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सैनिटाइजर समेत तीन दवाओं के नमूने जांच में हुए फेल
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मैनपुरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा दो माह पहले जांच के लिए भेजे गए दवाओं के तीन नमूने फेल हो गए। जांच रिपोर्ट आने के बाद औषधि निरीक्षक ने दो मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जवाब आने के बाद मुकदमा दायर किया जाएगा।
अक्तूबर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने एक शिकायत पर भजन मेडिकल स्टोर पुडरी पर छापा मारा था। इस दौरान बीटाबेक्स टैबलेट और मोक्सीक्लो सीरप का नमूना लिया था। बीते सप्ताह जांच रिपोर्ट आई तो ये दोनों नमूने जांच में फेल हो गए। मोक्सीक्लो सीरप में जहां दवा की मात्रा 60 प्रतिशत मिली तो वहीं बीटाबेक्स टैबलेट का रंग परिवर्तित हो गया था। रिपोर्ट में दवा का रंग बदलने के चलते उसे खराब बताया गया है।
वहीं अक्तूबर में ही जांच के दौरान शहर के न्यू अनिल मेडिकल स्टोर से लिए गए एक सैनिटाइजर की रिपोर्ट भी फेल आई है। सैनिटाइजर का नमूना मिथ्याछाप होने के कारण फेल हुआ है। रिपोर्ट आने के बाद दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। साथ ही संबंधित दवाओं के उपलब्ध स्टॉक पर भी रोक लगा दी गई है।
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आजीवन कारावास तक की सजा का है प्रावधान
दवाओं के नमूने फेल होने पर औषधि निरीक्षक द्वारा विशेष न्यायालय औषधि में विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दायर किया जाता है। ये मुकदमा विक्रेता का जवाब आने के बाद दायर करने का नियम है। इसके बाद न्यायाधीश मामले की सुनवाई कर जुर्माना, सजा या दोनों का दंड देते हैं। इस मामले में आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
- तीन नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - उर्मिला अग्रवाल, औषधि निरीक्षक।
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अक्तूबर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने एक शिकायत पर भजन मेडिकल स्टोर पुडरी पर छापा मारा था। इस दौरान बीटाबेक्स टैबलेट और मोक्सीक्लो सीरप का नमूना लिया था। बीते सप्ताह जांच रिपोर्ट आई तो ये दोनों नमूने जांच में फेल हो गए। मोक्सीक्लो सीरप में जहां दवा की मात्रा 60 प्रतिशत मिली तो वहीं बीटाबेक्स टैबलेट का रंग परिवर्तित हो गया था। रिपोर्ट में दवा का रंग बदलने के चलते उसे खराब बताया गया है।
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वहीं अक्तूबर में ही जांच के दौरान शहर के न्यू अनिल मेडिकल स्टोर से लिए गए एक सैनिटाइजर की रिपोर्ट भी फेल आई है। सैनिटाइजर का नमूना मिथ्याछाप होने के कारण फेल हुआ है। रिपोर्ट आने के बाद दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। साथ ही संबंधित दवाओं के उपलब्ध स्टॉक पर भी रोक लगा दी गई है।
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आजीवन कारावास तक की सजा का है प्रावधान
दवाओं के नमूने फेल होने पर औषधि निरीक्षक द्वारा विशेष न्यायालय औषधि में विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दायर किया जाता है। ये मुकदमा विक्रेता का जवाब आने के बाद दायर करने का नियम है। इसके बाद न्यायाधीश मामले की सुनवाई कर जुर्माना, सजा या दोनों का दंड देते हैं। इस मामले में आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
- तीन नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - उर्मिला अग्रवाल, औषधि निरीक्षक।