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आगरा: संजय काला ने संभाला एसएन के प्राचार्य का पदभार, कोरोना से जंग में सामने कई चुनौतियां
Thu, 14 May 2020 12:34 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 14 May 2020 12:34 PM IST
सार
- एसएन मेडिकल कॉलेज के ही छात्र रहे हैं नए प्राचार्य संजय काला
- कोरोना संक्रमण रोकना होगा पहली प्राथमिकता: डॉ. संजय काला
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एसएन मेडिकल कॉलेज के नए प्राचार्य संजय काला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के एसएन (सरोजिनी नायडू) मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य बनाए गए डॉ. संजय काला ने गुरुवार को पदभार ग्रहण कर लिया है। कोरोना से लड़ रहे एसएन में उनके सामने कई चुनौतियां हैं। एक तो मेडिकल कॉलेज में संक्रमण बढ़ गया है। डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। संक्रमण को और फैलने से रोकना होगा। अन्य गंभीर मरीजों को उपचार भी दिलाना होगा।
ये हैं चुनौतियां
1. मरीज भटकते रहते हैं, कोई यह बताने वाला नहीं कि किस मरीज को किसके पास जाना है। इसके लिए हेल्प डेस्क बनानी होगी।
2. गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर नहीं मिलते। लोग इन्हें गोद में उठाकर ले जाते हैं। संक्रमण के समय में यह जोखिम भरा भी है।
3. इमरजेंसी और ओपीडी की व्यवस्था ठीक करनी होगी। इमरजेंसी में उपचार न मिलने पर हंगामे की सबसे ज्यादा घटनाएं हैं।
4. दवाइयां और जांच एसएन के अंदर ही मिलनी चाहिए। एक्सरे तक के लिए लोगों को बाहर जाना पड़ रहा है।
5. कैंसर सहित कई वार्ड में चूहों की भरमार है, मरीज लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं। इस पर काम करना होगा।
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ये हैं चुनौतियां
1. मरीज भटकते रहते हैं, कोई यह बताने वाला नहीं कि किस मरीज को किसके पास जाना है। इसके लिए हेल्प डेस्क बनानी होगी।
2. गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर नहीं मिलते। लोग इन्हें गोद में उठाकर ले जाते हैं। संक्रमण के समय में यह जोखिम भरा भी है।
3. इमरजेंसी और ओपीडी की व्यवस्था ठीक करनी होगी। इमरजेंसी में उपचार न मिलने पर हंगामे की सबसे ज्यादा घटनाएं हैं।
4. दवाइयां और जांच एसएन के अंदर ही मिलनी चाहिए। एक्सरे तक के लिए लोगों को बाहर जाना पड़ रहा है।
5. कैंसर सहित कई वार्ड में चूहों की भरमार है, मरीज लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं। इस पर काम करना होगा।
संक्रमण रोकना होगा पहली प्राथमिकता: डॉ. संजय काला
डॉ. संजय काला का कहना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैल रहा है, इसको नियंत्रित करने पर पूरा जोर रहेगा। संदिग्ध मरीजों की जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा।उन्होंने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों की बेहतर देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी।
कोरोना के मरीजों के अलावा कैंसर, हृदय, किडनी, टीबी के मरीजों का इलाज प्रभावित न हो, इसकी भी व्यवस्था की जाएगी। ओपीडी में मरीजों की स्क्रीनिंग और इलाज समेत अन्य व्यवस्थाएं सही कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर आइसोलेशन वार्ड समेत अन्य चिकित्सकीय सुविधाओं को तेजी से स्थापित करेंगे। मेडिकल कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई और शोध कार्य भी प्रमुखता में रहेगा।
कोरोना के मरीजों के अलावा कैंसर, हृदय, किडनी, टीबी के मरीजों का इलाज प्रभावित न हो, इसकी भी व्यवस्था की जाएगी। ओपीडी में मरीजों की स्क्रीनिंग और इलाज समेत अन्य व्यवस्थाएं सही कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर आइसोलेशन वार्ड समेत अन्य चिकित्सकीय सुविधाओं को तेजी से स्थापित करेंगे। मेडिकल कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई और शोध कार्य भी प्रमुखता में रहेगा।
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एसएन के ही छात्र रहे हैं संजय काला
कानपुर मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष और एसएन मेडिकल कॉलेज के नवागत प्राचार्य डॉ. संजय काला एसएन मेडिकल कॉलेज के ही छात्र रहे हैं। इन्होंने 1989 में एमबीबीएस में प्रवेश लिया। इनके बैचमेट टीबी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार और मेडिसिन विभाग के डॉ. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि डॉ. काला ने यहीं से एमबीबीएस की है।
प्राचार्य के सहयोगी के तौर पर झांसी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के डॉ. जितेंद्र यादव ने भी एसएन कॉलेज से एमबीबीएस की है। यह 1994 बैच के हैं। इन्होंने एमएस झांसी से ही किया है।
प्राचार्य के सहयोगी के तौर पर झांसी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के डॉ. जितेंद्र यादव ने भी एसएन कॉलेज से एमबीबीएस की है। यह 1994 बैच के हैं। इन्होंने एमएस झांसी से ही किया है।
डॉ. प्रशांत होंगे कोविड हॉस्पिटल अधीक्षक
एसएन प्रधानाचार्य ने हटाए जाने से एक दिन पूर्व मंगलवार को कॉलेज के विभागों में फेरबदल किए। सर्जरी विभाग के डॉ. प्रशांत गुप्ता को एमसीएच विंग में बने 100 बेड के कोविड हॉस्पिटल और बाल रोग विभाग में बन रहे 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड का अधीक्षक नियुक्त किया। इनके अलावा सर्जरी विभाग से डॉ. जूही सिंघल को एसएन में आकस्मिक विभाग का अधीक्षक बनाया।
हर आठ घंटे बाद होगी स्टाफ की ट्रेनिंग
एसएन में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को कोरोना संक्रमण से बचाव संबंधी ट्रेनिंग हर आठ घंटे बाद दी जाएगी। इसके लिए संविदा पर तैनात डॉ. अनुपम शर्मा नोडल अधिकारी होंगे। स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सरोज सिंह इसका नियमित सुपरविजन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।
हर आठ घंटे बाद होगी स्टाफ की ट्रेनिंग
एसएन में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को कोरोना संक्रमण से बचाव संबंधी ट्रेनिंग हर आठ घंटे बाद दी जाएगी। इसके लिए संविदा पर तैनात डॉ. अनुपम शर्मा नोडल अधिकारी होंगे। स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सरोज सिंह इसका नियमित सुपरविजन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।