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रमजान 2019: आए बरकत और रहमत के दिन, मस्जिदों में शुरू हो गईं तरावीह
Tue, 07 May 2019 02:18 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 07 May 2019 02:18 AM IST
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नमाज अता करते मुसलमान
- फोटो : अमर उजाला
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सोमवार की रात को रमजान का चांद दिखते ही मुस्लिम इलाकों में खुशियां बिखर गईं। मस्जिदों में तरावीह शुरू हो गईं। रोजेदारों ने बाजारों में दूध-फैनी, खजूर और सहरी व इफ्तारी के सामान की खरीदारी की।
चांद दिखने के बाद रोजेदारों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। मुस्लिम इलाकों में मुबारकबाद का सिलसिला शुरू हो गया। लोग पहले रोजे की तैयारियों में जुट गए। मंगलवार को रोजेदार माह का पहला रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करेंगे। इसके साथ ही उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल जाएगी।
सोमवार से मस्जिदों और मुस्लिम बस्तियों के बाजारों में रौनक बढ़ गई। जगह-जगह खानपान की दुकानें सज गई थीं। उन घरों में चांद देखने के बाद ज्यादा खुशी दिखाई दी, जिनके यहां बच्चे पहली बार रोजा रखेंगे।
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चांद दिखने के बाद रोजेदारों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। मुस्लिम इलाकों में मुबारकबाद का सिलसिला शुरू हो गया। लोग पहले रोजे की तैयारियों में जुट गए। मंगलवार को रोजेदार माह का पहला रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करेंगे। इसके साथ ही उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल जाएगी।
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सोमवार से मस्जिदों और मुस्लिम बस्तियों के बाजारों में रौनक बढ़ गई। जगह-जगह खानपान की दुकानें सज गई थीं। उन घरों में चांद देखने के बाद ज्यादा खुशी दिखाई दी, जिनके यहां बच्चे पहली बार रोजा रखेंगे।
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शाही जामा मस्जिद समेत शहर की सभी मस्जिदों में रात में तरावीह शुरू होगी। कई स्थानों पर पांच दिन, सात दिन और 10 दिन की तरावीह होती हैं। कुरान पाक पूरा होने पर तबर्रुक बांटा जाता है। ज्यादातर मस्जिदों में रमजान के 27 दिन तरावीह होती हैं।
ताजमहल स्थित शाही मस्जिद में रात 9:30 बजे से तरावीह शुरू हो गई। फुलट्टी स्थित रंगरेजान मस्जिद में चार दिन की तरावीह शुरू हुई। ताजमहल की मस्जिद में भी रोजेदारों ने तरावीह शुरू की।
मौलाना उजैर आलम कहते हैं कि अब लोग अपनी सुविधा के मुताबिक 5, 7 और दस दिन की तरावीह पढ़ते हैं और कुरान पूरा करते हैं और तरावीह छोड़ देते हैं, लेकिन सभी को पूरे 29 रमजान तक तरावीह पढ़नी चाहिए। तरावीह नहीं पढ़ना गुनाह करना है।
ताजमहल स्थित शाही मस्जिद में रात 9:30 बजे से तरावीह शुरू हो गई। फुलट्टी स्थित रंगरेजान मस्जिद में चार दिन की तरावीह शुरू हुई। ताजमहल की मस्जिद में भी रोजेदारों ने तरावीह शुरू की।
मौलाना उजैर आलम कहते हैं कि अब लोग अपनी सुविधा के मुताबिक 5, 7 और दस दिन की तरावीह पढ़ते हैं और कुरान पूरा करते हैं और तरावीह छोड़ देते हैं, लेकिन सभी को पूरे 29 रमजान तक तरावीह पढ़नी चाहिए। तरावीह नहीं पढ़ना गुनाह करना है।