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मैनपुरी में कीटनाशक दवाओं के दो नमूने जांच में हुए फेल
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मैनपुरी। कृषि रक्षा विभाग द्वारा जांच के लिए भेजे गए कीटनाशक के 34 नमूनों में दो दवाओं के नमूने फेल हो गए हैं। ये दोनों नमूने एक ही दवा और एक ही कंपनी के हैं। रिपोर्ट आने के बाद विभाग विक्रेता और दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर करने की तैयारी में जुट गया है।
जिले में संचालित दुकानों से कृषि रक्षा विभाग अभियान चलाकर कीटनाशक के नमूने लेता है। नवंबर में कुल 34 कीटनाशक दवाओं के नमूने लेकर जिला कृषि रक्षा अधिकारी की ओर से जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे गए थे। इनमें विभिन्न दवाएं शामिल थीं। इसी सप्ताह प्राप्त हुई जांच रिपोर्ट में पता चला कि दो दवाओं के नमूने फेल हो गए हैं।
इसमें सुरेंद्र सिंह खाद एवं बीज भंडार मंडी गेट और रामा खाद एवं बीज भंडार नगला चुन्नी से लिए गए क्लोरोपाइरीफोस 50 प्रतिशत साइपरमैथ्रिन पांच प्रतिशत के दो नमूने शामिल थे। दोनों नमूने एक ही कंपनी ज्योति पेस्टीसाइड सहारनपुर द्वारा बनाए गए थे। रिपोर्ट आने के बाद विभाग अब सीजेएम कोर्ट में विक्रेता और निर्माता कंपनी के विरुद्ध वाद दायर करने की तैयारी में जुट गया है।
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कम पाई नमूनों में दवा की निर्धारित मात्रा
जांच में फेल होने वाले दोनों ही नमूनों में दवा की मात्रा निर्धारित से कम पाई गई। पहले नमूने में क्लोरोपाइरीफोस 50 प्रतिशत के सापेक्ष उपलब्ध मात्रा 43.68 प्रतिशत और साइपरमैथ्रिन पांच प्रतिशत के सापेक्ष उपलब्ध मात्रा 4.83 प्रतिशत मिंली। वहीं दूसरे नमूने में क्लोरापइरीफोस की मात्रा 44.13 प्रतिशत और साइपरमैथ्रिन की मात्रा 4.08 प्रतिशत मिली।
सब्जियों में किया जाता है उपयोग
क्लोरोपाइरीफोस 50 प्रतिशत साइपरमैथ्रिन पांच प्रतिशत दवा का उपयोग सब्जियों की फसल में होता है। फसल में कीट लगने पर उसे संरक्षित करने के लिए इस दवा का छिड़काव किया जाता है।
वर्जन
जांच में दो कीटनाशक दवाओं के नमूने फेल हो गए हैं। दोनों में दवा की मात्रा निर्धारित से कम पाई गई है। इसके चलते विक्रेता और निर्माता कंपनी के विरुद्ध सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाएगा।
डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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जिले में संचालित दुकानों से कृषि रक्षा विभाग अभियान चलाकर कीटनाशक के नमूने लेता है। नवंबर में कुल 34 कीटनाशक दवाओं के नमूने लेकर जिला कृषि रक्षा अधिकारी की ओर से जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे गए थे। इनमें विभिन्न दवाएं शामिल थीं। इसी सप्ताह प्राप्त हुई जांच रिपोर्ट में पता चला कि दो दवाओं के नमूने फेल हो गए हैं।
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इसमें सुरेंद्र सिंह खाद एवं बीज भंडार मंडी गेट और रामा खाद एवं बीज भंडार नगला चुन्नी से लिए गए क्लोरोपाइरीफोस 50 प्रतिशत साइपरमैथ्रिन पांच प्रतिशत के दो नमूने शामिल थे। दोनों नमूने एक ही कंपनी ज्योति पेस्टीसाइड सहारनपुर द्वारा बनाए गए थे। रिपोर्ट आने के बाद विभाग अब सीजेएम कोर्ट में विक्रेता और निर्माता कंपनी के विरुद्ध वाद दायर करने की तैयारी में जुट गया है।
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कम पाई नमूनों में दवा की निर्धारित मात्रा
जांच में फेल होने वाले दोनों ही नमूनों में दवा की मात्रा निर्धारित से कम पाई गई। पहले नमूने में क्लोरोपाइरीफोस 50 प्रतिशत के सापेक्ष उपलब्ध मात्रा 43.68 प्रतिशत और साइपरमैथ्रिन पांच प्रतिशत के सापेक्ष उपलब्ध मात्रा 4.83 प्रतिशत मिंली। वहीं दूसरे नमूने में क्लोरापइरीफोस की मात्रा 44.13 प्रतिशत और साइपरमैथ्रिन की मात्रा 4.08 प्रतिशत मिली।
सब्जियों में किया जाता है उपयोग
क्लोरोपाइरीफोस 50 प्रतिशत साइपरमैथ्रिन पांच प्रतिशत दवा का उपयोग सब्जियों की फसल में होता है। फसल में कीट लगने पर उसे संरक्षित करने के लिए इस दवा का छिड़काव किया जाता है।
वर्जन
जांच में दो कीटनाशक दवाओं के नमूने फेल हो गए हैं। दोनों में दवा की मात्रा निर्धारित से कम पाई गई है। इसके चलते विक्रेता और निर्माता कंपनी के विरुद्ध सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाएगा।
डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।