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आग में फंसे रोहन ने रिश्तेदार को फोन कर कहा था, मुझे बचा लो
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 14 Jun 2017 08:59 PM IST
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रोहन
- फोटो : अमर उजाला
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मैं आग में फंस गया हूं। मुझे आकर बचा लो। आग में जिंदा जले रोहन ने गोदाम में फंसने के कुछ देर बाद ही अपने परिचित को फोन करके बचाने की गुहार लगाई थी। मगर, पुलिस और दमकल कर्मियों को उसके अंदर फंसे होने की भनक तक नहीं लग सकी। आग बुझने पर पुलिस बिना जांच वापस लौट गई। एक घंटे बाद लोगों ने गोदाम में उसका पैर देखकर उसके शव को निकाला।
गोदाम की आग में जिंदा जला रोहन पुत्र डालचंद दो भाइयों में छोटा था। वहीं एक बहन है। भाई और पिता जूता कारीगर हैं। वह दो साल से महेश के कारखाना में काम कर रहा था। उसने अपने घर के पास रहने वाले एक दुकानदार को फोन किया था। कहा था कि उसे बचा लो। इसके बाद ही दुकानदार ने उसके घरवालों को घटना की जानकारी दी थी।
काफी देर तक उसकी मां वीरवती बेटे की तलाश के लिए गोदाम के आसपास भटकती रही, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि पुलिस से भी रोहन के गोदाम में फंसे होने के बारे में बताया था, लेकिन पुलिस बिना जांच करे ही चली गई। घटनास्थल पर सीओ और इंस्पेक्टर तक नहीं आए।
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आग में झुलसे राजकुमार ने अस्पताल जाने से पहले रोहने के आग में फंसने की जानकारी दी थी। लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश था कि पुलिस अगर, समय पर आती और रोहन को निकाल लेती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। वहीं बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।
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गोदाम की आग में जिंदा जला रोहन पुत्र डालचंद दो भाइयों में छोटा था। वहीं एक बहन है। भाई और पिता जूता कारीगर हैं। वह दो साल से महेश के कारखाना में काम कर रहा था। उसने अपने घर के पास रहने वाले एक दुकानदार को फोन किया था। कहा था कि उसे बचा लो। इसके बाद ही दुकानदार ने उसके घरवालों को घटना की जानकारी दी थी।
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काफी देर तक उसकी मां वीरवती बेटे की तलाश के लिए गोदाम के आसपास भटकती रही, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि पुलिस से भी रोहन के गोदाम में फंसे होने के बारे में बताया था, लेकिन पुलिस बिना जांच करे ही चली गई। घटनास्थल पर सीओ और इंस्पेक्टर तक नहीं आए।
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आग में झुलसे राजकुमार ने अस्पताल जाने से पहले रोहने के आग में फंसने की जानकारी दी थी। लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश था कि पुलिस अगर, समय पर आती और रोहन को निकाल लेती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। वहीं बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।
फोम के नीचे छुप गया था रोहन
अाग के बाद हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
मोहन सिंह के मकान के जिस कमरे में गोदाम बना हुआ था वह दस वर्ग फीट का है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रोहन का शव कमरे की दीवार के सहारे मिला। उसके ऊपर फोम पड़ा हुआ था। इससे लगता है कि आग लगने के बाद रोहन नीचे बैठ गया। उसने आग से बचने के लिए अपने ऊपर फोम डाल ली होगी। मगर, उसे अंदाजा नहीं था कि फोम भी आग पकड़ लेगी। इस कारण ही वह बाहर नहीं आ सका। और जिंदा जल गया।