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आगरा में खुले स्कूल: पहले दिन फूलमाला पहनाकर किया स्वागत, दोस्तों को देख खिले चेहरे
Tue, 24 Aug 2021 10:11 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 24 Aug 2021 10:11 PM IST
सार
थर्मल स्क्रीनिंग, हाथों को सैनिटाइज करने के बाद दिया गया प्रवेश
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स्कूल खुलने के बाद पहुंचे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लंबे अरसे बाद स्कूल जाने की खुशी बच्चों में साफ देखी जा सकती थी। झटपट बस्ता लादा, बोतल पकड़ी और स्कूल की ओर चल दिए। लंबे अरसे के बाद स्कूल जाने की खुशी बच्चों में साफ दिख रही थी। स्कूल के गेट पर जैसे ही अपने दोस्तों को देखा, उनके चेहरे खिल गए। बातें की और हालचाल जाना। स्कूल संचालकों ने भी बच्चों का फूलमाला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। पहले दिन स्कूल में पढ़ाई का माहौल कम, मस्ती भरा रहा।
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कोरोना महामारी के कारण पांच महीने बाद कक्षा छह से आठ तक के स्कूल खुले। पहले दिन 35 से 40 फीसदी ही उपस्थिति रही। छात्र संख्या कम होने के कारण एक ही पाली में अध्यापन कार्य हुआ। थर्मल स्क्रीनिंग और हाथों को सैनिटाइज कराके ही प्रवेश दिया। बच्चों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनाते हुए सिटिंग प्लान में सामाजिक दूरी का भी पालन कराया। एडी बेसिक महेश चंद्र ने बताया कि पहले दिन उपस्थिति कम रही, स्कूलों का निरीक्षण भी किया। छात्र संख्या लगातार बढ़ेगी।
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प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में ढोल-नगाड़े पर किया डांस
पांच महीने बाद स्कूल पहुंचे बच्चों के तिलक लगाया और फूल मालाएं पहनाईं गई। अंदर मैदान पर पहुंचे तो यहां ढोल-नगाड़े वाले इंतजार करते मिले। सामाजिक दूरी पर बच्चों को खड़ा किया और फिर ढोल नगाड़ों पर बच्चों ने जमकर डांस किया। स्कूल निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि इतने महीनों बाद आए बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए पहले दिन खुशनुमा माहौल के लिए यह किया।
सरस्वती विद्या मंदिर में कोरोना के खात्मे को किया हवन
कमला नगर के सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा शुरू कराने से पहले हवन किया। मंत्रोचारण करते हुए प्रभु से कोरोना वायरस के खात्मे की प्रार्थना भी की। इसके बाद छह फीट की दूरी पर सिटिंग प्लान के तहत पढ़ाई की। प्रधानाचार्य केके द्विवेदी ने बताया कि कोरोना महामारी में बच्चों के मन पर गहरा प्रभाव भी पड़ा है। ऐसे में सकारात्मक सोच के लिए हवन कराया गया।
श्री गांधी कन्या विद्यालय में तालियां बजाकर किया स्वागत
श्री गांधी कन्या महाविद्यालय में बच्चों का तालियां बजाकर स्वागत किया। गेट पर ही सभी की थर्मल स्क्रीनिंग हुई और हाथों को सैनिटाइजर से साफ किया। पढ़ाई शुरू करने से पहले प्रधानाचार्य वत्सला प्रभाकर ने काउंसिलिंग करते हुए कोरोना वायरस से न घबराने को कहा। कोविड नियमों को गंभीरता से पालन की सीख दी।
पांच महीने बाद स्कूल पहुंचे बच्चों के तिलक लगाया और फूल मालाएं पहनाईं गई। अंदर मैदान पर पहुंचे तो यहां ढोल-नगाड़े वाले इंतजार करते मिले। सामाजिक दूरी पर बच्चों को खड़ा किया और फिर ढोल नगाड़ों पर बच्चों ने जमकर डांस किया। स्कूल निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि इतने महीनों बाद आए बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए पहले दिन खुशनुमा माहौल के लिए यह किया।
सरस्वती विद्या मंदिर में कोरोना के खात्मे को किया हवन
कमला नगर के सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा शुरू कराने से पहले हवन किया। मंत्रोचारण करते हुए प्रभु से कोरोना वायरस के खात्मे की प्रार्थना भी की। इसके बाद छह फीट की दूरी पर सिटिंग प्लान के तहत पढ़ाई की। प्रधानाचार्य केके द्विवेदी ने बताया कि कोरोना महामारी में बच्चों के मन पर गहरा प्रभाव भी पड़ा है। ऐसे में सकारात्मक सोच के लिए हवन कराया गया।
श्री गांधी कन्या विद्यालय में तालियां बजाकर किया स्वागत
श्री गांधी कन्या महाविद्यालय में बच्चों का तालियां बजाकर स्वागत किया। गेट पर ही सभी की थर्मल स्क्रीनिंग हुई और हाथों को सैनिटाइजर से साफ किया। पढ़ाई शुरू करने से पहले प्रधानाचार्य वत्सला प्रभाकर ने काउंसिलिंग करते हुए कोरोना वायरस से न घबराने को कहा। कोविड नियमों को गंभीरता से पालन की सीख दी।
बच्चों की काउंसिलिंग की
बच्चों के तिलक लगा, तालियां बजा और फूलमाला पहनाकर स्कूलों में स्वागत किया है। इससे बच्चों पर मानसिक रूप से अच्छा प्रभाव पड़ा है। पढ़ाई का एकदम दबाव न बने, इसके लिए काउंसिलिंग भी की है। - संजय तोमर, अध्यक्ष नप्सा
बढ़ेगी बच्चों की संख्या
पहले दिन स्कूलों में उपस्थिति 35 से 40 फीसदी ही रही है। अभी अभिभावक भी चिंतित हैं। आने वाले दिनों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ेगी। पहले दिन स्कूलों में खुशनुमा माहौल पर जोर दिया गया है। - डॉ. गिरधर शर्मा, उपाध्यक्ष अप्सा
दोस्तों को देखकर खुशी हुई
सुबह जल्दी जगी और झटपट तैयार भी हो गई। मम्मी ने टिफिन भी लगा दिया। गेट पर अपने दोस्तों को देखकर खुशी हुई। उनसे खूब बातें की और मुझे बहुत अच्छा लगा। - देवांशी सिंह, कक्षा छह
दोस्तों से मिलने की थी जल्दी
कोरोना-कोरोना सुनकर परेशान हो गया था। दोस्तों से मिल भी नहीं पाया था। दोस्तों से मिलने की इतनी जल्दी थी कि मैं सुबह खुद ही जगकर सबसे पहले तैयार हो गया। - स्वास्तिक गर्ग, कक्षा सात
पहले जैसा धमाल नहीं
पांच महीने बाद आज पहली बार स्कूल गई। दोस्त मिले, पहले की तरह इंटरवल जैसा धमाल नहीं मचाया, लेकिन दोस्तों के साथ खूब बातें की, मन को सुकून मिला है। - साक्षी अग्रवाल, कक्षा आठ
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बच्चों के तिलक लगा, तालियां बजा और फूलमाला पहनाकर स्कूलों में स्वागत किया है। इससे बच्चों पर मानसिक रूप से अच्छा प्रभाव पड़ा है। पढ़ाई का एकदम दबाव न बने, इसके लिए काउंसिलिंग भी की है। - संजय तोमर, अध्यक्ष नप्सा
बढ़ेगी बच्चों की संख्या
पहले दिन स्कूलों में उपस्थिति 35 से 40 फीसदी ही रही है। अभी अभिभावक भी चिंतित हैं। आने वाले दिनों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ेगी। पहले दिन स्कूलों में खुशनुमा माहौल पर जोर दिया गया है। - डॉ. गिरधर शर्मा, उपाध्यक्ष अप्सा
दोस्तों को देखकर खुशी हुई
सुबह जल्दी जगी और झटपट तैयार भी हो गई। मम्मी ने टिफिन भी लगा दिया। गेट पर अपने दोस्तों को देखकर खुशी हुई। उनसे खूब बातें की और मुझे बहुत अच्छा लगा। - देवांशी सिंह, कक्षा छह
दोस्तों से मिलने की थी जल्दी
कोरोना-कोरोना सुनकर परेशान हो गया था। दोस्तों से मिल भी नहीं पाया था। दोस्तों से मिलने की इतनी जल्दी थी कि मैं सुबह खुद ही जगकर सबसे पहले तैयार हो गया। - स्वास्तिक गर्ग, कक्षा सात
पहले जैसा धमाल नहीं
पांच महीने बाद आज पहली बार स्कूल गई। दोस्त मिले, पहले की तरह इंटरवल जैसा धमाल नहीं मचाया, लेकिन दोस्तों के साथ खूब बातें की, मन को सुकून मिला है। - साक्षी अग्रवाल, कक्षा आठ
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