फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Satsang Sabha is taking cover of plants to save illegal construction in agra

डूब क्षेत्र: अवैध निर्माण बचाने को पौधों की आड़ ले रही सत्संग सभा, ऐसे बचा रहे कब्जा

Fri, 25 Aug 2023 12:05 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 25 Aug 2023 12:05 AM IST
सार

राधा स्वामी सत्संग सभा का पोइया घाट पर यमुना डूब क्षेत्र में कब्जा जमा हुआ है। इस कब्जे को बचाने के लिए सत्संग सभा पौधों का सहारा ले रही है।
 

विज्ञापन
Satsang Sabha is taking cover of plants to save illegal construction in agra
डूब क्षेत्र में स्तसंग सभा ने लगाए पौधे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के पोइया घाट पर यमुना के डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण को बचाने के लिए राधा स्वामी सत्संग सभा पौधों की आड़ ले रही है। सड़क निर्माण के बाद विवादित क्षेत्र में बृहस्पतिवार को ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में भर कर मिट्टी डाली गई। पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदे जा रहे हैं। ट्री-गार्ड व फैसिंग के लिए तार भी आ गए हैं।
विज्ञापन


राधा स्वामी सत्संग सभा ने 2 अगस्त को डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण कर पक्की सड़क बनाई थी। सिंचाई विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर डूब क्षेत्र में निर्माण नहीं हो सकता। लेकिन, अवैध निर्माण के विरुद्ध 22 दिन बाद भी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। हाईकोर्ट में मुकदमे में भी लचर पैरवी को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उधर, एनजीटी से सत्संग सभा की याचिका निस्तारित हो गई है। एनजीटी ने जिलाधिकारी व सिंचाई विभाग को 30 दिन में इस मामले पर निर्णय के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन


ये भी  पढ़ें - दामाद ने बाथरूम में दी जान: ससुराल वालों ने रखी थी ऐसी शर्त, मजबूरी में उठाया खौफनाक कदम
विज्ञापन
विज्ञापन


इधर, 22 दिन बाद भी डूब क्षेत्र में विवादित स्थल पर पौधरोपण की कवायद चल रही है। 250 से अधिक पौधे पहले ही लगाए जा चुके हैं। जिन्हें ट्री-गार्ड लगाए हैं। खासपुर के ग्रामीणों का आरोप है कि सत्संग सभा ने डूब क्षेत्र में 250 बीघा जमीन पर तार फैसिंग व गेट चढ़ाकर कब्जा कर लिया है। पेड़ लगाने से कब्जा हटाने में बाधा आएगी। साल-दो साल मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने पर पेड़ बड़े हो जाएंगे। फिर इन्हें हटाना मुश्किल होगा। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कब्जा करने का सुनियोजित तरीका है।

जांच को भेजेंगे टीम

जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि डूब क्षेत्र में किसी तरह की अवैध गतिविधि नहीं हो सकती। विवादित क्षेत्र में पौधे नहीं लगाए जा सकते। सिटी मजिस्ट्रेट को भेजकर जांच कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed