आगरा: डीएपी की कालाबाजारी पर एसडीएम ने मारा छापा, दुकानदार वसूल रहा था खाद की ज्यादा कीमत
डीएपी की किल्लत के बीच खाद की कालाबाजारी थम नहीं रही है। फतेहपुर सीकरी में एक दुकान तय कीमत से 400 रुपये ज्यादा वसूल रहा था। इस शिकायत पर एसडीएम ने दुकान पर छापा मारा। लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिला कृषि अधिकारी को संस्तुति की गई है।
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आगरा के फतेहपुर सीकरी में डीएपी की कालाबाजारी की शिकायत पर शनिवार को एसडीएम किरावली अनिल कुमार सिंह ने मोड़ बाईपास पर स्थित चंदन खाद-बीज भंडार पर छापा मारा। दुकानदार 1200 के बजाय 1600 रुपये प्रति बोरी वसूल रहा था। स्टॉक रजिस्टर एवं बिक्री रजिस्टर में भी नौ अक्तूबर के बाद कुछ दर्ज नहीं था। एसडीएम ने दुकानदार का लाइसेंस निरस्त करने और अन्य कार्रवाई के लिए जिला कृषि अधिकारी को संस्तुति की है।
एसडीएम किरावली ने बताया कि दुकानदार द्वारा डीएपी की अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत मिली थी। इस पर शनिवार को जांच की गई। दुकान पर मौजूद किसान जैनपुरा निवासी अर्जुन सिंह और गुलाब सिंह ने मौका पर ही बताया कि उन्हें डीएपी खाद की बोरी दुकानदार ने 1600 रुपये में बेची है।
एसडीएम के छापे की भनक लगते ही खाद बीज के अन्य दुकानें बंद कर दुकानदार भाग निकले। एसडीएम ने बताया कि खाद की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी।
शनिवार शाम करीब छह बजे उपजिलाधिकारी बाह रतन वर्मा ने भदरौली स्थित नेता जी कृषि सेवा केंद्र पर छापा मारा। उपजिलाधिकारी ने बताया कि पॉस मशीन बंद मिली। स्टॉक रजिस्टर व रेट सूची भी नहीं मिली। दुकानदार स्टॉक भी नहीं दिखा सका। इस पर दुकानदार अशोक गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
खाद की मांग के लिए किसानों ने लिखा खून से पत्र
किसान नेता चौधरी रामवीर सिंह और सौरभ चौधरी ने खाद की मांग के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए खून से पत्र लिखा है। इसमें डीएपी की कमी बताते हुए खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि आलू और सरसों की बोवाई हो रही है और केंद्रों पर खाद नहीं मिल रहा है।
जिन किसानों ने सरसों की बोवाई हो चुकी है, उसमें खाद लगाना है, लेकिन इसके लिए भटकना पड़ रहा है। सरकार खाद की पूर्ति की बात कह रही है, ऐसे में इसकी कालाबाजारी हो रही है। खाद न मिलने पर किसान बरबाद हो जाएंगे। सत्यवीर चौधरी और धर्मवीर चौधरी ने आलू की शीतगृहों से निकासी की तिथि भी बढ़ाने की मांग की है।