पुरानी यादों से: कान्हा की नगरी में आकर विभोर हो गए थे टाटा, कहा था-ब्रज के लोगों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य
28 फरवरी 2016 को रतन टाटा मथुरा में मल्टी सुपर स्पेशियलिटी के शुभारंभ अवसर पर आए थे। इस मौके पर उन्होंने कहा था कि छोटे शहरों में भी मरीजों को उपचार की सुविधा मिलनी चाहिए।
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कान्हा की नगरी में आकर विख्यात उद्योगपति रतन टाटा भाव विभोर हो गए थे। उन्होंने कहा था कि ब्रजवासियों की सेवा करने से बड़ा पुण्य कोई और नहीं हो सकता है। वह मथुरा में एक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल के शुभारंभ के अवसर पर आए थे।
28 फरवरी 2016 को रतन टाटा मथुरा में नियति मल्टी सुपर स्पेशियलिटी के शुभारंभ अवसर पर आए थे। इस मौके पर उन्होंने कहा था कि छोटे शहरों में भी मरीजों को उपचार की सुविधा मिलनी चाहिए। बीमारी की वजह से पड़ने वाले शारीरिक, भावनात्मक और आर्थिक बोझ को कम करना उद्देश्य होना चाहिए। सभी को इस पर ध्यान देना होगा। दरअसल मथुरा को लेकर भी उन्होंने आगे का ख्वाब संजोया था। हालांकि यह अस्पताल बाद में बंद हो गया था।
वह जमीन से जुड़े व्यक्ति थे। इतनी बड़ी हस्ती होने के बावजूद वह इतने सरल थे और उनका व्यवहार बेहद मधुर था। मेरी उनसे मथुरा में ही मुलाकात हुई थी। उनका जाना वास्तव में देश और समाज की बड़ी क्षति है। - प्रदीप माथुर, पूर्व विधायक
पूरे विश्व में भारत का परचम लहराने वाले रतन टाटा जैसे विरले संसार में कम ही आते हैं। उन्होंने भारत की स्टील को एक ब्रांड बनाया। सच मायने में देश को नई दिशा देने में उनका योगदान अतुलनीय था। उनका जाना निश्चित रूप से पूरे देश के लिए बड़ी क्षति है। वह हर आयु वर्ग के दिल में हमेशा धड़कते रहेंगे। - चौधरी लक्ष्मीनारायण, कैबिनेट मंत्री
रतन टाटा जैसा व्यक्तित्व युगों में जन्म लेता है। उनका व्यवहार सभी के लिए अनुकरणीय था। उनका जाना देश के लिए बड़ी क्षति है। उन्हें शत-शत नमन करती हूं। - हेमामालिनी, सांसद