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Road Accident: एक ही चिता पर हुआ तीनों बच्चों का अंतिम संस्कार, बच्चों के शवों को देखकर मां और दादी बेहाल
Fri, 12 May 2023 10:14 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 12 May 2023 10:14 AM IST
सार
कार हादसे में जान गंवाने वाली प्रज्ञा, अरविंद और दीप्ति के शव बृहस्पतिवार शाम को गांव पहुंचे तो चीत्कार मच गई। महिलाओं के कलेजे को कंपाने वाला रुदन गूंजने लगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के साथ विधायक और भाजपा नेता पहुंच गए। पुलिस की मौजूदगी में तीनों बच्चों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के फतेहाबाद मार्ग पर डौकी के गांव कछपुरा में बृहस्पतिवार सुबह तेज रफ्तार कार की टक्कर से एक छात्र और दो छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर घायल हो गए। सभी बच्चे स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे। चालक नशे की हालत 90 की रफ्तार पर कार दौड़ा रहा था।
कार हादसे में मरने वाली प्रज्ञा, अरविंद और दीप्ति के शव बृहस्पतिवार शाम को गांव पहुंचे तो चीत्कार मच गई। महिलाओं के कलेजे को कंपाने वाला रुदन गूंजने लगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के साथ विधायक और भाजपा नेता पहुंच गए।
पुलिस की मौजूदगी में तीनों बच्चों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। शाम को कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्या, विधायक धर्मपाल सिंह, भाजपा नेता मुनेंद्र जादौन सहित आदि पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे।
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अपने बच्चों के शव को देखकर बेहाल हुई ममता
फतेहाबाद मार्ग पर 500 मीटर अंदर डौकी का बास महापत गांव, सन्नाटे को चीरता महिलाओं का करुण क्रंदन, हर किसी की आंखों से बहते आंसू, एक-दूसरे का ढांढस बंधाते परिवार के लोग। यह दृश्य जिस किसी ने देखा वो गम में डूब गया। गांव में जहां हर दिन बच्चों के कदमों की चहलकदमी रहती थी, वहां पर छात्रा दीप्ति, प्रज्ञा और छात्र अरविंद की मौत ने सभी को रुला दिया।
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कार हादसे में मरने वाली प्रज्ञा, अरविंद और दीप्ति के शव बृहस्पतिवार शाम को गांव पहुंचे तो चीत्कार मच गई। महिलाओं के कलेजे को कंपाने वाला रुदन गूंजने लगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के साथ विधायक और भाजपा नेता पहुंच गए।
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पुलिस की मौजूदगी में तीनों बच्चों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। शाम को कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्या, विधायक धर्मपाल सिंह, भाजपा नेता मुनेंद्र जादौन सहित आदि पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे।
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अपने बच्चों के शव को देखकर बेहाल हुई ममता
फतेहाबाद मार्ग पर 500 मीटर अंदर डौकी का बास महापत गांव, सन्नाटे को चीरता महिलाओं का करुण क्रंदन, हर किसी की आंखों से बहते आंसू, एक-दूसरे का ढांढस बंधाते परिवार के लोग। यह दृश्य जिस किसी ने देखा वो गम में डूब गया। गांव में जहां हर दिन बच्चों के कदमों की चहलकदमी रहती थी, वहां पर छात्रा दीप्ति, प्रज्ञा और छात्र अरविंद की मौत ने सभी को रुला दिया।
बास महापत के रहने वाले परमहंस और रूपेश मौसेरे भाई हैं। उनके घर बराबर में हैं। उनके बच्चे रोजाना स्कूल की बस में बैठने के लिए गांव के बाहर जाते थे। बृहस्पतिवार को भी गए थे। कुछ ही देर में हादसा हो गया। हादसे की खबर आते ही हर कोई घटनास्थल के लिए दौड़ पड़ा।
प्रज्ञा की मौत की जानकारी से मां प्रीति गश खाकर गिर पड़ीं। उन्हें परिवार के लोगों ने होश में लाए। दादी पारो का हाल बेहाल हो गया। वो रोते हुए एक ही बात पूछ रही थी कि मेरे बच्चों (प्रज्ञा और लावण्या) का क्या हुआ। अभी तो सभी सलामत स्कूल भेजे थे। घर पर लोगों का तांता लग गई। प्रीति और पारो को परिवार की महिलाएं किसी तरह संभाल रहीं थीं।
यहीं कुछ हाल रूपेश के घर का भी था। घर के अंदर लोगों की भीड़ लगी थी। रूपेश की बेटी दीप्ति, गुंजन, बेटा नमन और अरविंद हादसे को शिकार हुए थे। दीप्ति और अरविंद की मौत हो गई। दो बच्चों की मौत की खबर से मां ममता बेसुध हो गई। दादी उर्मिला बेहाल थी। घर की महिलाएं दोनों को संभाल रही थीं। मां बार-बार एक ही बात कह रही थीं कि बेटी दीप्ति चली गई। अब कौन उनका काम में हाथ बंटाएगा। वो किसे बुलाएंगी। बेटा अरविंद तू क्यों दूर चला गया। मां ममता को संभालने वाली महिलाएं भी खुद फूट-फूटकर रो रही थीं।
स्कूल में हो गई छुट्टी
डौकी के कुंडौल में स्प्रिंगफिल्ड स्कूल है। उसके प्रधानाचार्य पीसी शर्मा ने बताया कि आसपास के गांव के बच्चे स्कूल में पढ़ने आते हैं। इसके लिए स्कूल बस जाती है। बच्चों को लेकर आती है। हादसे की खबर पर वो मौके पर पहुंच गए। घायल बच्चे अस्पताल में भर्ती थे। वह उन्हें भी देखने गए। इस बीच स्कूल की छुटटी कर दी। हादसे से बच्चे दहशत में हैं। इस कारण दो-तीन दिन बाद ही स्कूल खुलेगा। बच्चे सड़क किनारे खड़े होते हैं। बच्चों को जागरूक किया जाएगा।
डौकी के कुंडौल में स्प्रिंगफिल्ड स्कूल है। उसके प्रधानाचार्य पीसी शर्मा ने बताया कि आसपास के गांव के बच्चे स्कूल में पढ़ने आते हैं। इसके लिए स्कूल बस जाती है। बच्चों को लेकर आती है। हादसे की खबर पर वो मौके पर पहुंच गए। घायल बच्चे अस्पताल में भर्ती थे। वह उन्हें भी देखने गए। इस बीच स्कूल की छुटटी कर दी। हादसे से बच्चे दहशत में हैं। इस कारण दो-तीन दिन बाद ही स्कूल खुलेगा। बच्चे सड़क किनारे खड़े होते हैं। बच्चों को जागरूक किया जाएगा।
खून देने पहुंचे लोग
दीप्ति के पेट से कार का पहिया निकल गया था। उसे लोग अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने उसे वेंटीलेटर पर रखा था। खून की भी जरूरत थी। इस पर परिजन को बताया। इसकी जानकारी पर कई लोग खून देने पहुंच गए। आठ बोतल खून चढ़ने पर भी दीप्ति की जान नहीं बच सकी।
दीप्ति के पेट से कार का पहिया निकल गया था। उसे लोग अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने उसे वेंटीलेटर पर रखा था। खून की भी जरूरत थी। इस पर परिजन को बताया। इसकी जानकारी पर कई लोग खून देने पहुंच गए। आठ बोतल खून चढ़ने पर भी दीप्ति की जान नहीं बच सकी।
गुंजन की हालत गंभीर
प्रधानाचार्य पीसी शर्मा ने बताया कि वह अस्पताल में भर्ती बच्चों का हाल जानने गए थे। गुंजन की हालत गंभीर है। उसे होश नहीं आ सका है। उसके शरीर में कई जगह पर चोट लगी है, जबकि नमन और लावण्या के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हुआ है। उनका इलाज चल रहा है। हालांकि उनकी हालत में सुधार है।
प्रधानाचार्य पीसी शर्मा ने बताया कि वह अस्पताल में भर्ती बच्चों का हाल जानने गए थे। गुंजन की हालत गंभीर है। उसे होश नहीं आ सका है। उसके शरीर में कई जगह पर चोट लगी है, जबकि नमन और लावण्या के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हुआ है। उनका इलाज चल रहा है। हालांकि उनकी हालत में सुधार है।