विश्वविद्यालय में छात्रों को गेट के बाहर भगाकर लगाया ताला
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में सुरक्षा कर्मियों की एक बार फिर दबंगई सामने आई है। कर्मचारियों की हड़ताल बताकर छात्र-छात्राओं को बाहर निकालकर गेट पर ताला जड़ दिया। छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्या अधिकारियों को बताने की कही तो सुरक्षा गार्ड्स ने कहा कि कोई अधिकारी नहीं बैठा है।
पिछले दिनों छात्र-कर्मचारियों के बीच पथराव में कर्मचारी अध्यक्ष और कुलसचिव के घायल होने के बाद विश्वविद्यालय में कार्य ठप है। कर्मचारी हड़ताल पर हैं। अघोषित रूप से अधिकारी भी शामिल हो गए हैं। घटना के अगले दिन से अधिकारी भी विभागों में नहीं बैठ रहे। बुधवार को भी यही हाल रहा। जब दूरदराज से आए छात्र अपनी समस्या लेकर अधिकारियों से मिलने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचे, यहां कोई अधिकारी नहीं मिला।
छात्र-छात्राएं बार-बार कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड से जानकारी करने आते, इस पर सुरक्षा गार्ड्स ने सभी छात्र-छात्राओं को गेट से बाहर भगा दिया। गेट पर ताला डालते हुए छात्र को अंदर आने पर रोक लगा दी। छात्रों के पूछने पर सुरक्षा गार्ड्स का कहना था कि कर्मचारी और साहब का ये आदेश है।
हड़ताल पर कर्मचारी संघ में दो फाड़
विश्वविद्यालय में हड़ताल को लेकर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ में दो फाड़ हो गए हैं। संघ के महामंत्री ने हड़ताल 14 नवंबर तक स्थगित करने का एलान किया है, जबकि अध्यक्ष ने हड़ताल जारी रहने की बात कही है। संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी का कहना है कि पूर्व में कर्मचारी सतेंद्र सिंह की हत्या हो चुकी है और उन पर भी जानलेवा हमला हुआ।
अधिकारियों की कठपुतली बनकर कोई निर्णय नहीं लिए जाते। आरोपी गिरफ्तार न होने तक हड़ताल जारी रहेगी। महामंत्री अनिल श्रीवास्तव का कहना है कि सभी कर्मचारियों की कुलपति से वार्ता हुई है। छात्र हित में हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया है। 14 नवंबर तक आरोपी नहीं पकड़े जाते तो फिर से हड़ताल होगी।
- वाराणसी से बीएड की मार्कशीट लेने आए थे। कर्मचारी हड़ताल पर थे, कार्यालय में कोई अधिकारी भी नहीं बैठा। अवनींद्र कुमार, वाराणसी
- गेट पर ताला डाल दिया है, अंदर तक नहीं जाने दिया। अधिकारियों से मिलने को कहा तो सुरक्षा गार्ड ने बताया कोई नहीं बैठा। पुष्पेंद्र कुमार, सिरसागंज
- बेटी की मार्कशीट के लिए घंटों से खड़ा हूं। कर्मचारी हड़ताल पर हैं तो क्या अधिकारी भी समस्याएं नहीं सुनेंगे। बड़ा बुरा हाल है। गोपाल प्रसाद शर्मा,
- बीए की मार्कशीट के लिए लगातार चक्कर काट रहा हूं। हड़ताल पर कर्मचारी चले गए हैं, अंदर से बाहर भगा दिया है। राजेंद्र शर्मा अलीगढ़
- बीए की मार्कशीट में नंबर नहीं चढ़े, कई बार प्रार्थना पत्र दे चुका हैं। गेट पर ताला डालकर छात्रों को प्रवेश नहीं करने दे रहे। पृथ्वी सिंह, वृंदावन