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आगरा ज्वेलर्स हत्याकांड: एआई के जमाने में भी पुलिस के पुराने तरीके...एक घंटे बाद पहुंची फॉरेंसिक टीम
Sat, 03 May 2025 02:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 03 May 2025 02:13 PM IST
सार
आगरा ज्वेलर्स हत्याकांड की जांच करने पहुंची पुलिस एआई के जमाने में भी पुराने तरीकों में उलझी नजर आई। पुलिसकर्मी घटनास्थल पर इधर-उधर से जानकारी जुटाने में लगे रहे।
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मौके पर जांच करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जमाने में भी आगरा पुलिस पुराने तरीके से हत्याकांड की जांच में जुटी है। शुक्रवार को सराफ हत्याकांड में ऐसा ही देखने को मिला। पुलिसकर्मी घटनास्थल पर इधर-उधर से जानकारी जुटाने में लगे रहे। करीब एक घंटे बाद फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
हत्याकांड के समय घटनास्थल को सील कर देना चाहिए, जिससे अपराधियों के फिंगर प्रिंट या अन्य साक्ष्य फॉरेंसिक टीम को आसानी से मिल सकें। इसके विपरीत पुलिसकर्मी जांच अधिकारी बनकर घटनास्थल पर रखी चीजों को जांचने में लग गए। कारगिल चौराहे पर सराफ योगेश चौधरी के शोरूम को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बंद करा दिया लेकिन जिस स्थान पर गोली मारी गई थी और सराफ का खून पड़ा था। उस स्थल को सील नहीं किया गया।
वहां पर लोगों की भीड़ जुटी रही। इस वजह से फॉरेंसिक जांच टीम मौके पर पहुंची तो उसे अधिक साक्ष्य नहीं मिल सके। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने और इधर-उधर लोगों से पूछताछ करने तक ही सीमित दिखी।
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कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
सपा नेता विनय अग्रवाल एक प्रतिनिधिमंडल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि पुलिस की लापरवाही है। बदमाश लगातार वारदात करके पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। बाजारों में विशेष सतर्कता के निर्देश सिर्फ कागजी हैं। पुलिस चेकिंग के नाम पर केवल उत्पीड़न करती है।
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हत्याकांड के समय घटनास्थल को सील कर देना चाहिए, जिससे अपराधियों के फिंगर प्रिंट या अन्य साक्ष्य फॉरेंसिक टीम को आसानी से मिल सकें। इसके विपरीत पुलिसकर्मी जांच अधिकारी बनकर घटनास्थल पर रखी चीजों को जांचने में लग गए। कारगिल चौराहे पर सराफ योगेश चौधरी के शोरूम को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बंद करा दिया लेकिन जिस स्थान पर गोली मारी गई थी और सराफ का खून पड़ा था। उस स्थल को सील नहीं किया गया।
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वहां पर लोगों की भीड़ जुटी रही। इस वजह से फॉरेंसिक जांच टीम मौके पर पहुंची तो उसे अधिक साक्ष्य नहीं मिल सके। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने और इधर-उधर लोगों से पूछताछ करने तक ही सीमित दिखी।
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कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
सपा नेता विनय अग्रवाल एक प्रतिनिधिमंडल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि पुलिस की लापरवाही है। बदमाश लगातार वारदात करके पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। बाजारों में विशेष सतर्कता के निर्देश सिर्फ कागजी हैं। पुलिस चेकिंग के नाम पर केवल उत्पीड़न करती है।