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आरटीई : प्रवेश तो मिला, पर नहीं हुआ शुक्ल प्रतिपूर्ति का भुगतान
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मैनपुरी। अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत दुर्बल आय वर्ग के बच्चों को उनकी पसंद के निजी स्कूल में दाखिला देने की व्यवस्था है। 25 प्रतिशत सीटों पर दुर्बल आय वर्ग के बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिलाया जा रहा है। पिछले तीन सत्र से योजना के तहत जिले के 30 प्रतिशत स्कूलों में शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि का भुगतान नहीं हुआ है। इसके चलते छात्रों को स्कूल संचालक नाम काटने की धमकी दे रहे हैं। आरटीई के तहत अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर बाकी सभी स्कूलों को उनके यहां की 25 फीसदी सीटों पर दुर्बल आय वर्ग के बच्चे को निशुल्क दाखिला देना होता है। दाखिले के बाद फीस प्रतिपूर्ति राज्य सरकार को करनी होती है। निजी स्कूल में निशुल्क दाखिले के लिए अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। बीएसए आवेदनों की जांच करने के बाद सत्यापित करते हैं कि बच्चा दाखिले के लिए अर्ह है या नहीं। इसके बाद लॉटरी के द्वारा बच्चों को स्कूलों का आवंटन होता है।
बेसिक शिक्षा विभाग के रिकार्ड के अनुसार जिले के करीब 70 स्कूलों में आरटीई के तहत पिछले तीन साल से ढाई हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें से 50 स्कूलों में अध्ययनरत करीब 1700 छात्र-छात्राओं की शुल्क प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान हो चुका है। जबकि 800 छात्र-छात्राओं की शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि का भुगतान नहीं हो सका है। जिसके चलते संबंधित कॉलेजों के प्रधानाचार्य और प्रबंधक छात्र-छात्राओं को परेशान कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं को नाम काटने की धमकी भी दी जा रही है।
इस सत्र में अब तक 269 को आवंटित हुए स्कूल
आरटीई के तहत शिक्षा सत्र 2023-24 में अभी तक प्रथम चरण में जिले में 269 छात्र-छात्राओं का लकी ड्रा के माध्यम से चयन कर स्कूला अवंटित किए गए हैं। दूसरी चरण के ऑनलाइन आवेदन जारी है। जिला समन्वयक आरटीई ने जिले के दुर्बल आय वर्ग के लोगों से अपील की है कि वे शासन की योजनाओं का लाभ लेकर छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान कराएं।
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पिछले तीन सत्रों में प्रवेश का विवरण
सत्र 2021- 22- 600
सत्र 2022-23- 800
सत्र 2023-24- 269 प्रथम चरण
जिन विद्यालयों ने फीस प्रतिपूर्ति के लिए मांग पत्र दिया था उनका भुगतान करा दिया गया है। जो भी शेष रह गए हैं उनसे मांग पत्र मांगा गया है। मांग पत्र प्राप्त होने के बाद भुगतान के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
आदित्य कुमार, जिला समन्वयक अनिवार्य शिक्षा
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बेसिक शिक्षा विभाग के रिकार्ड के अनुसार जिले के करीब 70 स्कूलों में आरटीई के तहत पिछले तीन साल से ढाई हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें से 50 स्कूलों में अध्ययनरत करीब 1700 छात्र-छात्राओं की शुल्क प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान हो चुका है। जबकि 800 छात्र-छात्राओं की शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि का भुगतान नहीं हो सका है। जिसके चलते संबंधित कॉलेजों के प्रधानाचार्य और प्रबंधक छात्र-छात्राओं को परेशान कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं को नाम काटने की धमकी भी दी जा रही है।
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इस सत्र में अब तक 269 को आवंटित हुए स्कूल
आरटीई के तहत शिक्षा सत्र 2023-24 में अभी तक प्रथम चरण में जिले में 269 छात्र-छात्राओं का लकी ड्रा के माध्यम से चयन कर स्कूला अवंटित किए गए हैं। दूसरी चरण के ऑनलाइन आवेदन जारी है। जिला समन्वयक आरटीई ने जिले के दुर्बल आय वर्ग के लोगों से अपील की है कि वे शासन की योजनाओं का लाभ लेकर छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान कराएं।
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पिछले तीन सत्रों में प्रवेश का विवरण
सत्र 2021- 22- 600
सत्र 2022-23- 800
सत्र 2023-24- 269 प्रथम चरण
जिन विद्यालयों ने फीस प्रतिपूर्ति के लिए मांग पत्र दिया था उनका भुगतान करा दिया गया है। जो भी शेष रह गए हैं उनसे मांग पत्र मांगा गया है। मांग पत्र प्राप्त होने के बाद भुगतान के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
आदित्य कुमार, जिला समन्वयक अनिवार्य शिक्षा