मथुरा में रालोद नेता आपस में भिड़े: प्रेसवार्ता के दौरान हुई मारपीट, जमकर चले लात-घूंसे
रालोद ने योगी सरकार के खिलाफ शंखनाद को पत्रकार वार्ता बुलाई थी। इसमें ब्लॉक प्रमुख चुनाव में विरोधी दल के साथ नामांकन में जाने को लेकर रालोद नेताओं में मारपीट हो गई।
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मथुरा में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) की पत्रकार वार्ता में रविवार को बलदेव ब्लॉक के नवनिर्वाचित प्रमुख और कार्यकर्ता के बीच लात-घूंसे चले। बीच-बचाव होता, उससे पहले दोनों तरफ से मारपीट हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। दोनों पक्षों ने अपने समर्थक बुला लिए। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में विरोधी प्रत्याशी के साथ नामांकन में जाने को लेकर झगड़ा हुआ था।
रविवार को शहर के एक होटल में रालोद के नवनियुक्त ब्रजप्रांत अध्यक्ष चौधरी जगपाल चौधरी सिंह और जिलाध्यक्ष बाबूलाल ने पत्रकार वार्ता बुलाई थी। यह प्रेसवार्ता में महंगाई के मुद्दे और योगी सरकार के खिलाफ शंखनाद करने की रणनीति पर थी। प्रेसवार्ता शुरू होते ही रालोद नेता रामवीर भरंगर, अपने बेटे नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुख बलदेव अनिल भरंगर के संग पहुंचे। यहां पर पहले से ही बलदेव के बच्चन पहलवान भी मौजूद थे।
रालोद पदाधिकारियों के अनुसार बच्चन पर विरोधियों के संग जाने का आरोप लगा, इस पर रामवीर और उनके बेटे के साथ बच्चन की कहासुनी होने लगी। बस फिर क्या था, दोनों तरफ से मारपीट शुरू हो गई। ऐसा होते देख रालोद पदाधिकारियों ने बीच-बचाव कराया। सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंच गई। दोनों ने अपने समर्थक बुला लिए। भीड़ होते ही माहौल गर्माने लगा।
रालोद पदाधिकारियों ने रामवीर और अनिल को घर भेज दिया। प्रदेश उपाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह ने मारपीट की घटना को स्वीकार करते हुए बताया कि ये मामला आपसी है। दोनों पक्षों को बैठाकर जल्द ही सुलहनामा करा दिया जाएगा। रालोद पूरी तरह एकजुट है और संगठन में किसी भी प्रकार की कोई मतभेद नहीं है। उधर, कोतवाल सूरज प्रकाश शर्मा ने बताया कि किसी की तरह से कोई तहरीर नहीं आई है, शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी।
रालोज के ब्रजप्रांत अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष ने प्रेसवार्ता में ये रखीं बातें
- पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस आदि खाद्य पदार्थों पर बढ़ती महंगाई से जनता त्रस्त है।
- त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लोकतंत्र का घोंटा गया गला, नारी शक्ति का चीरहरण करके भाजपा ने जीत हासिल की है।
- किसानों की फसल सरकार मूल्य पर नहीं खरीदी गई, किसान परेशान हो रहे हैं।
- यमुना प्रदूषण पर 500 करोड़ रुपये बहाए, फिर मैली यमुना, अविरल और स्वच्छ बने यमुना।
- रालोद की अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी तो बिजली व पानी मुफ्त दिया जाएगा।