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Agra News: बाढ़ के पानी के बीच कटे बांधों की मरम्मत बनी चुनौती
Thu, 20 Jul 2023 11:32 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 20 Jul 2023 11:32 PM IST
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कासगंज। बगवास और नगला खंदारी के बांध कट जाने के कारण बाढ़ का प्रकोप इलाके में और बढ़ गया। सिंचाई विभाग के लिए इन बांधों की मरम्मत का कार्य बाढ़ के पानी के बीच करना चुनौती भरा रहा। काम करने में काफी दिक्कतें थीं, क्योंकि बगवास बांध पर जिस समय कार्य चल रहा था उस समय तेजी के साथ गंगा का पानी बांध के अन्य हिस्से को काटता हुआ निकल रहा था। बांध पर पानी भी अधिक था। यहां 10 फुट अधिक पानी होने के कारण कार्य करने में दिक्कतें हो रहीं थीं। इसके लिए सिंचाई विभाग की टीमों ने नाव का सहारा लिया।
सुबह करीब 10:30 बजे इस बांध पर एडीएम, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। सिंचाई विभाग के अफसरों ने मरम्मत में हो रही समस्या की जानकारी भी दी। यहां बांध का कटान रोकने के लिए बंबू क्रेट बनाई गईं। जिन्हें नाव के सहारे बांध के कटे हुए हिस्से में लगाया गया। इन बंबू क्रेटों में ईसी बैग(बालू, मिट्टी भरी बोरियां) डाली गईं। बाढ़ के एक किनारे श्रमिक इन क्रेटों को तैयार कर रहे थे। नाव से इन्हें ले जाकर कटान ग्रस्त क्षेत्र में लगाया गया था। चूंकि बांध 20 मीटर से अधिक कटा हुआ था। रात से शुरू हुआ मरम्मत का कार्य पूरे दिन चलता रहा। क्योंकि गंगा का पानी बार बार बांध के और हिस्से को क्षतिग्रस्त करता जा रहा था। शाम को एनडीआरएफ की टीम भी सहयोग में पहुंच गई। पहले एक नाव लगी हुई थी फिर एनडीआरएफ की वोट का सहारा मिल गया। यही स्थिति नगला खंदारी पर मरम्मत में सामने आती रही। यहां भी पूरे दिन मरम्मत का कार्य चलता रहा। मरम्मत होने से पानी का दबाव कम हुआ।
पिछली बाढ़ में भी कटा था बगवास का बांध
कासगंज। बगवास के बांध पर पिछली बाढ़ के दौरान भी कटान हुआ था। चूंकि यह गंगा की खादर का बड़ा क्षेत्र है और गंगा का पानी बाढ़ के दौरान यहां काफी होता है। जिसका दबाव बांध पर अधिक होता है। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान भी यह बांध कटा, लेकिन बार बार बांध कटने के बावजूद सिंचाई विभाग ने इससे बचाव की कोई ठोस कार्य योजना तैयार नहीं की।
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दतलाना में बांध की मरम्मत का कार्य हुआ पूरा
कासगंज। सोरोंजी क्षेत्र के दतलाना में भी पांच दिन पूर्व बांध कट गया था। यहां भी सिंचाई विभाग ने बांध की मरम्मत शुरू कराई। मरम्मत का कार्य तीसरे दिन पूरा हो गया। बाढ़ प्रभारी अभियंता संजय शर्मा ने बताया कि अभी बांध पूरी तरह से सुरक्षित कर दिया गया है, लेकिन इसका उच्चीकरण भी किया जाएगा। जिससे किसी भी तरह की दिक्कतें न हों।
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सुबह करीब 10:30 बजे इस बांध पर एडीएम, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। सिंचाई विभाग के अफसरों ने मरम्मत में हो रही समस्या की जानकारी भी दी। यहां बांध का कटान रोकने के लिए बंबू क्रेट बनाई गईं। जिन्हें नाव के सहारे बांध के कटे हुए हिस्से में लगाया गया। इन बंबू क्रेटों में ईसी बैग(बालू, मिट्टी भरी बोरियां) डाली गईं। बाढ़ के एक किनारे श्रमिक इन क्रेटों को तैयार कर रहे थे। नाव से इन्हें ले जाकर कटान ग्रस्त क्षेत्र में लगाया गया था। चूंकि बांध 20 मीटर से अधिक कटा हुआ था। रात से शुरू हुआ मरम्मत का कार्य पूरे दिन चलता रहा। क्योंकि गंगा का पानी बार बार बांध के और हिस्से को क्षतिग्रस्त करता जा रहा था। शाम को एनडीआरएफ की टीम भी सहयोग में पहुंच गई। पहले एक नाव लगी हुई थी फिर एनडीआरएफ की वोट का सहारा मिल गया। यही स्थिति नगला खंदारी पर मरम्मत में सामने आती रही। यहां भी पूरे दिन मरम्मत का कार्य चलता रहा। मरम्मत होने से पानी का दबाव कम हुआ।
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पिछली बाढ़ में भी कटा था बगवास का बांध
कासगंज। बगवास के बांध पर पिछली बाढ़ के दौरान भी कटान हुआ था। चूंकि यह गंगा की खादर का बड़ा क्षेत्र है और गंगा का पानी बाढ़ के दौरान यहां काफी होता है। जिसका दबाव बांध पर अधिक होता है। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान भी यह बांध कटा, लेकिन बार बार बांध कटने के बावजूद सिंचाई विभाग ने इससे बचाव की कोई ठोस कार्य योजना तैयार नहीं की।
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दतलाना में बांध की मरम्मत का कार्य हुआ पूरा
कासगंज। सोरोंजी क्षेत्र के दतलाना में भी पांच दिन पूर्व बांध कट गया था। यहां भी सिंचाई विभाग ने बांध की मरम्मत शुरू कराई। मरम्मत का कार्य तीसरे दिन पूरा हो गया। बाढ़ प्रभारी अभियंता संजय शर्मा ने बताया कि अभी बांध पूरी तरह से सुरक्षित कर दिया गया है, लेकिन इसका उच्चीकरण भी किया जाएगा। जिससे किसी भी तरह की दिक्कतें न हों।