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जनपद के प्रभारी मंत्री को सूकरक्षेत्र वासियों की भावनाओं से अवगत कराया
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कासगंज के सोरों के जिला उपाध्यक्ष राम गोविंद प्रभारी मंत्री अनिल शर्मा से तुलसी जन्मभूमि के संब?
- फोटो : KASGANJ
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सोरों(कासगंज)। भाजपा जिला उपाध्यक्ष रामगोविंद महेरे ने सोमवार को जनपद के प्रभारी मंत्री अनिल शर्मा से उनके बुलंदशहर स्थित आवास पर जाकर भेंट की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 30 अक्तूबर को राजापुर को तुलसी जन्मभूमि बताकर विकास करने की घोषणा से शूकरक्षेत्र वासियों में प्रदेश सरकार के खिलाफ उपजे असंतोष से अवगत कराया।
जिला उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर चित्रकूट में महर्षि वाल्मीकि व गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि राजापुर को आपस में जोड़ने के लिए विकास कराने व यहां एयरपोर्ट सेवा शुरू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से शूकरक्षेत्र वासी आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि तमाम पौराणिक ग्रंथों व देश के जाने माने हिंदी संस्कृत विद्वानों ने शूकरक्षेत्र को ही तुलसी जन्मभूमि सिद्ध किया है।
धर्मयात्रा महासंघ समेत अन्य संगठनों ने जताई नाराजगी
सोरों। धर्मयात्रा महासंघ ने प्रदेश शासन को भेजे गए पत्र में तुलसी जन्मभूमि के नाम पर राजापुर का विकास कराए जाने की मुख्यमंत्री की घोषणा पर नाराजगी जाहिर की है। महासंघ के अध्यक्ष राजीव बरबारिया ने पत्र के साथ तुलसी जन्मभूमि के साक्ष्य संलग्न कर प्रदेश सरकार से वास्तविक तुलसी जन्मभूमि सोरों को विकास कराए जाने की मांग की है। मांग करने वालों में राधा किशन, विजय , विनोद दीक्षित, नीरज उपाध्याय, गोपाल आदि शामिल हैं। वहीं समाजवादी प्रबुद्ध सभा के जिलाध्यक्ष मोहित चतुर्वेदी ने प्रदेश सरकार के निर्णय का विरोध किया। विहिप तुलसी मेला समिति के अध्यक्ष पं. हेमेंद्र शास्त्री का कहना है कि किसी भी स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना चित्रकूट को रामजी की लीलास्थली के रूप में विकास करना प्रशंसनीय कदम है।
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जिला उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर चित्रकूट में महर्षि वाल्मीकि व गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि राजापुर को आपस में जोड़ने के लिए विकास कराने व यहां एयरपोर्ट सेवा शुरू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से शूकरक्षेत्र वासी आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि तमाम पौराणिक ग्रंथों व देश के जाने माने हिंदी संस्कृत विद्वानों ने शूकरक्षेत्र को ही तुलसी जन्मभूमि सिद्ध किया है।
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धर्मयात्रा महासंघ समेत अन्य संगठनों ने जताई नाराजगी
सोरों। धर्मयात्रा महासंघ ने प्रदेश शासन को भेजे गए पत्र में तुलसी जन्मभूमि के नाम पर राजापुर का विकास कराए जाने की मुख्यमंत्री की घोषणा पर नाराजगी जाहिर की है। महासंघ के अध्यक्ष राजीव बरबारिया ने पत्र के साथ तुलसी जन्मभूमि के साक्ष्य संलग्न कर प्रदेश सरकार से वास्तविक तुलसी जन्मभूमि सोरों को विकास कराए जाने की मांग की है। मांग करने वालों में राधा किशन, विजय , विनोद दीक्षित, नीरज उपाध्याय, गोपाल आदि शामिल हैं। वहीं समाजवादी प्रबुद्ध सभा के जिलाध्यक्ष मोहित चतुर्वेदी ने प्रदेश सरकार के निर्णय का विरोध किया। विहिप तुलसी मेला समिति के अध्यक्ष पं. हेमेंद्र शास्त्री का कहना है कि किसी भी स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना चित्रकूट को रामजी की लीलास्थली के रूप में विकास करना प्रशंसनीय कदम है।
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