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जी हां, अब परिषदीय विद्यालय ऐसे ही दिखेंगे...
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20एमएनपी-15-ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्राथमिक विद्यालय बडेरी में की गई पेंटिंग
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। परिषदीय विद्यालय का नाम सुनते ही जहन में बदहाली की छवि उभर आती है। जिसमें जर्जर भवन और चारों और गंदगी नजर आती है। लेकिन मैनपुरी के परिषदीय विद्यालय अब कॉन्वेंट स्कूलों से कदम मिला रहे हैं। इन स्कूलों में जहां चमचमाते टाइल्स लगे हुए हैं। ऐसी पेंटिंग की है जिसमें ट्रेन की शेप दी गई है। आकर्षक सजावट भी है। ये बदलाव आया है पंचायत राज विभाग द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कायाकल्प से।
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों को भी ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मॉडल मनाया जा रहा है। अब तक पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को भेजी गई सूची में प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर और आंगनबाड़ी केंद्र बरिहा में मॉडल शौचालय तैयार किए गए हैं। इस पूरे ऑपरेशन की डीपीआरओ स्वामीदीन खुद नियमित मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
दृश्य एक: प्राथमिक विद्यालय बड़ेरी
प्राथमिक विद्यालय बड़ेरी का भवन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत इस स्कूल को बेहतर बनाया गया है। टूटे-फूटे खिड़की दरवाजों को सही कराने के साथ ही इसे एक रेल का रूप दिया गया है। इसे देखने से ऐसा लगता है, जैसे रेल खड़ी हो। बच्चों को तो ये स्कूल आकर्षित कर ही रहा है वहीं लोगों को भी खूब लुभा रहा है।
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दृश्य दो : प्राथमिक विद्यालय महुअन
प्राथमिक विद्यालय महुअन पहले भी हरियाली के लिए सुर्खियों में रहा है। लेकिन ऑपरेशन कायाकल्प ने इसे पंख लगा दिए हैं। स्कूल में बेहतर पेंटिंग के साथ ही आकर्षक सजावट की गई है। गमलों में लगाई गई फुलवारी और लोहे के फ्रेम की मदद से स्कूल को आकर्षक बनाया गया है। इस सजावट ने कॉन्वेंट स्कूलों को भी पीछे छोड़ दिया है।
दृश्य तीन: प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर
स्कूल के शौचालयों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। लेकिन ये शौचालय भी अब मॉडल होने लगे हैं। प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर के शौचालयों में जहां टाइल्स और पेंटिंग कराई गई हैं तो वहीं बच्चों के हाथ धोने के लिए बेसिन और फ्लश भी लगाए गए हैं। इसी तर्ज पर अन्य शौचालयों को भी विकसित करने के लिए कहा गया है।
बाउंड्रीवाल और सड़क पर भी जोर
ऑपरेशन कायाकल्प में स्कूलों की बाउंड्रीवाल और सड़क पर भी जोर दिया जा रहा है। दरअसल कई जगह बाउंड्रीवाल न होने से गंदगी और रास्ता न होने की समस्या की बात सामने आई थी। इसके बाद ग्राम पंचायतों की बैठक में इसे शामिल करवाकर कार्य शुरू करा दिया गया है।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बेहतर कार्य कराया जा रहा है। इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। पंचायत सचिव और प्रधान मिलकर बेहतर कार्य कर रहे हैं। इससे एक बड़ा बदलाव आएगा।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।
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स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों को भी ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मॉडल मनाया जा रहा है। अब तक पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को भेजी गई सूची में प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर और आंगनबाड़ी केंद्र बरिहा में मॉडल शौचालय तैयार किए गए हैं। इस पूरे ऑपरेशन की डीपीआरओ स्वामीदीन खुद नियमित मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
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दृश्य एक: प्राथमिक विद्यालय बड़ेरी
प्राथमिक विद्यालय बड़ेरी का भवन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत इस स्कूल को बेहतर बनाया गया है। टूटे-फूटे खिड़की दरवाजों को सही कराने के साथ ही इसे एक रेल का रूप दिया गया है। इसे देखने से ऐसा लगता है, जैसे रेल खड़ी हो। बच्चों को तो ये स्कूल आकर्षित कर ही रहा है वहीं लोगों को भी खूब लुभा रहा है।
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दृश्य दो : प्राथमिक विद्यालय महुअन
प्राथमिक विद्यालय महुअन पहले भी हरियाली के लिए सुर्खियों में रहा है। लेकिन ऑपरेशन कायाकल्प ने इसे पंख लगा दिए हैं। स्कूल में बेहतर पेंटिंग के साथ ही आकर्षक सजावट की गई है। गमलों में लगाई गई फुलवारी और लोहे के फ्रेम की मदद से स्कूल को आकर्षक बनाया गया है। इस सजावट ने कॉन्वेंट स्कूलों को भी पीछे छोड़ दिया है।
दृश्य तीन: प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर
स्कूल के शौचालयों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। लेकिन ये शौचालय भी अब मॉडल होने लगे हैं। प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर के शौचालयों में जहां टाइल्स और पेंटिंग कराई गई हैं तो वहीं बच्चों के हाथ धोने के लिए बेसिन और फ्लश भी लगाए गए हैं। इसी तर्ज पर अन्य शौचालयों को भी विकसित करने के लिए कहा गया है।
बाउंड्रीवाल और सड़क पर भी जोर
ऑपरेशन कायाकल्प में स्कूलों की बाउंड्रीवाल और सड़क पर भी जोर दिया जा रहा है। दरअसल कई जगह बाउंड्रीवाल न होने से गंदगी और रास्ता न होने की समस्या की बात सामने आई थी। इसके बाद ग्राम पंचायतों की बैठक में इसे शामिल करवाकर कार्य शुरू करा दिया गया है।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बेहतर कार्य कराया जा रहा है। इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। पंचायत सचिव और प्रधान मिलकर बेहतर कार्य कर रहे हैं। इससे एक बड़ा बदलाव आएगा।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।