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प्रदूषण और ठंड का डबल अटैक: मौसम बदलते ही बढ़ीं सांस और हड्डियों की दिक्कतें, एसएन की ओपीडी में उमड़े मरीज
Tue, 03 Nov 2026 12:38 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 03 Nov 2026 12:38 PM IST
सार
मौसम में बदलाव और बढ़ते प्रदूषण के कारण आगरा में खांसी-जुकाम, अस्थमा और हड्डियों के दर्द से परेशान मरीज बढ़ रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को 719 मेडिसिन और 291 सांस रोग विभाग के मरीज पहुंचे। गंभीर हालत में तीन मरीजों को ऑक्सीजन पर भर्ती किया गया।
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एसएन की ओपीडी में उमड़े मरीज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
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मौसम में बदलाव और बढ़ते प्रदूषण ने हड्डी और अस्थमा-सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। धूल-धुआं से सूखी खांसी-खराश हो रही है। मौसम ठंडा होने पर पुरानी चोट के दर्द उखड़ आए हैं। इसके चलते एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
मेडिसिन विभाग के डॉ. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि ओपीडी में सोमवार को 719 मरीज आए। इनमें जुकाम-खांसी, गले में दर्द से पीड़ित 70 फीसदी हैं। इसमें ऐसे मरीज भी अधिक आ रहे हैं, जिनको सूखी खांसी कई दिन से बनी हुई है। इससे सीने में भी दर्द हो रहा है। भूख प्रभावित होने पर कमजोरी भी महसूस हो रही है।
वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि धूल-धुएं से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इससे अस्थमा और सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। ओपीडी में 291 मरीज आए, जिसमें दवाएं बंद कर देने से पुराने मरीजों की समस्या भी उखड़ आई है। नए 62 मरीज और पुराने 229 मरीज इलाज कराने के लिए आए हैं। इनमें हालत खराब होने पर तीन मरीजों को भर्ती किया, ये ऑक्सीजन पर रखे गए हैं।
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पुरानी चोट के दर्द कर रहे परेशान
एसएन के हड्डी रोग विभाग के डॉ. रजत कपूर ने बताया कि तापमान में कमी आई है। बीते दो-तीन दिन पहले हल्की बारिश और ठंडी हवाएं चलने से हड्डी रोग की ओपीडी में मरीज बढ़ने लगे हैं। युवाओं में पुरानी चोट और बुजुर्गों में गठिया के दर्द की परेशानी मिली। जरूरत पर इनकी फिजियोथेरेपी भी कराई है।
आधा घंटे तक ठप रहा सर्वर, मरीजों को परेशानी
एसएन की ओपीडी में सुबह करीब 10 बजे सर्वर की दिक्कत शुरू हो गई। करीब आधा घंटे तक सर्वर ठप रहा। इस कारण पर्चे नहीं बन सके। ऐसे में मरीजों को इंतजार करना पड़ा। सर्वर दोबारा चालू होने के बाद मरीजों के फिर से पर्चे बनाए गए। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सर्वर की दिक्कत के चलते कुछ देर तक पर्चा बनाने का कार्य प्रभावित रहा। इसके चलते ओपीडी में चिकित्सकों ने अतिरिक्त घंटे भर तक मरीज देखे।
इन बातों का रखें ध्यान:
गले की खराश में गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर गरारे करें।
सीने की जकड़न होने पर सुबह-शाम भाप लें, धूल-धुएं से बचें।
ठंडी खाने-पीने की सामग्री से बचें, कूलर-एसी में सोने से बचें।
सांस फूलने पर विशेषज्ञ को दिखाकर दवाएं एडजस्ट करा लें।
ओपीडी की स्थिति:
3396: मरीज कुल आए
719: मेडिसिन विभाग
291: सांस रोग
287: त्वचा रोग
289: हड्डी रोग
मेडिसिन विभाग के डॉ. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि ओपीडी में सोमवार को 719 मरीज आए। इनमें जुकाम-खांसी, गले में दर्द से पीड़ित 70 फीसदी हैं। इसमें ऐसे मरीज भी अधिक आ रहे हैं, जिनको सूखी खांसी कई दिन से बनी हुई है। इससे सीने में भी दर्द हो रहा है। भूख प्रभावित होने पर कमजोरी भी महसूस हो रही है।
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वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि धूल-धुएं से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इससे अस्थमा और सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। ओपीडी में 291 मरीज आए, जिसमें दवाएं बंद कर देने से पुराने मरीजों की समस्या भी उखड़ आई है। नए 62 मरीज और पुराने 229 मरीज इलाज कराने के लिए आए हैं। इनमें हालत खराब होने पर तीन मरीजों को भर्ती किया, ये ऑक्सीजन पर रखे गए हैं।
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पुरानी चोट के दर्द कर रहे परेशान
एसएन के हड्डी रोग विभाग के डॉ. रजत कपूर ने बताया कि तापमान में कमी आई है। बीते दो-तीन दिन पहले हल्की बारिश और ठंडी हवाएं चलने से हड्डी रोग की ओपीडी में मरीज बढ़ने लगे हैं। युवाओं में पुरानी चोट और बुजुर्गों में गठिया के दर्द की परेशानी मिली। जरूरत पर इनकी फिजियोथेरेपी भी कराई है।
आधा घंटे तक ठप रहा सर्वर, मरीजों को परेशानी
एसएन की ओपीडी में सुबह करीब 10 बजे सर्वर की दिक्कत शुरू हो गई। करीब आधा घंटे तक सर्वर ठप रहा। इस कारण पर्चे नहीं बन सके। ऐसे में मरीजों को इंतजार करना पड़ा। सर्वर दोबारा चालू होने के बाद मरीजों के फिर से पर्चे बनाए गए। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सर्वर की दिक्कत के चलते कुछ देर तक पर्चा बनाने का कार्य प्रभावित रहा। इसके चलते ओपीडी में चिकित्सकों ने अतिरिक्त घंटे भर तक मरीज देखे।
इन बातों का रखें ध्यान:
गले की खराश में गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर गरारे करें।
सीने की जकड़न होने पर सुबह-शाम भाप लें, धूल-धुएं से बचें।
ठंडी खाने-पीने की सामग्री से बचें, कूलर-एसी में सोने से बचें।
सांस फूलने पर विशेषज्ञ को दिखाकर दवाएं एडजस्ट करा लें।
ओपीडी की स्थिति:
3396: मरीज कुल आए
719: मेडिसिन विभाग
291: सांस रोग
287: त्वचा रोग
289: हड्डी रोग