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UP: बाइक की लाल रिम से पकड़े गए लुटेरे, 8 लाख की लूट का खुलासा; यक्ष ऐप की मदद से बदमाशों तक पहुंची पुलिस
Tue, 24 Mar 2026 09:57 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 24 Mar 2026 09:57 AM IST
सार
आगरा में 8 लाख की सराफा लूट का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। सीसीटीवी में दिखी बाइक की लाल रिम और यक्ष ऐप की मदद से आरोपियों की पहचान कर लूटा गया सोना बरामद किया गया।
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कैमरे में दिखी थी बाइक की लाल रंग की रिम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के बिचपुरी में 17 मार्च को सराफ से 8 लाख रुपये का सोना लूटने के तीन आरोपियों को पुलिस ने रविवार रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपी रोहित पुलिस की गोली लगने से घायल है। वह वृंदावन में अपने दोस्त अंकित के साथ ज्योति धाम गेस्ट हाउस चला रहा था। उसमें घाटा होने पर लूट की साजिश रची।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और यक्ष एप की मदद से आरोपियों की पहचान करने में सफल रही। उनसे लूटा गया सोना और बाइक भी बरामद कर ली। बिचपुरी से रुनकता वाले मार्ग पर गांव सदरवन के पास गांव अटूस निवासी नीरेश वर्मा से लूट हुई थी। वह दुकान बंद कर रिश्तेदार युवक के साथ बाइक से घर जा रहे थे। तीन बदमाशों ने जेवरात से भरा बैग लूटा था। जेवरात की कीमत तकरीबन 8 लाख रुपये थी।
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पुलिस सीसीटीवी फुटेज और यक्ष एप की मदद से आरोपियों की पहचान करने में सफल रही। उनसे लूटा गया सोना और बाइक भी बरामद कर ली। बिचपुरी से रुनकता वाले मार्ग पर गांव सदरवन के पास गांव अटूस निवासी नीरेश वर्मा से लूट हुई थी। वह दुकान बंद कर रिश्तेदार युवक के साथ बाइक से घर जा रहे थे। तीन बदमाशों ने जेवरात से भरा बैग लूटा था। जेवरात की कीमत तकरीबन 8 लाख रुपये थी।
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पुलिस ने बताया कि रविवार रात पथाैली नहर के पास बाइक सवारों को रोकने की कोशिश की तो फायरिंग होने लगी। जवाबी फायरिंग में आरोपी रोहित गोस्वामी गोली लगने से घायल हो गया। उसके साथी अंकित भगाैर और प्रिंस को भी पकड़ लिया गया। उनसे तमंचा, अपाचे बाइक, लूटे गए जेवरात बरामद किए गए हैं।
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जेल में रची थी सराफ को लूटने की साजिश
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए 100 से अधिक कैमरे देखे गए थे। एक कैमरे में आरोपी मलपुरा के गांव अभयपुरा निवासी रोहित गोस्वामी का चेहरा आया था। इसे यक्ष एप में डाला गया। फोटो से उसकी पहचान हो गई। उसके खिलाफ मलपुरा में लूट की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। दो साल पहले वह जेल गया था। जेल में बंद अपराधियों ने उसे सराफ से लूट के बारे में बताया था। कहा था कि सराफ दुकान से अकेले घर जाते हैं। उनके पास काफी जेवरात होते हैं।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए 100 से अधिक कैमरे देखे गए थे। एक कैमरे में आरोपी मलपुरा के गांव अभयपुरा निवासी रोहित गोस्वामी का चेहरा आया था। इसे यक्ष एप में डाला गया। फोटो से उसकी पहचान हो गई। उसके खिलाफ मलपुरा में लूट की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। दो साल पहले वह जेल गया था। जेल में बंद अपराधियों ने उसे सराफ से लूट के बारे में बताया था। कहा था कि सराफ दुकान से अकेले घर जाते हैं। उनके पास काफी जेवरात होते हैं।
देहात के इलाकों में आसानी से लूट की जा सकती है। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसने दोस्त अंकित भगाैर के साथ वृंदावन में किराए पर ज्योति धाम गेस्ट हाउस खोल लिया था। यहीं पर उसकी मुलाकात फिरोजाबाद के रहने वाले प्रिंस से हुई। तीनों को गेस्ट हाउस में घाटा हो गया। इसे चुकाने के लिए लूट की साजिश रची। मलपुरा के होने के कारण सराफ नीरेश वर्मा को जानते थे। उन्होंने दो दिन रेकी की। सराफ के आने जाने का रूट देखा था।
कैमरे में दिखी थी बाइक की लाल रंग की रिम
डीसीपी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ना आसान नहीं था। पुलिस को शक स्थानीय बदमाशों पर था। मगर कैमरे देखने पर पता चला कि बदमाश रुनकता की तरफ से आए थे। भागने के लिए अछनेरा की तरफ का रास्ता तय किया। अंधेरा होने की वजह से पहचान भी नहीं हो पा रही थी। उनकी बाइक की रिम का लाल रंग कैमरे में आ गया था। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से पुलिस को बदमाशों के भागने वाला रूट मिल गया। पुलिस होटल पर पहुंची। वहां पर बाइक खड़ी हुई थी। वहीं एक बदमाश का चेहरा यक्ष एप में आ गया था। पुलिस ने वृंदावन के होटल के कर्मचारियों से पूछा। पता चला कि बाइक मालिक ही चलाते हैं। मगर वो दो-तीन दिन से आ नहीं रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लग गई थी।
डीसीपी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ना आसान नहीं था। पुलिस को शक स्थानीय बदमाशों पर था। मगर कैमरे देखने पर पता चला कि बदमाश रुनकता की तरफ से आए थे। भागने के लिए अछनेरा की तरफ का रास्ता तय किया। अंधेरा होने की वजह से पहचान भी नहीं हो पा रही थी। उनकी बाइक की रिम का लाल रंग कैमरे में आ गया था। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से पुलिस को बदमाशों के भागने वाला रूट मिल गया। पुलिस होटल पर पहुंची। वहां पर बाइक खड़ी हुई थी। वहीं एक बदमाश का चेहरा यक्ष एप में आ गया था। पुलिस ने वृंदावन के होटल के कर्मचारियों से पूछा। पता चला कि बाइक मालिक ही चलाते हैं। मगर वो दो-तीन दिन से आ नहीं रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लग गई थी।