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25 हजारी बनते ही नहीं माने जाएंगे गरीब
25 हजारी बनते ही नहीं माने जाएंगे गरीब
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:13 AM IST
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दो हजार रुपये का नोट
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आप अंत्योदय (अति गरीब) कार्डधारक हैं और बैंक में खातेदार भी। अगर कोई आपके खाते में 2.50 लाख रुपये तक जमा कराने का प्रलोभन देता है, तो सावधान हो जाइए। संभावित है, ऐसे खातेदार योजना के दायरे से बाहर हो सकते हैं। अन्य सरकारी सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ सकता है।
प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी ने 500-1000 के नोटबंदी के बाद जमा पैसा सीधे अपने खाते में डालने की घोषणा की है। 2.50 लाख रुपये तक किसी भी खातेदार को नोटिस नहीं दिया जाएगा। इस घोषणा से अंत्योदय (अति गरीब) कार्ड धारकों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। अभी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अति गरीब की करीब 22 हजार रुपये वार्षिक आय मानकर ही अंत्योदय का लाभ दिया जा रहा है। इनके खाते में 25 हजार रुपये भी जमा हुए तो ये अपात्र हो सकते हैं। इस स्थिति को लेकर विभाग भी पसोपेश में हैं। स्पष्ट रूप से भले ही नहीं लेकिन अधिकारी मानते हैं कि 30 दिसंबर (500-1000 रुपये जमा करने की अंतिम तिथि) के बाद पात्रों की पुन: समीक्षा संभव हो। डीएसओ बीके शुक्ला का कहना है कि खाते में अधिक रकम आई तो संभावना है कि सरकार समीक्षा कर नई गाइड लाइन जारी करे, अभी तक ऐसा कोई दिशा-निर्देश नहीं है।
मिलती हैं इलाज समेत कई सरकारी सुविधाएं
जिले में 9,566 अंत्योदय कार्डधारक हैं। प्रति कार्ड 15 किग्रा गेहूं और 20 किग्रा चावल मिलते हैं। कीमत की बात करें तो दो रुपये के गेहूं और तीन रुपये किग्रा चावल है। इनको राशन में ही नहीं चिकित्सा, आवास योजना समेत कई विभागों में सरकारी मदद मिलती है। अति गरीब को सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज की सुविधा है।
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अंत्योदय कार्ड घारक के लिए नियम
परिवार की 22 हजार से कम वार्षिक आय
कच्चा मकान, झोपड़-पट्टी में रहने वाला
दुपहिया वाहन न हो, भिक्षावृत्ति
स्थायी रोजगार न हो, भूमिहीन
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प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी ने 500-1000 के नोटबंदी के बाद जमा पैसा सीधे अपने खाते में डालने की घोषणा की है। 2.50 लाख रुपये तक किसी भी खातेदार को नोटिस नहीं दिया जाएगा। इस घोषणा से अंत्योदय (अति गरीब) कार्ड धारकों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। अभी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अति गरीब की करीब 22 हजार रुपये वार्षिक आय मानकर ही अंत्योदय का लाभ दिया जा रहा है। इनके खाते में 25 हजार रुपये भी जमा हुए तो ये अपात्र हो सकते हैं। इस स्थिति को लेकर विभाग भी पसोपेश में हैं। स्पष्ट रूप से भले ही नहीं लेकिन अधिकारी मानते हैं कि 30 दिसंबर (500-1000 रुपये जमा करने की अंतिम तिथि) के बाद पात्रों की पुन: समीक्षा संभव हो। डीएसओ बीके शुक्ला का कहना है कि खाते में अधिक रकम आई तो संभावना है कि सरकार समीक्षा कर नई गाइड लाइन जारी करे, अभी तक ऐसा कोई दिशा-निर्देश नहीं है।
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मिलती हैं इलाज समेत कई सरकारी सुविधाएं
जिले में 9,566 अंत्योदय कार्डधारक हैं। प्रति कार्ड 15 किग्रा गेहूं और 20 किग्रा चावल मिलते हैं। कीमत की बात करें तो दो रुपये के गेहूं और तीन रुपये किग्रा चावल है। इनको राशन में ही नहीं चिकित्सा, आवास योजना समेत कई विभागों में सरकारी मदद मिलती है। अति गरीब को सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज की सुविधा है।
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अंत्योदय कार्ड घारक के लिए नियम
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कच्चा मकान, झोपड़-पट्टी में रहने वाला
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स्थायी रोजगार न हो, भूमिहीन