आगरा में 'खतरनाक' है ये सड़क: करीब ढाई किमी लंबी सड़क पर 19 जगह हादसों का खतरा
आगरा में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ही नहीं, मेट्रो कॉरपोरेशन भी निर्माण कार्यों में लापरवाही बरत रहा है। इसकी बानगी फतेहबाद रोड है। इस सड़क पर करीब ढाई किमी तक19 जगह हादसों का खतरा है।
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विस्तार
21 नवंबर को ताजगंज के नहारगंज निवासी 75 वर्षीय मानसिंह का शव फतेहाबाद रोड पर पत्थर के डिवाइडर के नीचे दबा मिला था। आशंका जताई गई थी कि रात में हादसे के दौरान वृद्ध की मौत हुई है। इस दर्दनाक हादसे के सात दिन बाद भी मेट्रो निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
सोमवार को अमर उजाला ने पड़ताल की तो 2.7 किमी सड़क पर 19 जगह हादसों का खतरा नजर आया। अग्रसेन चौक पर पेट्रोल पंप के सामने पाइल के गड्ढे खुले पड़े हैं। कोने में पाइल मशीन से खोदाई हो रही है। बसई पुलिस चौकी के सामने बैरिकेडिंग के लिए सड़क पर भारी पत्थर रखे हुए हैं।
टीडीआई मॉल से पहले निर्वाण लॉज पर यू-टर्न होकर फतेहाबाद की ओर जाने वाले वाहन शिल्पग्राम रोड होकर जाते हैं। परंतु यहां मोटर साइकिल सवार व पैदल यात्री जान जोखिम में डालकर पत्थरों के बीच अवैध कट से रास्ता पार करते हैं। पत्थर इतने भारी हैं कि दबने से जान तक जा सकती है।
कराई जा रही है बैरिकेडिंग
यूपीएमआरसी के प्रोजेक्टर डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि राहगीरों की सुरक्षा को लेकर सभी को निर्देश दिए हैं। अवैध कट बंद होंगे। बैरिकेडिंग कराई जा रही है। सुरक्षा इंतजामों में मंगलवार से आपको सुधार देखने को मिलेगा।
यहां हादसों का खतरा
- बाबू जगजीवन चौक मोड़ पर गड्ढा खुला पड़ा है।
- होटल हॉवर्ड प्लाजा के सामने बैरिकेडिंग नहीं है।
- अग्रसेन प्रतिमा तिराहे पर तीन तरफ खोदाई हो रही है।
- दीक्षित हॉस्पिटल के सामने पिलर का जाल पड़ा है।
- अकबर इंटरनेशनल के सामने जाम अवैध कट हैं।
- ताज व्यू होटल के सामने दो जगह खोदाई हो रही है।
- टोरेंट कार्यालय के सामने बैरिकेडिंग खुली पड़ी है।
- पेट्रोल पंप के सामने गहरा गड्डा है, बैरिकेडिंग नहीं।
- जीएमबी रेस्टोरेंट के सामने मैनहोल ढक्कन टूटा है।
- नगर निगम जोनल दफ्तर के सामने बैरिकेडिंग नहीं।
- गोबर चौकी पुलिया से मुगल होटल तक गड्ढे खुले हैं।
- मुगल होटल गेट नंबर एक पर गड्ढे की बैरिकेडिंग नहीं।
- पुलिया पर पाइपलाइन का जाल खुला पड़ा हुआ है।
- चस्का कैफे के सामने सड़क पर पत्थर रखे हुए हैं।
- सागा के सामने डिवाइडर व बैरिकेडिंग खुली हुई है।
- बसई चौकी के सामने अवैध कट से वाहन निकलते हैं।
- टीडीडीआई से ट्रांइडेंट तक डिवाइडर के पत्थर रखे हैं।
- बसई स्टेशन पिलर साइट पर बैरिकेडिंग टूटी पड़ी है।
- ताजपूर्वी गेट स्टेशन मोड़ पर बैरिकेडिंग खुली पड़ी है।