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घोटालाः कागजों में बनाई थी दीवार, सौंपने के समय हुई जांच में खुली भ्रष्टाचार की पोल
Sat, 21 Dec 2019 12:09 AM IST
Abhishek Saxena
अमित कुलश्रेष्ठ अमर उजाला, आगरा
अमित कुलश्रेष्ठ अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 21 Dec 2019 12:09 AM IST
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एक साल पहले का एसटीपी का सेटेलाइट इमेज
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना एक्शन प्लान में जमकर भ्रष्टाचार के बाद जल निगम के अफसरों ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में अजब घोटाला कर दिया। ताजमहल के पूर्वी गेट की ओर बने 78 एमएलडी क्षमता के धांधूपुरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की बाउंड्री कागजों में ही बना दी। मामला सामने आया तो अफसरों ने हवा से 10 फुट ऊंची बाउंड्रीवाल ढह जाने का दावा किया। जल निगम ने एक दो नहीं, बल्कि 950 मीटर लंबी बाउंड्रीवाल की जगह कटीले तार लगवा दिए। जल निगम के अफसर अब इस मामले को छिपाने में लगे हुए हैं।
78 एमएलडी के धांधूपुरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पूर्वी ओर दूसरे प्लांट की ओर जाने वाली सड़क के किनारे ईंटों की बाउंड्री की जगह तार खिंचे हुए हैं। जबकि जल निगम ने इसका भुगतान ईंटों की 10 फुट ऊंची बाउंड्री का किया है। जमीन पर आपको न तो नींव नजर आएगी और न ही ईंटें।
जल निगम के अफसरों का दावा है कि बाउंड्रीवाल बनाई तो गई थी, लेकिन हवा से गिर पड़ी। इसकी जगह कटीले तार लगवा दिए गए हैं। ठेकेदार को आननफानन में पूरा भुगतान भी कर दिया गया।
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78 एमएलडी के धांधूपुरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पूर्वी ओर दूसरे प्लांट की ओर जाने वाली सड़क के किनारे ईंटों की बाउंड्री की जगह तार खिंचे हुए हैं। जबकि जल निगम ने इसका भुगतान ईंटों की 10 फुट ऊंची बाउंड्री का किया है। जमीन पर आपको न तो नींव नजर आएगी और न ही ईंटें।
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जल निगम के अफसरों का दावा है कि बाउंड्रीवाल बनाई तो गई थी, लेकिन हवा से गिर पड़ी। इसकी जगह कटीले तार लगवा दिए गए हैं। ठेकेदार को आननफानन में पूरा भुगतान भी कर दिया गया।
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धांधूपुरा एसटीपी की दीवार बनाने का दावा किया गया था, जहां केवल तार नजर आए
- फोटो : अमर उजाला
एसटीपी पर 3000 मीटर लंबी बाउंड्री का निर्माण होना था, जिस पर करीब 2.5 करोड़ रुपये की लागत आनी थीं, लेकिन कागज पर ही यह दिखाकर तार लगवा दिए गए। कागजों में एसटीपी की बाउंड्री तीन साल पहले ही बनाई गई थी। पूरे 950 मीटर लंबाई में एक भी ईंट जमीन पर गिरी नजर नहीं आती और न ही नींव में लगी एक भी ईंट यहां दिखेगी।
अफसरों के दावे पर ये उठे सवाल
- हवा के दबाव से बाउंड्री गिरी तो ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई
- बाउंड्री का निर्माण हुआ तो नींव में लगी और ऊपर लगी ईंटें कहां गायब हुईं
- बाउंड्री गिरने पर ठेकेदार से दोबारा निर्माण क्यों नहीं कराया गया
- जिन अफसरों पर जिम्मेदारी थी, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई
- गुणवत्ता खराब होने पर ठेकेदार की सिक्योरिटी मनी जब्त क्यों नहीं की गई
- तेज हवा में बाउंड्री गिरने की रिपोर्ट कहां हैं, मॉनीटरिंग करने वाले अधिकारी पर क्या कार्रवाई हुई
अफसरों के दावे पर ये उठे सवाल
- हवा के दबाव से बाउंड्री गिरी तो ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई
- बाउंड्री का निर्माण हुआ तो नींव में लगी और ऊपर लगी ईंटें कहां गायब हुईं
- बाउंड्री गिरने पर ठेकेदार से दोबारा निर्माण क्यों नहीं कराया गया
- जिन अफसरों पर जिम्मेदारी थी, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई
- गुणवत्ता खराब होने पर ठेकेदार की सिक्योरिटी मनी जब्त क्यों नहीं की गई
- तेज हवा में बाउंड्री गिरने की रिपोर्ट कहां हैं, मॉनीटरिंग करने वाले अधिकारी पर क्या कार्रवाई हुई
जांच कराऊंगा, अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए
‘धांधूपुरा एसटीपी की बाउंड्री के घोटाले का मामला मेरे सामने आया है। यह अजब कहानी है, जिस पर लखनऊ से लौटने के बाद पूरी जांच कराऊं गा। ठेकेदार को फायदा पहुंचाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए’ - पुरुषोत्तम खंडेलवाल, विधायक
मामला छिपाने में लगे जल निगम अफसर
जल निगम के यमुना एक्शन प्लान प्रोजेक्ट मैनेजर लोकेश शर्मा इस मसले पर सवाल पूछते ही बोले कि यह मामला उठाने की जरूरत ही क्या है। जब पूछा गया कि बाउंड्री घोटाले में कार्रवाई क्या की गई तो बोले - वाप्कोस की टीम के साथ था, इसलिए बता नहीं सकता। मेरे कार्यकाल का मामला नहीं है, इसलिए मुझे कोई जानकारी नहीं। इसके बारे में मत पूछिए। फाइलें अंदर रखी हैं। तलाश करके ही बता पाएंगे।
‘धांधूपुरा एसटीपी की बाउंड्री के घोटाले का मामला मेरे सामने आया है। यह अजब कहानी है, जिस पर लखनऊ से लौटने के बाद पूरी जांच कराऊं गा। ठेकेदार को फायदा पहुंचाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए’ - पुरुषोत्तम खंडेलवाल, विधायक
मामला छिपाने में लगे जल निगम अफसर
जल निगम के यमुना एक्शन प्लान प्रोजेक्ट मैनेजर लोकेश शर्मा इस मसले पर सवाल पूछते ही बोले कि यह मामला उठाने की जरूरत ही क्या है। जब पूछा गया कि बाउंड्री घोटाले में कार्रवाई क्या की गई तो बोले - वाप्कोस की टीम के साथ था, इसलिए बता नहीं सकता। मेरे कार्यकाल का मामला नहीं है, इसलिए मुझे कोई जानकारी नहीं। इसके बारे में मत पूछिए। फाइलें अंदर रखी हैं। तलाश करके ही बता पाएंगे।