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साहब! तो कौन सी फाइलें ढुंढवा रहा प्रशासन
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अलीगंज तहसील में फाइलें तलाश कराते एसडीएम। फाइल फोटो
- फोटो : ETAH
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अलीगंज/एटा। अलीगंज तहसील से दाखिल खारिज की फाइल गायब होने के मामले में गुरुवार को तहसीलदार ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि न्यायालय से कोई पत्रावली गायब ही नहीं हुई है। दाखिल दफ्तर नहीं होने से फाइलें अधिक हो गई हैं। वहीं एसडीएम ने कहा कि खोजबीन कराने के बाद फाइलें मिलने लगी हैं। ऐसे में सवाल तहसीलदार से है कि अगर फाइलें गायब नहीं हैं तो एसडीएम कौन सी फाइलें तलाश करा रहे हैं।
दरअसल, तहसील अलीगंज के तहसीलदार न्यायालय से दाखिल खारिज की 200 फाइलें गायब होने का मामला सामने आया था। जिसके बाद एसडीएम पीएल मौर्य ने बीते शुक्रवार से न्यायालय में पहुंचकर फाइलों की तलाश शुरू कराई। बुधवार तक तमाम फाइलों को सूचीबद्ध कर लिया गया। इन सबके बीच गुरुवार को तहसीलदार आरके त्यागी ने वीडियो जारी कर बयान दिया कि न्यायालय से कोई फाइल गायब ही नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व में रहे पेशकार की वजह से फाइलें दाखिल दफ्तर नहीं हो सकीं। हालांकि उन्होंने न्यायालय में अस्त व्यस्तता की बात स्वीकार की। साथ ही तहसीलदार ने यह भी कहा कि किसी भी अधिवक्ता और किसान ने शिकायत नहीं की।
इन सवाल के जवाब कौन देगा
तहसीलदार के बयान के बाद तमाम सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल है कि जब फाइलें गायब नहीं हुईं, तो वादी और अधिवक्ता भटकते क्यों रहे। जब फाइलें गायब नहीं हुईं, तो अब तक जमीन खरीदने वाले किसानों के नाम क्यों दाखिल नहीं हुए। जब अधिवक्ताओं ने शिकायत नहीं की, तो अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से मुलाकात क्यों की थी। जब फाइलें गायब नहीं हैं, तो एसडीएम बीते एक सप्ताह से कौन सी फाइलों की खोज करा रहे हैं। इससे साफ है कि तहसीलदार मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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अधिवक्ता बोले, अब तक नहीं मिली फाइल
एक ओर तहसीलदार फाइल गायब नहीं होने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अधिवक्ताओं का कहना है कि फाइलें अब तक नहीं मिली हैं। अधिवक्ता वेदप्रकाश यादव, सुघर सिंह का कहना है कि न्यायालय में फाइलें अब तक नहीं मिल सकी हैं। तहसीलदार गलत कह रहे हैं।
काफी फाइलें मिल चुकीं हैं। तहसीलदार ने फाइलें मिलने के बाद यह बात कहेी होगी। फाइलों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। जल्द समस्या दूर हो जाएगी।
पीएल मौर्य, एसडीएम अलीगंज
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दरअसल, तहसील अलीगंज के तहसीलदार न्यायालय से दाखिल खारिज की 200 फाइलें गायब होने का मामला सामने आया था। जिसके बाद एसडीएम पीएल मौर्य ने बीते शुक्रवार से न्यायालय में पहुंचकर फाइलों की तलाश शुरू कराई। बुधवार तक तमाम फाइलों को सूचीबद्ध कर लिया गया। इन सबके बीच गुरुवार को तहसीलदार आरके त्यागी ने वीडियो जारी कर बयान दिया कि न्यायालय से कोई फाइल गायब ही नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व में रहे पेशकार की वजह से फाइलें दाखिल दफ्तर नहीं हो सकीं। हालांकि उन्होंने न्यायालय में अस्त व्यस्तता की बात स्वीकार की। साथ ही तहसीलदार ने यह भी कहा कि किसी भी अधिवक्ता और किसान ने शिकायत नहीं की।
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इन सवाल के जवाब कौन देगा
तहसीलदार के बयान के बाद तमाम सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल है कि जब फाइलें गायब नहीं हुईं, तो वादी और अधिवक्ता भटकते क्यों रहे। जब फाइलें गायब नहीं हुईं, तो अब तक जमीन खरीदने वाले किसानों के नाम क्यों दाखिल नहीं हुए। जब अधिवक्ताओं ने शिकायत नहीं की, तो अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से मुलाकात क्यों की थी। जब फाइलें गायब नहीं हैं, तो एसडीएम बीते एक सप्ताह से कौन सी फाइलों की खोज करा रहे हैं। इससे साफ है कि तहसीलदार मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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अधिवक्ता बोले, अब तक नहीं मिली फाइल
एक ओर तहसीलदार फाइल गायब नहीं होने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अधिवक्ताओं का कहना है कि फाइलें अब तक नहीं मिली हैं। अधिवक्ता वेदप्रकाश यादव, सुघर सिंह का कहना है कि न्यायालय में फाइलें अब तक नहीं मिल सकी हैं। तहसीलदार गलत कह रहे हैं।
काफी फाइलें मिल चुकीं हैं। तहसीलदार ने फाइलें मिलने के बाद यह बात कहेी होगी। फाइलों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। जल्द समस्या दूर हो जाएगी।
पीएल मौर्य, एसडीएम अलीगंज