कासगंज हादसा: दबने से टूटीं पसलियां, एक से अधिक मिले फ्रैक्चर; जांच में छाती पर अधिक मिल रही है चोट
कासगंज हादसे में दबने से पसलियां टूट गईं। लोगों के एक से अधिक फ्रैक्चर मिले। जांच में छाती पर चोट अधिक मिल रही है।
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यूपी के हाथरस हादसे में भीड़ में कई लोगों की मौत हो गई। दबने से कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। लोगों के वजन से इनकी पसलियां अधिक टूटी मिल रही हैं। एक से अधिक जगह हड्डी टूटी मिली हैं। देर रात तक एसएन और निजी अस्पतालों में घायलों को भर्ती कराया गया।
एसएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी प्रभारी डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि 25 साल की काजल पुत्री कुंवर सिंह भर्ती होने आई हैं। छाती में चोट है। पसलियां भी टूट गई हैं। इलाज से हालत में सुधार हो रहा है। इसके अलावा श्रद्धालु भगवती देवी पुष्पांजलि अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल मैनेजर दीपक जैन ने बताया कि उनकी छाती में चोट लगी है, पसलियां टूट गई हैं। बीपी भी कम हो गया है। आईसीयू में इलाज चल रहा है। हालत गंभीर बनी हुई है।
सत्संग में गए थे दयालबाग के चार गांवों के लोग
आगरा के खासपुर गांव (न्यू आगरा) निवासी ममता (41) भी सत्संग में गई थीं। भगदड़ के दौरान उनकी भी मौत हो गई। परिवार को जानकारी मिलने पर कोहराम मच गया। दयालबाग के तकरीबन 4 गांवों से 120 लोग गए थे। इनमें से एक बस में सवार रात तक पहुंच गए। मगर, दूसरी बस नहीं आई। इससे गांव के लोग बेहाल हो गए।
परिजन ने बताया कि गांव खासपुर, नगला तल्फी, सिकंदरपुर, लालगढ़ी से तकरीबन 120-130 लोग बसों से सुबह सत्संग के लिए गए थे। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। शाम को एक बस वापस आ गई। दूसरी बस वापस नहीं आई थी। इनमें ममता भी शामिल थीं।
परिवार के लोग खबर लेने में जुटे
परिजन को जानकारी मिलने पर कोहराम मच गया। ममता के पति घनश्याम दूध का काम करते हैं। हादसे की जानकारी गांव के लोग परेशान हैं। एक बस में तकरीबन 50 से अधिक लोग आने हैं। उनके नहीं पहुंचने से हर कोई परेशान है। परिवार के लोग जानकारी लेने में देर रात तक जुटे हुए थे।