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रोटी के लिए मोहताज रामबाबू पराठे वाले की पत्नी
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आगरा। मशहूर रामबाबू पराठे वाले की पत्नी सुमित्रा रोटी के लिए मोहताज है। पति की मृत्यु के बाद उनके पास रहने को न घर है, न खाने के लिए दो वक्त की रोटी। मंगलवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में वह धर्मार्थ संस्था से खाना लेकर पेट भर रहीं थीं। छत से गिरने के कारण घायल हुआ उनका बेटा उपचार के लिए एसएन अस्पताल में भर्ती है।
बालूगंज में रामबाबू पराठे वाले की दुकान मशहूर है। करीब 40 साल पुरानी रामबाबू के पराठे की दुकान पर खाने के शौकीन जाते रहे हैं। यहां देशी घी से लेकर तरह-तरह के पराठे बनते हैं। रामबाबू की पत्नी सुमित्रा ने बताया कि आठ साल पहले पति की मृत्यु हो गई। जिसके बाद परिवार के लोगों ने ही दुकान हड़प ली। आज भी उनके नाम से दुकान चला रहे हैं। मुझे घर से निकाल दिया। मैं लोगों के घरों में झाडू-पोंछा कर पेट पाल रही थी। फिर मेरी हालत पर तरस खाकर एक रिश्तेदार ने अपने घर में कमरा दे दिया। मेरा बेटा छत से गिरकर घायल हो गया था। उसके उपचार के लिए एसएन में आई हूं।
एसएन में संस्था द्वारा असहाय व गरीब लोगों को जो खाना बांटा जाता है, सुमित्रा भी मंगलवार को वहीं खाती नजर आई। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। जिसमें वह कह रही हैं कि अब तो हमारी हालात भिखारियों से भी बदतर हो गई है।
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बालूगंज में रामबाबू पराठे वाले की दुकान मशहूर है। करीब 40 साल पुरानी रामबाबू के पराठे की दुकान पर खाने के शौकीन जाते रहे हैं। यहां देशी घी से लेकर तरह-तरह के पराठे बनते हैं। रामबाबू की पत्नी सुमित्रा ने बताया कि आठ साल पहले पति की मृत्यु हो गई। जिसके बाद परिवार के लोगों ने ही दुकान हड़प ली। आज भी उनके नाम से दुकान चला रहे हैं। मुझे घर से निकाल दिया। मैं लोगों के घरों में झाडू-पोंछा कर पेट पाल रही थी। फिर मेरी हालत पर तरस खाकर एक रिश्तेदार ने अपने घर में कमरा दे दिया। मेरा बेटा छत से गिरकर घायल हो गया था। उसके उपचार के लिए एसएन में आई हूं।
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एसएन में संस्था द्वारा असहाय व गरीब लोगों को जो खाना बांटा जाता है, सुमित्रा भी मंगलवार को वहीं खाती नजर आई। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। जिसमें वह कह रही हैं कि अब तो हमारी हालात भिखारियों से भी बदतर हो गई है।
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