
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आखिर क्या है सच
युवती ने पुलिस को जो कहानी बताई है, पुलिस ने उस पर तफ्तीश की तो युवती दुराचार की बात नकारने लगी। युवती ने बताया था कि वह इंटर तक पढ़ी है। सन 2001 में कच्छ में आए भूकंप में उसका परिवार तबाह हो गया था। मां की मौत हो गई। पिता और एक भाई ही घर में हैं। भाई से झगड़ा होने के बाद वह दो साल पहले आगरा आ गई थी। तब हेल्प आगरा ने उसे मानसिक हालत ठीक नहीं होने पर मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती कराया था। यहां वह 13 माह तक रही। इसके बाद सिकंदरा स्थित एक आश्रम के लोग उसे ले गए। वहां तकरीबन 10 माह रही। आश्रम में ही राजमिस्त्री का काम करने वाले युवक से उसके प्रेम संबंध हो गए, लेकिन वह बाद में शादी से मुकर गया। वह कई दिनों से बिजलीघर के पास रह रही थी। आटो चालक दिनेश ने उसकी मदद की। पुलिस ने आश्रम और आरोग्यशाला आदि में जानकारी की तो युवती दुराचार के आरोप से पीछे हट गई।