यूपी बजट से आगरा मेट्रो को 'रफ्तार', 478 करोड़ रुपये से बनेंगे छह स्टेशन
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प्रदेश सरकार ने आगरा मेट्रो के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 478 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे छह मेट्रो स्टेशनों का निर्माण हो सकेगा। 385 करोड़ रुपये बजट के तीन स्टेशन और डिपो निर्माणाधीन है। नए बजट से शेष तीन और भूमिगत स्टेशन का निर्माण भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
पहले चरण में आगरा में सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक 14 किमी. लंबे पहले कॉरिडोर में सिर्फ 7 किमी लंबा 6 स्टेशन का प्राथमिकता कॉरिडोर बनेगा। 4 किमी ट्रैक और ताजपूर्वी, बसई व फतेहाबाद रोड तीन स्टेशन 273 करोड़ लागत से निर्माणधीन हैं। तीन किमी ट्रैक के लिए ताजमहल, आगरा किला और जामा मस्जिद स्टेशन के लिए टनल खोदी जाएगी।
बजट मिलने पर इन स्टेशनों के टेंडर अगले महीने तक खुल सकते हैं। पिछले साल आगरा मेट्रो के लिए 286 करोड़ रुपये मिले थे। 2017-18 में 10 करोड़ मिले। कुल 774 करोड़ रुपये खर्च के लिए तय हुए हैं। इनमें 385 करोड़ से डिपो व तीन स्टेशनों का निर्माण चल रहा है।
जुलाई 2023 में होगा मेट्रो ट्रेन का ट्रायल
30 महीने में यानी जुलाई 2023 तक 7 कि.मी प्राथमिकता कॉरिडोर पर मेट्रो ट्रेन का ट्रायल शुरू हो जाएगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ( यूपीएमआरसी ) ने दावा किया है कि 30 में ट्रोयल और 36 महीने में यात्रियों के लिए ट्रेन शुरू हो जाएगी।
पांच साल में 2025 तक दोनों कॉरिडोर पर मेट्रो चलने लगेगी। यूपीएमआरसी के डीजीएम-पीआर पंचनान मिश्र ने कहा आवासन सचिव डीएस मिश्रा ने दिसंबर 2022 तक डेडलाइन बनाई है लेकिन हमें ट्रायल में 6 माह और लग जाएंगे। जुलाई 2023 तक पहला चरण पूरा हो जाएगा।
तीन महीने में 130 पाइल खोदे, दो पिलर बनाए
पीएम नरेंद्र मोदी ने 7 दिसंबर 2020 को आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि बीते तीन महीने में 3 एलिवेटेड स्टेशन व 4 कि.मी ट्रैक निर्माण के लिए 6 रिग मशीनों से 130 पाइल खोदे जा चुके हैं। ताजपूर्वी गेट स्टेशन का पहला पिलर खड़ा हो चुका है। दूसरा पिलर निर्माणधीन है। उधर, पीएसी मैदान में मेट्रो डिपो के लिए स्टेबलिंग यार्ड, वर्कशॉप व अन्य कार्य चल रहे हैं।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के आंकड़े
- 8380 करोड़ प्रोजेक्ट की कुल लागत
- 4190 करोड़ यूरोपियन बैंक से ऋण
- 2080 करोड़ रुपये केन्द्र सरकार अंश
- 2080 करोड़ रुपये राज्य सरकार अंश