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UP: पैर से आंत तक पहुंचाई नस, रक्त संचार होते ही दूर हुआ दर्द; एसएन के चिकित्सकों ने कर दिया कमाल
Thu, 19 Mar 2026 09:52 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 19 Mar 2026 09:52 AM IST
सार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने पैर से आंत तक कृत्रिम नस जोड़कर 99 प्रतिशत ब्लॉकेज का सफल इलाज किया। दो साल से दर्द झेल रहे मरीज को सर्जरी के बाद राहत मिली और वह स्वस्थ होकर घर लौट गया।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में मरीज का ऑपरेशन करने वाली चिकित्सकीय टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कुछ भी खाते ही तेज दर्द होने पर खाना ही छोड़ दिया। दो साल तक तरल पदार्थ पर ही निर्भर रहने लगे। इससे मथुरा के छाता निवासी मरीज का वजन 83 से घटकर 42 किलो रह गया। एसएन मेडिकल कॉलेज में जांच कराई तो आंत तक जाने वाली नस 99 फीसदी तक बंद थी। ऐसे में पैर से आंत तक कृत्रिम नस लगाकर रक्तसंचार होने लगा। मरीज का दर्द से छुटकारा मिला और ठीक होने पर डिस्चार्ज भी कर दिया।
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सीटीवीएस विभाग के डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि मथुरा के राजेंद्र शर्मा (38) स्टॉल लगाते हैं। इनको दो साल से कुछ भी खाने पर पेट में असहनीय दर्द होता। कई निजी अस्पतालों में इलाज कराने पर भी परेशानी ठीक नहीं हुई। इसमें करीब चार लाख रुपये खर्च हो गए। वह एसएन में 17 फरवरी को दिखाने आए। जांच कराने पर छोटी आंत को जाने वाली नस बंद मिली। ये मरीज हेपेटाइटिस-सी से भी संक्रमित पाए गए। ऐसे में विशेषज्ञों की टीम बनाकर 21 फरवरी को सर्जरी की।
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इसमें सीधे पैर को खून पहुंचाने वाली नस से बाईपास बनाते हुए कृत्रिम नस छोटी आंत तक पहुंचाई। इससे रक्तसंचार होने लगा और दर्द से आराम मिलने लगा। चरणबद्ध भोजन देने पर दर्द नहीं हुआ। मरीज ठीक होने पर 13 मार्च को डिस्चार्ज कर दिया। फॉलोअप में दिखाने आए मरीज को कोई परेशानी नहीं मिली। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनने से एडवांस जांच, इलाज और सर्जरी हो रही है। निजी अस्पतालों में इसका खर्च 5-6 लाख रुपये आता। यहां सिर्फ कृत्रिम नस ही खरीदनी पड़ी। ऑपरेशन में डॉ. शिव, शिवांश अग्रवाल, डॉ. अपूर्व मित्तल, डॉ. अतिहर्ष मोहन अग्रवाल, डॉ. प्रभा, डॉ. सायमा, डॉ. जैस्लीन आदि रहे।