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सब्सिडी के लिए दौड़ा रहे ‘आफिस-आफिस’
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 04 Jun 2016 01:11 AM IST
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गैस
- फोटो : file photo
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रसोई गैस की सब्सिडी के लिए भटक रहे हैं हजारों उपभोक्ता
बैंकों में आधार लिंक, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियां लगवा रहीं चक्कर
रसोई गैस की सब्सिडी में दावे तो पारदर्शिता के हैं, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियां सब्सिडी के लिए ग्राहकों के साथ आफिस-आफिस का खेल खेलते हुए भटका रही हैं। आधार कार्ड को बैंकों में लिंक करा चुके ग्राहकों को पेट्रोलियम कंपनियों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं, जबकि उनके पास बैंकों द्वारा दिए गए लिंक का प्रमाण भी उपलब्ध है।
कमला नगर निवासी रेखा मिश्रा ने मुगल रोड कमला नगर स्थित दुबे गैस एजेंसी से इंडेन गैस का कनेक्शन लिया। रेखा की शिकायत है कि दो सिलेंडर लेने के बाद उनसे दुबे गैस एजेंसी ने 5100 रुपये लिए, जबकि बिल 3050 रुपये का दिया। उनके एकाउंट से आधार कार्ड लिंक है, लेकिन सिलेंडर की सब्सिडी उन्हें नहीं मिल रही। रेखा का आरोप है कि इंडेन गैस अधिकारी एमबी पाठक को समस्या बताने के बाद भी उसका हल नहीं किया गया। वह 20 दिन से बैंक, गैस एजेंसी और इंडेन के संजय प्लेस आफिस के चक्कर काटकर परेशान हैं। गैस एजेंसी बैंक के पास भेज रही है तो बैंक ने आधार कार्ड के लिंक होने का सबूत प्रिंट के रूप में दिया है। इंडेन के अधिकारी बैंक के दस्तावेज को नहीं मान रहे हैं। रेखा ने इस संबंध में इंडियन आयल के मुंबई स्थित डायरेक्टर को भी शिकायत भेजी है। रेखा की तरह ही इंडेन आफिस में हर दिन दर्जनों की संख्या में ग्राहक पहुंच रहे हैं जिनके आधार कार्ड तो लिंक हैं, लेकिन उन्हें सब्सिडी नहीं मिल रही। बता दें कि आगरा में इंडेन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 42 गैस एजेंसियां हैं, जिन्होंने 5.40 लाख ग्राहकों को कनेक्शन दिया हुआ है।
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बैंकों में आधार लिंक, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियां लगवा रहीं चक्कर
रसोई गैस की सब्सिडी में दावे तो पारदर्शिता के हैं, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियां सब्सिडी के लिए ग्राहकों के साथ आफिस-आफिस का खेल खेलते हुए भटका रही हैं। आधार कार्ड को बैंकों में लिंक करा चुके ग्राहकों को पेट्रोलियम कंपनियों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं, जबकि उनके पास बैंकों द्वारा दिए गए लिंक का प्रमाण भी उपलब्ध है।
कमला नगर निवासी रेखा मिश्रा ने मुगल रोड कमला नगर स्थित दुबे गैस एजेंसी से इंडेन गैस का कनेक्शन लिया। रेखा की शिकायत है कि दो सिलेंडर लेने के बाद उनसे दुबे गैस एजेंसी ने 5100 रुपये लिए, जबकि बिल 3050 रुपये का दिया। उनके एकाउंट से आधार कार्ड लिंक है, लेकिन सिलेंडर की सब्सिडी उन्हें नहीं मिल रही। रेखा का आरोप है कि इंडेन गैस अधिकारी एमबी पाठक को समस्या बताने के बाद भी उसका हल नहीं किया गया। वह 20 दिन से बैंक, गैस एजेंसी और इंडेन के संजय प्लेस आफिस के चक्कर काटकर परेशान हैं। गैस एजेंसी बैंक के पास भेज रही है तो बैंक ने आधार कार्ड के लिंक होने का सबूत प्रिंट के रूप में दिया है। इंडेन के अधिकारी बैंक के दस्तावेज को नहीं मान रहे हैं। रेखा ने इस संबंध में इंडियन आयल के मुंबई स्थित डायरेक्टर को भी शिकायत भेजी है। रेखा की तरह ही इंडेन आफिस में हर दिन दर्जनों की संख्या में ग्राहक पहुंच रहे हैं जिनके आधार कार्ड तो लिंक हैं, लेकिन उन्हें सब्सिडी नहीं मिल रही। बता दें कि आगरा में इंडेन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 42 गैस एजेंसियां हैं, जिन्होंने 5.40 लाख ग्राहकों को कनेक्शन दिया हुआ है।
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