{"_id":"5ceac023bdec22077e09c2f9","slug":"ramadan-2019-muslim-women-taraweeh-in-mosque","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यहां मुस्लिम महिलाएं भी पढ़ रहीं रमजान की तरावीह, संभालतीं हैं हाफिज का दायित्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यहां मुस्लिम महिलाएं भी पढ़ रहीं रमजान की तरावीह, संभालतीं हैं हाफिज का दायित्व
Sun, 26 May 2019 10:16 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 26 May 2019 10:16 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
मंटोला के ढोलीखार में मुकद्दस रमजान में इलाके की महिलाओं के लिए सामूहिक तरावीह पढ़ने की व्यवस्था की जाती है। यहां तरावीह पढ़ाने वाले हाफिज का जिम्मा भी एक महिला संभालती हैं। शहर की कई मस्जिदों में भी महिलाएं तरावीह पढ़ती हैं।
रमजान माह में मस्जिदों में औरतें भी तरावीह पढ़ने के लिए जा रही हैं। इस्लामिक पीस एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद इकबाल ने बताया कि औरतें भी मस्जिद में जाकर नमाज अदा कर सकती हैं, बशर्ते पूरे पर्दे के साथ। चार-पांच मस्जिदें ऐसी हैं, जहां औरतों के लिए अलग इंतजाम हैं। इन मस्जिदों में महिलाएं पूरी शिद्दत के साथ तरावीह पढ़ती हैं।
उन्होंने बताया कि राजा मंडी स्टेशन स्थित मस्जिद रफी उज्जमा, सिकंदरा स्थित शमसी कालोनी की मस्जिद हुदा, नाई की मंडी स्थित मस्जिद, सिंकदरा बोदला रोड स्थित नहर वाली मस्जिद और जगदीशपुरा सैफी नगर में मस्जिद में औरतें तरावीह पढ़ने आती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रमजान माह में मस्जिदों में औरतें भी तरावीह पढ़ने के लिए जा रही हैं। इस्लामिक पीस एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद इकबाल ने बताया कि औरतें भी मस्जिद में जाकर नमाज अदा कर सकती हैं, बशर्ते पूरे पर्दे के साथ। चार-पांच मस्जिदें ऐसी हैं, जहां औरतों के लिए अलग इंतजाम हैं। इन मस्जिदों में महिलाएं पूरी शिद्दत के साथ तरावीह पढ़ती हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि राजा मंडी स्टेशन स्थित मस्जिद रफी उज्जमा, सिकंदरा स्थित शमसी कालोनी की मस्जिद हुदा, नाई की मंडी स्थित मस्जिद, सिंकदरा बोदला रोड स्थित नहर वाली मस्जिद और जगदीशपुरा सैफी नगर में मस्जिद में औरतें तरावीह पढ़ने आती हैं।
विज्ञापन
इस्लामिक पीस एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद इकबाल
- फोटो : अमर उजाला
इसी तरह ढोलीखार स्थित सलाहउद्दीन की इमारत में रमजान में इलाके की महिलाओं के लिए तरावीह पढ़ने का इंतजाम किया जाता है। यहां रमजान में मंटोला की महिलाएं तरावीह पढ़ती हैं। हाफिज का दायित्व भी महिला हाफिज संभालती हैं।
इसके बाद वह रमजान की फजीलत, रोजा और इस्लाम में महिलाओं के हुकूक आदि के बारे में भी तफ्सील से बयां करती हैं। इस दौरान इस इमारत में पुरुषों का प्रवेश बंद रहता है। हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डा. सिराज कुरैशी बताते हैं कि आमतौर पर महिलाएं अपने घरों में ही कुरान शरीफ पढ़ती हैं, लेकिन शहर में ढोलीखार में बरसों से महिलाएं सामूहिक तौर पर रमजान में तरावीह पढ़ती हैं।
इसके बाद वह रमजान की फजीलत, रोजा और इस्लाम में महिलाओं के हुकूक आदि के बारे में भी तफ्सील से बयां करती हैं। इस दौरान इस इमारत में पुरुषों का प्रवेश बंद रहता है। हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डा. सिराज कुरैशी बताते हैं कि आमतौर पर महिलाएं अपने घरों में ही कुरान शरीफ पढ़ती हैं, लेकिन शहर में ढोलीखार में बरसों से महिलाएं सामूहिक तौर पर रमजान में तरावीह पढ़ती हैं।