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VIDEO: घूंघट की ओट में एसडीएम ने खोली सरकारी अस्पताल की पोल, विभाग में मची खलबली; अब सीएमओ ने कही ये बात
Thu, 14 Mar 2024 08:11 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 14 Mar 2024 08:11 AM IST
सार
घूंघट की ओट में एसडीएम ने निरीक्षण करके सरकारी अस्पताल की पोल खोली। इसके बाद विभाग में खलबली मच गई। अब सीएमओ निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने जांच के लिए कमेटी गठित की है।
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घूंघट की ओट में सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंची एसडीएम
- फोटो : संवाद
विस्तार
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एसडीएम कृतिराज सिंह द्वारा मंगलवार को घूंघट की ओट में दीदामई स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई खामियां मिलीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। सीएमओ डॉ. रामबदन राम बुधवार को सुबह निरीक्षण करने पहुंचे। यहां तीन स्वास्थ्यकर्मी गैर हाजिर मिले। सीएमओ ने विस्तृत जांच के लिए एसीएमओ की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है, जो जांच आख्या सीएमओ को देगी।
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मंगलवार को एसडीएम कृतिराज सिंह ने दीदामई स्वास्थ्य केंद्र पर घूंघट डालकर निरीक्षण किया था। इस दौरान एक्सपायर दवाएं मिली थीं। वहीं, स्टाफ भी गैर हाजिर मिला था। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर फिरोजाबाद के दीदामई स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का हवाला देखकर भाजपा सरकार पर तंज कसा था।
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जांच करने पहुंचे सीएमओ डॉ. रामबदन राम को वरिष्ठ सहायक हेमकुमार सोनी, डेंटिस्ट हाइजीन नसरीन सिद्दीकी, गरव सिंह वाहन चालक गैर हाजिर मिले। सीएमओ ने दवाओं के रखरखाव को देखा। स्वास्थ्य केंद्र पर गंदगी मिली। सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्र के नियमित निरीक्षण के लिए एसीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार को नोडल अधिकारी नामित किया है।
इधर, एसीएमओ डॉ. बृ़जमोहन, डॉ. कमलकिशोर, डॉ. विश्वदीप सिंह जांच सौंपी है। सीएमओ डॉ. रामबदन राम ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर रंगाई पुताई का कार्य किया जा रहा है। इसलिए गंदगी पाई गई। विस्तृत जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
यह है पूरा मामला
मंगलवार को एसडीएम सदर कृतिराज ने घूंघट में मरीज बनकर दीदामई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निरीक्षण के लिए पहुंच गईं। वह सबसे पहले, मरीजों के साथ पर्चा बनवाने के लिए कतार में खड़ी हुईं। मरीजों की भीड़ लगी थी, लेकिन बनाने वाला कर्मचारी नहीं था।
काफी देर में पर्चा बना, इसके बाद वह इंजेक्शन लगवाने के लिए काउंटर पर पहुंच गईं। यहां एंटी रेबीज का इंजेक्शन मनमाने ढंग से लगाया जा रहा था। इसके बाद वो स्टोर में पहुंचीं। यहां दवाएं एक्सपॉयरी थीं। वार्डों के गद्दों में धूल जमी थी। शौचालय की साफ-सफाई व्यवस्था बदहाल थी।
उन्होंने सीएससी के हाल की रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजने का निर्णय लिया है, जिससे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। दरअसल, एसडीएम सदर कृतिराज को सीयूजी नंबर पर सूचना मिली कि शहर की नई आबादी वाले दीदामई स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तमाम अव्यवस्थाएं हैं। सूचना मिलते ही एसडीएम सदर स्टाफ के साथ दीदामई अस्पताल पहुंच गईं।
उन्होंने सुरक्षा गार्ड, गाड़ी, अर्दली और स्टाफ को अस्पताल से पहले छोड़ दिया। घूंघट की ओट में एसडीएम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंदर दाखिल हुईं। मरीजों की लाइन में खड़ी हो गईं। काफी देर बाद उनका नंबर आया तो उन्होंने दूसरे नाम से पर्चा बनवाया। पर्चा तो बन गया, लेकिन एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने का तरीका खराब था। इंजेक्शन मनमाने ढंग से लगाया जा रहा था। डॉक्टर के पास पहुंची तो उनका व्यवहार ठीक नहीं था।
वह दवा कक्ष में पहुंचीं और देखा तो स्टॉक में एक्सपॉयरी दवाएं रखी हुई थीं। इसके बाद एसडीएम सदर ने खुद का परिचय दिया तो हड़कंप मच गया। एसडीएम सदर ने इसके बाद वहां रखी दवाएं आदि की चेकिंग की।
उन्होंने सुरक्षा गार्ड के साथ स्टेनो प्रदीप कुमार, रवि सारस्वत के साथ अन्य स्टाफ से पूरी स्थिति को दिखवाया। उन्होंने हिदायत दी कि मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। डिलीवरी रूम में उन्हें कोई मरीज नहीं मिला। एसडीएम सदर कृतिराज ने बताया कि मरीज के रूप में जाने से हकीकत सामने आई है।
एसडीएम सदर कृति राज का कहना है ''मुझे दीदा माई स्वास्थ्य केंद्र के संबंध में शिकायत मिली थी कि कुत्ते के काटने का इंजेक्शन लगाने के लिए डॉक्टर सुबह 10 बजे के बाद भी मौजूद नहीं थे। मैं वहां गुमनाम रूप से घूंघट में गई थी। डॉक्टर का व्यवहार उचित नहीं था। अधिकांश दवाओं का स्टॉक समाप्त हो चुका था। साफ-सफाई भी नहीं रखी गई थी।