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राज्य सूचना आयुक्त बोले- अब ऐसे होगी सूचना के अधिकार मामलों की सुनवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 25 Jun 2018 09:33 PM IST
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जनसुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव का।
- फोटो : अमर उजाला
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जन सूचना अधिकार के तहत द्वितीय अपीलीय अधिकारियों के यहां दायर मामलों की सुनवाई के लिए अब आवेदनकर्ताओं और अधिकारियों को लखनऊ की दौड़ नहीं लगानी होगी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही अब जिलास्तर पर इनकी सुनवाई की व्यवस्था की जा रही है। यह कहना है राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव का।
सोमवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि द्वितीय अपील में प्रदेशभर के 38 हजार से अधिक मामले लंबित हैं।अलग-अलग कोर्ट में इनकी सुनवाई चल रही है।
उन्होंने कहा कि इनके निस्तारण के लिए अभी मंडलस्तर पर कोर्ट लगाई जा रही हैं, जिसमें जिलावार लंबित मामलों की सुनवाई की व्यवस्था है।
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वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही अब जिलास्तर पर इनकी सुनवाई की व्यवस्था की जा रही है। यह कहना है राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव का।
सोमवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि द्वितीय अपील में प्रदेशभर के 38 हजार से अधिक मामले लंबित हैं।अलग-अलग कोर्ट में इनकी सुनवाई चल रही है।
उन्होंने कहा कि इनके निस्तारण के लिए अभी मंडलस्तर पर कोर्ट लगाई जा रही हैं, जिसमें जिलावार लंबित मामलों की सुनवाई की व्यवस्था है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
जल्द ही यह व्यवस्था जिलास्तर पर शुरू की जाएगी ताकि आवेदनकर्ताओं और अधिकारियों को लखनऊ न आना पड़े। संबंधित जिले की कलक्ट्रेट पर पहुंचकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 2015 की सूचना का अधिकार नियमावली के लागू होने से काफी बदलाव आया है। जन सूचना अधिकारी या प्रथम अपील अधिकारी अपने स्तर पर ही मामलों का निस्तारण करने लगे हैं।
यही वजह है कि लंबित मामलों का ग्राफ कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह अपने पांच दिवसीय दौरे के दौरान किसी भी दिन किसी भी कार्यालय का औचक निरीक्षण कर सूचना के अधिकार से संबंधित बिंदुओं की जांच कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि 2015 की सूचना का अधिकार नियमावली के लागू होने से काफी बदलाव आया है। जन सूचना अधिकारी या प्रथम अपील अधिकारी अपने स्तर पर ही मामलों का निस्तारण करने लगे हैं।
यही वजह है कि लंबित मामलों का ग्राफ कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह अपने पांच दिवसीय दौरे के दौरान किसी भी दिन किसी भी कार्यालय का औचक निरीक्षण कर सूचना के अधिकार से संबंधित बिंदुओं की जांच कर सकते हैं।
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61 में से 20 मामलों का निस्तारण
पांच दिवसीय दौरे के पहले दिन राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने सोमवार को मंडलायुक्त न्यायालय में जन सूचना अधिकार के 61 मामलों की सुनवाई की। इसमें 20 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया।
सबसे ज्यादा शिकायतें आगरा विकास प्राधिकरण, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय और बिजली विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, नगर निगम, सदर तहसील, पुलिस, डीआईओएस से जुड़े मामलों की सुनवाई की।
अतुल सिरोही एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण के संबंध में मामले की सुनवाई करते हुए आयुक्त ने कहा कि टोरंट पावर प्राइवेट संस्था है।उसकी चेंकिंग में विद्युत विभाग का अधिकारी भी होना चाहिए। वह 26 जून को आगरा, 27 को फिरोजाबाद, 28 को मैनपुरी व 29 को मथुरा से संबंधित मामलों की सुनवाई करेंगे।
सबसे ज्यादा शिकायतें आगरा विकास प्राधिकरण, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय और बिजली विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, नगर निगम, सदर तहसील, पुलिस, डीआईओएस से जुड़े मामलों की सुनवाई की।
अतुल सिरोही एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण के संबंध में मामले की सुनवाई करते हुए आयुक्त ने कहा कि टोरंट पावर प्राइवेट संस्था है।उसकी चेंकिंग में विद्युत विभाग का अधिकारी भी होना चाहिए। वह 26 जून को आगरा, 27 को फिरोजाबाद, 28 को मैनपुरी व 29 को मथुरा से संबंधित मामलों की सुनवाई करेंगे।