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बालिका से दुष्कर्म करने का आरोपी बरी
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मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र में छह साल पहले बालिका से दुष्कर्म करने वाले को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी ने बरी कर दिया है। बालिका के साथ दुष्कर्म करने की रिपोर्ट उसकी मां ने सौतेले बेटे के खिलाफ थाना कोतवाली में दर्ज कराई थी।
थाना कोतवाली के एक मोहल्ला की रहने वाली एक महिला ने 23 जून 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि उसकी सात साल की बालिका के साथ 13 जून को उसके सौतेले पुत्र दीपक उर्फ प्रिंस निवासी मलावन एटा ने दुष्कर्म किया था। 10 दिन बाद बालिका द्वारा पेट दर्द की शिकायत करने पर उसको पूरी जानकारी हुई थी। पुलिस ने बालिका का मेडिकल कराने के बाद दीपक के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, पीड़िता सहित गवाहों ने गवाही दी। पीड़ित पक्ष अदालत में दुष्कर्म की घटना को साबित नहीं कर सका। बचाव पक्ष के वकील एएच हाशमी नदीम ने आरोपी के खिलाफ अपराध साबित नहीं होने पर बरी करने की दलील दी। दलीलों और गवाही के आधार पर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी ने बरी कर दिया है।
बालिका ने बार-बार बदले बयान
बालिका ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस को दिए बयानों में दुष्कर्म किए जाने की बात नहीं बताई। कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयानों में दीपक द्वारा दुष्कर्म करने की बात कही। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बालिका ने दुष्कर्म किए जाने के संबंध में कोर्ट में कोई भी बात नहीं बताई।
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पिता ने की थी दूसरी शादी
एटा के मलावन के रहने वाला एक व्यक्ति पुलिस में दरोगा है। वर्ष 2006 में पत्नी की मौत के बाद उसने वर्ष 2008 में दूसरी शादी कर ली। पहली शादी का पुत्र दीपक मलावन में ही रहता है। दरोगा का अपनी दूसरी पत्नी से विवाद चल रहा है। वह मैनपुरी में रहती है। उसने अपनी पुत्री के साथ दुष्कर्म करने की सौतेले बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच में दरोगा के बयान नहीं लिए थे।
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थाना कोतवाली के एक मोहल्ला की रहने वाली एक महिला ने 23 जून 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि उसकी सात साल की बालिका के साथ 13 जून को उसके सौतेले पुत्र दीपक उर्फ प्रिंस निवासी मलावन एटा ने दुष्कर्म किया था। 10 दिन बाद बालिका द्वारा पेट दर्द की शिकायत करने पर उसको पूरी जानकारी हुई थी। पुलिस ने बालिका का मेडिकल कराने के बाद दीपक के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, पीड़िता सहित गवाहों ने गवाही दी। पीड़ित पक्ष अदालत में दुष्कर्म की घटना को साबित नहीं कर सका। बचाव पक्ष के वकील एएच हाशमी नदीम ने आरोपी के खिलाफ अपराध साबित नहीं होने पर बरी करने की दलील दी। दलीलों और गवाही के आधार पर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी ने बरी कर दिया है।
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बालिका ने बार-बार बदले बयान
बालिका ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस को दिए बयानों में दुष्कर्म किए जाने की बात नहीं बताई। कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयानों में दीपक द्वारा दुष्कर्म करने की बात कही। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बालिका ने दुष्कर्म किए जाने के संबंध में कोर्ट में कोई भी बात नहीं बताई।
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पिता ने की थी दूसरी शादी
एटा के मलावन के रहने वाला एक व्यक्ति पुलिस में दरोगा है। वर्ष 2006 में पत्नी की मौत के बाद उसने वर्ष 2008 में दूसरी शादी कर ली। पहली शादी का पुत्र दीपक मलावन में ही रहता है। दरोगा का अपनी दूसरी पत्नी से विवाद चल रहा है। वह मैनपुरी में रहती है। उसने अपनी पुत्री के साथ दुष्कर्म करने की सौतेले बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच में दरोगा के बयान नहीं लिए थे।